यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण व्यापारिक आंकड़ों के जारी होने से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो की स्थिति में हल्का सुधार देखा जा रहा है। यूरो और ब्रिटिश पाउंड के विनिमय दर में मजबूती आई है और यह जोड़ी 0.8580 के स्तर तक पहुंच गई है। हालांकि, हालिया कारोबारी दायरे के लिहाज से यह अब भी मध्य स्तर के आसपास बनी हुई है। बाजार भागीदार इस समय दोनों क्षेत्रों की कारोबारी गतिविधियों और विकास दर से संबंधित प्राथमिक क्रय प्रबंधक सूचकांक यानी पीएमआई रिपोर्ट पर बारीक नजर रखे हुए हैं।
यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की कारोबारी गतिविधियों का विश्लेषण
यूरोपीय संघ के आगामी पीएमआई आंकड़ों से कारोबारी गतिविधियों में स्थिरता के संकेत मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके विपरीत, ब्रिटेन के पीएमआई आंकड़े अगस्त के महीने में सुस्ती की ओर इशारा कर रहे हैं। यूरोज़ोन में जर्मनी की रिपोर्ट को सबसे अहम माना जा रहा है, जहां विनिर्माण क्षेत्र में ठोस विकास और सेवा क्षेत्र में सीमित सुधार का अनुमान है। जर्मनी का सेवा क्षेत्र पिछले पांच महीनों के लगातार संकुचन के बाद अगस्त में स्थिर होने की उम्मीद की जा रही है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट से भी यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्थाओं को राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर $95.00 प्रति बैरल पर आ गया है, जो पिछले सप्ताह के उच्चतम स्तर की तुलना में $10 से भी अधिक कम है। तेल आयातक यूरोपीय देशों के लिए ऊर्जा लागत में यह कमी मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने में सहायक साबित हो सकती है। साथ ही यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों ने भी साझा मुद्रा यूरो को कुछ सहारा दिया है।
जर्मनी और फ्रांस के राजनीतिक तथा वित्तीय संकट
यूरो मुद्रा में खरीदारी करने वाले निवेशक अब भी यूरोप के बड़े देशों की आंतरिक परिस्थितियों को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। जर्मनी में पिछले सप्ताहांत हुए राज्य चुनावों के खराब नतीजों के बाद चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे देश में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इस राजनीतिक अस्थिरता के कारण नीतिगत सुधारों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
दूसरी ओर फ्रांस के सार्वजनिक ऋण का स्तर 1978 के बाद से अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। बढ़ते कर्ज के इस स्तर ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का ध्यान खींचा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कर्ज के प्रबंधन पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति एक गंभीर वित्तीय साख संकट का रूप ले सकती है। यही कारण है कि यूरोज़ोन की साझा मुद्रा पर आंतरिक आर्थिक और राजनीतिक दबाव भी लगातार बना हुआ है।
एशियाई सत्र में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर का दबदबा बरकरार है, जिसका असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर साफ देखा जा सकता है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी नए बिकवाली दबाव में आकर बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 0.7100 के स्तर का परीक्षण कर रही है। ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र संकुचन के दायरे में फिसल गया है, जबकि सेवा क्षेत्र लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार कर रहा है। फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के कारण डॉलर में आई तेजी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गिरावट को और तेज कर दिया है।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर बुधवार को एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर के आसपास बना रहा, जो पिछले शुक्रवार को छूए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के कदम के तहत अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो व्यापक बाजार की अपेक्षाओं के अनुकूल रहा। हालांकि, केंद्रीय बैंक के नरम रुख वाले दृष्टिकोण ने जापानी येन पर दबाव बनाए रखा है, जबकि संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंका डॉलर की बढ़त को सीमित कर रही है।
सोने की चाल, क्रिप्टो बाजार और राजनयिक शिखर सम्मेलन
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। पिछले दिन $4,300 से नीचे के स्तर से आई तेज रिकवरी के बाद, बुधवार को एशियाई सत्र में सोने में फिर से बिकवाली शुरू हो गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त ब्याज दर दृष्टिकोण के चलते अमेरिकी डॉलर 30 जुलाई के बाद के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बिना ब्याज वाली इस पीली धातु पर दबाव बढ़ गया है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कार्डानो (ADA) अपनी तेजी का रुख जारी रखे हुए है। चालू सप्ताह में 14% से अधिक की बढ़त हासिल करने के बाद यह टोकन $0.262 से ऊपर कारोबार कर रहा है। ओपन इंटरेस्ट में बढ़ोतरी, सकारात्मक फंडिंग दर और बड़े निवेशकों द्वारा खरीदारी के स्पष्ट संकेतों से इस तेजी को समर्थन मिल रहा है। डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि यदि खरीदारी की गति बनी रही तो कार्डानो आने वाले सत्रों में नए स्तर छू सकता है।
राजनयिक मोर्चे पर, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वॉशिंगटन में एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में मुलाकात करने वाले हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव में महीनों से चल रही नरमी के बाद, यह बैठक तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने संघर्ष विराम को आगे बढ़ाएंगी या अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगी। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता का एक दौर भी संपन्न हो गया है, जिसे बाजारों ने फिलहाल बिना किसी खास प्रतिक्रिया के स्वीकार कर लिया है।

















