6 सितंबर 2026 को देश में सोने के दाम लगातार दूसरे दिन टिके रहे, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक बुलियन बाजार में हलचल बनी रही।
24, 22 और 18 कैरेट सोने के आज के भाव
24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए 1,54,800 रुपये और 100 ग्राम के लिए 15,48,000 रुपये पर स्थिर रहा। 22 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए 1,41,900 रुपये और 100 ग्राम के लिए 14,19,000 रुपये पर बना रहा, जबकि 18 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 1,16,100 रुपये और 100 ग्राम के लिए 11,61,000 रुपये दर्ज किया गया।
आमतौर पर 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, इसलिए इसे ज्यादातर निवेश के मकसद से खरीदा जाता है, जबकि 22 और 18 कैरेट सोने में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे यह जूलरी बनाने के लिहाज से ज्यादा मजबूत और किफायती हो जाता है।
यह ठहराव एक दिन पहले आई तेज गिरावट के बाद आया है। शनिवार, 5 सितंबर 2026 को 24 कैरेट सोना 100 ग्राम पर 18,600 रुपये यानी 10 ग्राम पर 1,860 रुपये टूटा था, जबकि 22 कैरेट सोना 100 ग्राम पर 17,000 रुपये यानी 10 ग्राम पर 1,700 रुपये फिसला था। इसके बावजूद महीने के पहले हफ्ते में 24, 22 और 18 कैरेट सोना अब भी 0.5% की बढ़त पर बना हुआ है।
चांदी के भाव भी नहीं बदले
6 सितंबर को चांदी भी सोने की तरह थमी रही। एक किलो चांदी 2.50 लाख रुपये की, 100 ग्राम 25,000 रुपये की, 10 ग्राम 2,500 रुपये की, 8 ग्राम 2,000 रुपये की और 1 ग्राम चांदी 250 रुपये की बिक रही है।
सोने से उलट, चांदी में सितंबर के पहले हफ्ते की शुरुआत से अब तक कोई हलचल नहीं दिखी है और यह लगातार सात दिनों से एक ही स्तर पर सपाट बनी हुई है।
पिछले हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, शुरुआत में भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर पड़ते डॉलर ने बुलियन को सहारा दिया था। लेकिन जल्द ही अमेरिका-ईरान विवाद और गहरा गया, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर अमेरिका के ताजा हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत पर पलटवार कर दिया, जिससे बाजार में एक असामान्य प्रतिक्रिया देखने को मिली।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस इलाके में किसी भी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। इस पलटवार से सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर फायदा मिलने के बजाय कच्चे तेल की कीमतें उछल गईं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई और कारोबारियों ने सितंबर में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी पर दांव और मजबूत कर दिया। बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और मजबूत होते डॉलर ने सुरक्षित निवेश की मांग को पीछे छोड़ दिया, जिससे सोने-चांदी दोनों में तेज गिरावट आई। वैश्विक बाजार में सोना पूरे हफ्ते में 1% से ज्यादा टूटा, क्योंकि निवेशकों ने फेड की सख्त नीति की उम्मीदें और बढ़ा दीं।
इस हफ्ते सोने-चांदी पर किन बातों का असर पड़ेगा
पोनमुडी का कहना है कि आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजार अमेरिका के महंगाई आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की नीति से जुड़े संकेतों, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और मध्य-पूर्व में होने वाली घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा। अगस्त के अमेरिकी रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदें फिर तेज हो गई हैं, जिससे सोने-चांदी पर दबाव और बढ़ गया है, क्योंकि ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर की वजह से बिना ब्याज देने वाली धातुओं का आकर्षण कम हो जाता है। अमेरिका के पीपीआई और सीपीआई आंकड़े महंगाई के रुझान की पुष्टि के लिए करीब से देखे जाएंगे, क्योंकि इसके बाद 15-16 सितंबर को फेड की नीतिगत बैठक होनी है।
वहीं पश्चिम एशिया में बना तनाव बुलियन को बीच-बीच में सहारा दे सकता है, हालांकि यह सुरक्षित निवेश वाली मांग डॉलर और यील्ड में होने वाले उतार-चढ़ाव के आगे कमजोर पड़ सकती है। अमेरिका-ईरान के बीच ताजा तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग को लेकर बने जोखिम की वजह से कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव बना रहने की आशंका है।
एमसीएक्स कारोबारियों के लिए रुपये का समीकरण
एमसीएक्स भारत का प्रमुख कमोडिटी वायदा बाजार है, जहां सोने-चांदी के सौदे रुपये में होते हैं, जबकि अमेरिका के कॉमेक्स बाजार में यही धातुएं डॉलर में कारोबार करती हैं। यही वजह है कि रुपये और डॉलर, दोनों की चाल इन दोनों बाजारों के भाव को प्रभावित करती है।
भारतीय निवेशकों के लिए पोनमुडी ने डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल को एक और अहम पहलू बताया, खासकर एमसीएक्स पर सोने-चांदी के सौदों के लिए। उनके मुताबिक अगर रुपया मजबूत होता है तो घरेलू बाजार में सोने-चांदी की बढ़त सीमित रह सकती है, भले ही अंतरराष्ट्रीय भाव मजबूत बने रहें। गौरतलब है कि रुपये ने पिछले पांच हफ्तों में अपना सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन दिखाया है, जिसे विदेशी मुद्रा के मजबूत प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक के लगातार समर्थन का साथ मिला है।
कॉमेक्स पर सोने-चांदी के अहम स्तर
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज़ के विश्लेषकों के मुताबिक दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा करीब 4,514.60 डॉलर पर बंद हुआ, जबकि कॉमेक्स पर सोना 4,500 डॉलर के अहम प्रतिरोध स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। अगर सोना इस स्तर के ऊपर टिककर बंद होता है तो तेजी और मजबूत हो सकती है और भाव 4,750 डॉलर तक जा सकते हैं। लेकिन अगर सोना इस प्रतिरोध के ऊपर नहीं टिक पाता तो मुनाफावसूली की वजह से भाव 4,300 डॉलर के सपोर्ट स्तर तक फिसल सकते हैं। चांदी को लेकर विश्लेषकों का कहना है कि यह कॉमेक्स पर 62 से 70 डॉलर की व्यापक रेंज में बनी रह सकती है, और अगर यह 70 डॉलर के ऊपर टिकती है तो तेजी का रुख और पुख्ता हो जाएगा।
आगे चलकर दोनों धातुओं की चाल अमेरिका के रोजगार और महंगाई के आंकड़ों, फेड की नीति से जुड़ी उम्मीदों, डॉलर की चाल और ट्रेजरी यील्ड पर टिकी रहेगी। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी सोने को सहारा देती रहेगी, जबकि औद्योगिक मांग की वजह से चांदी को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
एमसीएक्स पर आने वाले हफ्ते की रेंज
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज़ के विश्लेषकों के मुताबिक एमसीएक्स पर सोना आने वाले हफ्ते में 1,50,000 से 1,58,000 रुपये के बीच कारोबार कर सकता है, जबकि चांदी 2,28,000 से 2,48,000 रुपये के दायरे में रह सकती है। कुल मिलाकर बाजार का रुख दायरे में बने रहने वाला लेकिन थोड़ा सकारात्मक झुकाव लिए हुए है, हालांकि अमेरिका से आने वाला कोई बड़ा आंकड़ा बाजार में तेज उतार-चढ़ाव ला सकता है।


















