USD/JPY मुद्रा जोड़े में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखी गई और हालिया कारोबार के दौरान यह 159.34 के आसपास बना रहा। बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुझान बना हुआ है, क्योंकि मजबूत व्यापक आर्थिक परिस्थितियां जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का समर्थन कर रही हैं। निवेशक अमेरिका से जारी महंगाई के नए आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं, जिसने इन उम्मीदों को बल दिया है कि फ़ेडरल रिजर्व 2026 में कम से कम एक बार ब्याज दर बढ़ा सकता है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों के बड़े अंतर और टोक्यो के बिगड़ते वित्तीय संतुलन को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण जापानी येन पर दबाव बना हुआ है।
USD/JPY का तकनीकी परिदृश्य और प्रमुख फाइबोनैचि स्तर
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से, USD/JPY के व्यापारियों का ध्यान निकटतम तेजी के स्तरों पर है, जिसमें 159.65 के करीब स्थित 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर प्रमुख बाधा है। यदि कीमत इस स्तर को पार करने में सफल होती है, तो अगला लक्ष्य 160.66 पर 61.8% फाइबोनैचि स्तर और फिर 162.13 पर 78.6% रिट्रेसमेंट स्तर हो सकता है। यदि खरीदारी का यह सिलसिला जारी रहता है, तो यह जोड़ी 163.99 के हालिया उच्चतम स्तर को फिर से छू सकती है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY 159.34 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 159.22 के मुकाबले 0.07% की मामूली बढ़त दर्शाता है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 146.22 से 163.98 रहा है।
गिरावट की स्थिति में, पहला तकनीकी सहारा 158.90 पर 100-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज (SMA) पर स्थित है। इसके अलावा 158.60 पर 38.2% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर भी नीचे की ओर सहायता प्रदान करता है, जो मौजूदा तेजी के रुझान को मजबूती देता है। यदि बाजार में और गहरा सुधार आता है, तो 157.33 पर 23.6% फाइबोनैचि स्तर और फिर 155.27 के आसपास का मुख्य निचला स्तर देखने को मिल सकता है। तकनीकी संकेतक मजबूत रुझान का संकेत दे रहे हैं, जहां 14-अवधि का एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 42 पर है। वहीं 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 46 पर बना हुआ है, और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) का हिस्टोग्राम 0.12 का सकारात्मक संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज की स्थिति भी अनुकूल है, जहां 160.08 पर स्थित 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA), 157.71 पर स्थित 200-दिवसीय EMA के ऊपर बना हुआ है। अन्य प्रमुख स्तरों में दैनिक पिवट बिंदु 159.28, प्रतिरोध स्तर R1 159.45 व R2 159.57, तथा समर्थन स्तर S1 159.16 व S2 158.99 शामिल हैं, जबकि 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 1.00 दर्ज किया गया है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और फ़ेडरल रिजर्व की नीति
अमेरिकी डॉलर को मजबूती देने वाला मुख्य कारण अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े हैं। बुधवार को जारी आंकड़ों में महंगाई दर उम्मीद से थोड़ी अधिक रही, जिसने निवेशकों के बीच इस धारणा को मजबूत किया कि फ़ेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि फ़ेडरल रिजर्व 2026 के दौरान कम से कम एक बार ब्याज दर बढ़ा सकता है ताकि महंगाई को लंबे समय के लक्ष्य तक लाया जा सके। इस नीतिगत माहौल के कारण अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर प्रतिफल आकर्षक बना हुआ है, जिससे डॉलर संपत्तियों की मांग बनी हुई है।
निवेशक आगामी केंद्रीय बैंक सम्मेलनों पर भी नजर बनाए हुए हैं। केविन वॉर्श शुक्रवार को फ़ेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में अपना पहला जैक्सन होल भाषण देने की तैयारी कर रहे हैं। बाजार सहभागियों को उम्मीद है कि उनका भाषण केवल सितंबर की नीतिगत बैठक में दरों में बदलाव पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की मौद्रिक नीति की पूरी रूपरेखा पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
जापान की वित्तीय चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में येन की स्थिति
अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के विपरीत, जापानी येन को ढांचागत चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी फ़ेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ़ जापान के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर येन को कमजोर कर रहा है। इसके अतिरिक्त, जापान के बढ़ते बजटीय घाटे और सार्वजनिक ऋण के बोझ को लेकर बाजार की चिंताओं ने घरेलू मुद्रा में किसी भी टिकाऊ सुधार को बाधित किया है।
विदेशी मुद्रा बाजार के साप्ताहिक प्रदर्शन को देखें तो जापानी येन ने कैनेडियन डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD अपनी साप्ताहिक सीमा के निचले स्तर 1.3600 के नीचे बना रहा, जहां व्यापारी फ़ेडरल रिजर्व के भावी संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सख्त रुख के कारण EUR/USD थोड़ा बढ़कर 1.1655 के आसपास पहुंच गया। एशियाई सत्र के दौरान USD/KRW में 0.3% की गिरावट आई और यह 1,380 के करीब कारोबार करने लगा, जो बैंक ऑफ़ कोरिया द्वारा लगातार की गई ब्याज दर वृद्धियों के कारण 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में हलचल और वैश्विक वित्तीय माहौल
परंपरागत विदेशी मुद्रा बाजार के अलावा, डिजिटल संपत्ति बाजार में भी गुरुवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। बुधवार को अमेरिका का जुलाई पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स महंगाई में बढ़ोतरी का संकेत दे रहा था, फिर भी बिटकॉइन (BTC) $78,000 के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहा। ऊंचे PCE आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव बना हुआ है। अन्य क्रिप्टो संपत्तियों में, SPX6900 (SPX) और VeChain (VET) ने पिछले 24 घंटों के दौरान दोहरे अंकों में मजबूत बढ़त दर्ज की और शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं के रूप में उभरे।



















