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फेडरल रिजर्व के कड़े रुख से फिसले सोने और चांदी के दाम, डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबावबाज़ार
27 जून 2026, 10:46 am (45 दिन पहले)· 2

फेडरल रिजर्व के कड़े रुख से फिसले सोने और चांदी के दाम, डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव

अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों के बाद शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली सुधार देखा गया, लेकिन इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में साप्ताहिक आधार पर सोना 3% और चांदी 10% से अधिक टूट गई।

घरेलू कमोडिटी बाजार में इस कारोबारी सप्ताह के अंत में काफी महत्वपूर्ण और बड़ी हलचल देखी गई, जहां MCX पर सोने का वायदा भाव लगभग 1.44 लाख रुपये के स्तर पर बंद हुआ, जबकि चांदी का वायदा भाव करीब 2.22 लाख रुपये के स्तर पर थमा। हालांकि, हाजिर बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में लगातार सुधार दर्ज किया और वापसी की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद दोनों कीमती धातुएं पूरे कारोबारी सप्ताह को सकारात्मक बढ़त के साथ समाप्त करने में पूरी तरह नाकाम रहीं। अगर वैश्विक बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर कुल 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में इससे भी बड़ी और भारी गिरावट देखी गई, जहां इसके भाव में सप्ताह के दौरान 10 प्रतिशत से अधिक की बड़ी कमी दर्ज की गई।

महंगाई के आंकड़ों और डॉलर की स्थिति से मिली राहत

कीमती धातुओं की कीमतों में सप्ताह के आखिरी दिनों में जो थोड़ी राहत और सुधार देखने को मिला, उसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की वैल्यू में आई मामूली कमजोरी और गिरावट थी। डॉलर में यह गिरावट अमेरिकी PCE महंगाई रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के ठीक बाद दर्ज की गई, जिसके आंकड़े पूरी तरह से बाजार विश्लेषकों की उम्मीदों के अनुरूप ही सामने आए। महंगाई के आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहने से बाजार के भागीदारों को बड़ी राहत मिली, जिससे निवेशकों के बीच इस बात का डर काफी हद तक शांत हो गया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल के अंत में ब्याज दरों में बहुत आक्रामक तरीके से बढ़ोतरी करने का फैसला ले सकता है।

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फेडरल रिजर्व का कड़ा रुख और बाजार में उतार-चढ़ाव

हालांकि, महंगाई के इन आंकड़ों से बाजार को मिली इस फौरी राहत के बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नीतिगत रुख अब भी काफी कड़ा बना हुआ है और अमेरिकी डॉलर को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार मजबूत समर्थन मिल रहा है। डॉलर की यह मजबूती आने वाले समय में सोने और चांदी के बाजार की दिशा और दशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नियम के तौर पर, जब भी अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की चमक निवेशकों के लिए फीकी पड़ने लगती है क्योंकि ये संपत्तियां कोई नियमित ब्याज या यील्ड नहीं देती हैं। इसी वजह से कीमती धातुओं की कीमतों का रास्ता आने वाले दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव भरा और अस्थिर बना रहेगा।

फेड चेयरमैन का बयान और आर्थिक अनुमान

मार्केट ट्रैकिंग वेबसाइट ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार, फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन वॉरश ने देश में महंगाई को वापस पूरी तरह नियंत्रण में लाने की केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता को एक बार फिर से बहुत मजबूती से दोहराया है। उनके इस कड़े और स्पष्ट रुख ने बाजार की उन आशंकाओं को दूर करने का काम किया है कि वे ब्याज दरों में समय से पहले ही कटौती करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से बनाए जा रहे दबाव के आगे झुक सकते हैं। इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व ने साल 2026 के लिए अपने PCE महंगाई के अनुमानों को भी पहले से बढ़ा दिया है। इससे पहले, मई के महीने में मुख्य PCE महंगाई दर तेज रफ्तार से बढ़कर 4.1 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई थी।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें और हाजिर बाजार का हाल

वर्तमान में वित्तीय बाजार और निवेशक इस साल फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कुल तीन बार बढ़ोतरी किए जाने की संभावना जता रहे हैं, जिसमें से पहली ब्याज दर बढ़ोतरी सितंबर के महीने में किए जाने की उम्मीद लगभग 62 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है। इन सभी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच, शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना लगभग 2,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जो लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में आई मामूली बढ़त को दर्शाता है। हालांकि, सप्ताह के अंतिम दौर में आई यह तेजी सोने की बड़ी साप्ताहिक गिरावट की भरपाई करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई, और पूरे सप्ताह के लिहाज से सोने का भाव लगभग 3 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। यह सोने की कीमतों में दर्ज की गई लगातार चौथे सप्ताह की गिरावट है, क्योंकि फेड के कड़े नीतिगत रुख के कारण डॉलर को लगातार मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।

सवाल-जवाब

सप्ताह के अंत में सोने की कीमतों में मामूली सुधार क्यों देखा गया?
सोने की कीमतों में मामूली सुधार इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिकी PCE महंगाई रिपोर्ट बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रही, जिससे डॉलर में हल्की गिरावट आई और आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी का डर कम हुआ।
MCX पर सोने और चांदी के बंद भाव क्या थे?
MCX पर सोने का वायदा भाव लगभग 1.44 लाख रुपये और चांदी का भाव करीब 2.22 लाख रुपये पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी का साप्ताहिक प्रदर्शन कैसा रहा?
वैश्विक बाजार में सोने में साप्ताहिक आधार पर 3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि अंतरराष्ट्रीय चांदी में 10 प्रतिशत से अधिक की भारी कमी दर्ज की गई।
फेड चेयरमैन वॉरश के तहत फेडरल रिजर्व का महंगाई पर क्या रुख है?
फेड चेयरमैन वॉरश ने महंगाई को नियंत्रित करने की कड़क प्रतिबद्धता जताई है और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा समय से पहले ब्याज दरें घटाने के राजनीतिक दबाव को खारिज किया है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर बाजार का मौजूदा अनुमान क्या है?
बाजार इस साल दरों में कुल तीन बार बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है, जिसमें से पहली बढ़ोतरी सितंबर में होने की संभावना लगभग 62 प्रतिशत आंकी गई है।
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