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मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच सोने की कीमतों में भारी अस्थिरता, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निवेशकों की नजरबाज़ार
23 जुल॰ 2026, 2:12 am (1 घंटे पहले)· 0

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच सोने की कीमतों में भारी अस्थिरता, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निवेशकों की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य टकराव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की चिंताओं ने वैश्विक बाजारों को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी कीमतों पर दबाव बना रही है।

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तकनीकी विश्लेषण22 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GC अभी $4,122 पर है, जबकि EMA20 $4,096, EMA50 $4,249 और EMA200 $4,269 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($4,249) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($4,269) टूटने पर गिरावट खुलती है।

वैश्विक वित्तीय बाजार वर्तमान में भू-राजनीतिक तनाव और व्यापक आर्थिक नीतिगत बदलावों के एक बेहद जटिल दौर से गुजर रहे हैं। सोना, जिसे सार्वभौमिक रूप से एक प्रमुख और सुरक्षित निवेश माना जाता है, इस समय भारी उथल-पुथल का सामना कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव में नाटकीय रूप से वृद्धि के कारण यह मूल्यवान धातु एक तरह की रस्साकशी में फंसी हुई है। एक तरफ, मध्य पूर्व में एक बड़े संघर्ष की आशंकाओं के बीच निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए बुलियन की ओर भाग रहे हैं। दूसरी ओर, मजबूत होता अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में हो रही लगातार बढ़ोतरी गैर-उपज वाले इस एसेट पर नीचे की ओर भारी दबाव डाल रही है। लाइव मार्केट डेटा इस तीव्र अस्थिरता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। गोल्ड फ्यूचर्स (GC=F) वर्तमान में लगभग 4,122 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो 4,071 डॉलर के पिछले बंद स्तर से 1.24 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। यह महत्वपूर्ण मूल्य कार्रवाई फेडरल रिजर्व के कड़े नीतिगत फैसलों और वैश्विक महंगाई की चिंताओं की पृष्ठभूमि में सामने आ रही है।

मध्य पूर्व में तनाव और ऊर्जा बाजार की चिंताएं

सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाला सबसे प्रमुख तात्कालिक कारक मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया शत्रुता ने एक बार फिर से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए गंभीर खतरे पैदा कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच शुरू हुआ संघर्ष विराम महज कुछ ही समय तक टिक सका और नौ दिन पहले यह पूरी तरह से टूट गया। इस संघर्ष विराम के टूटने के बाद से सैन्य कार्रवाइयों में भारी तेजी आई है। अमेरिकी सेना ने लगातार नौवें दिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास विभिन्न सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है।

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स्थिति को और अधिक जटिल बनाते हुए अंसार अल्लाह नामक एक राजनीतिक और सैन्य संगठन ने सऊदी अरब पर नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। इस संगठन के तार सीधे तौर पर ईरान से जुड़े हुए हैं। इस नौसैनिक नाकेबंदी ने पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर भारी दहशत पैदा कर दी है। ऊर्जा बाजार इन घटनाक्रमों पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं क्योंकि किसी भी तरह की आपूर्ति बाधा से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। तेल की कीमतों में यह संभावित उछाल सीधे तौर पर वैश्विक महंगाई को फिर से भड़का सकता है। यही महंगाई का डर है जो सोने की कीमतों को आधार प्रदान कर रहा है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से निवेशकों ने मुद्रास्फीति से बचाव के लिए सोने को सबसे भरोसेमंद साधन माना है।

फेडरल रिजर्व की नीतियां और ब्याज दरों का दबाव

भू-राजनीतिक चिंताओं के साथ-साथ अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतियां भी धातु बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मूल्य को मापता है, 0.19 प्रतिशत बढ़कर 100.94 के स्तर पर पहुंच गया है। मजबूत डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए सोने को अधिक महंगा बना देता है, जिससे मांग में कमी आती है। इसके अतिरिक्त, दस वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में भी काफी वृद्धि देखी जा रही है क्योंकि बाजार इस साल के अंत तक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावनाओं को पचाने की कोशिश कर रहा है।

फेडरल रिजर्व के शीर्ष अधिकारियों के हालिया बयानों ने इन आशंकाओं को और बल दिया है। पिछले सप्ताह फेडरल रिजर्व के वाइस चेयर फिलिप जेफरसन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि महंगाई को कम करने की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं होती है, तो वह ब्याज दरों को और बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके अलावा क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने भी लगातार बनी हुई उच्च महंगाई दर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा कि महंगाई अभी भी बहुत अधिक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि श्रम बाजार काफी मजबूत स्थिति में है, आर्थिक विकास अच्छा है, और उपभोक्ता खर्च स्थिर बना हुआ है। अब फेडरल रिजर्व की मौन अवधि (ब्लैकआउट पीरियड) शुरू हो गई है, जिसका अर्थ है कि नीति निर्माता सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं देंगे। इस कारण बाजार के प्रतिभागी अब भविष्य की दिशा का अनुमान लगाने के लिए पूरी तरह से आगामी रोजगार डेटा और PMIs रिपोर्टों पर निर्भर हैं।

लाइव तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख मूल्य स्तर

तकनीकी मोर्चे पर सोने का बाजार कई दिलचस्प संकेत दे रहा है। 4,122 डॉलर के मौजूदा स्तर पर, ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिन के औसत से 15.93 गुना अधिक दर्ज किया गया है, जो इस समय बाजार में निवेशकों की भारी भागीदारी को दर्शाता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 14-दिन की अवधि के लिए 49 पर है। यह एक तटस्थ स्तर है जो बताता है कि बाजार फिलहाल न तो ओवरबॉट (अत्यधिक खरीदा हुआ) स्थिति में है और न ही ओवरसोल्ड (अत्यधिक बेचा हुआ) स्थिति में है। हालांकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) एक अलग कहानी बयां कर रहा है। MACD लाइन -59.69 पर है, जो -76.57 की सिग्नल लाइन से ऊपर है। यह 16.88 का एक सकारात्मक हिस्टोग्राम बनाता है, जो अल्पावधि में तेजड़ियों (खरीदारों) के पक्ष में गति का संकेत देता है।

लंबी अवधि के तकनीकी संकेतक अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मूल्य चार्ट एक स्पष्ट लंबी अवधि के डाउनट्रेंड को प्रदर्शित करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चार्ट पर एक 'डेथ क्रॉस' बन गया है, जहां 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 4,249 डॉलर पर है, जो 200-दिवसीय EMA (4,269 डॉलर) से नीचे खिसक गया है। इसी तरह 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 4,280 डॉलर पर और 200-दिवसीय SMA 4,477 डॉलर पर स्थित है। सोने की कीमतें 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड के भीतर कारोबार कर रही हैं, जिसका निचला बैंड 3,958 डॉलर, ऊपरी बैंड 4,165 डॉलर और मध्य रेखा 4,062 डॉलर पर है। 14-दिन का एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 35 पर है, जो एक स्थापित ट्रेंड की पुष्टि करता है। दिन-प्रतिदिन की अस्थिरता को मापने वाला एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 77.39 पर है, जिसका उपयोग ट्रेडर अपने स्टॉप-लॉस बफर को सेट करने के लिए कर सकते हैं।

आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण स्तर स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं। वर्तमान पिवट पॉइंट 4,116 डॉलर पर है। ऊपर की ओर पहला प्रतिरोध (R1) 4,151 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध (R2) 4,181 डॉलर पर देखा जा रहा है। यदि बाजार इन स्तरों को पार करता है, तो 4,291 डॉलर पर 50-दिवसीय SMA और फिर 4,495 डॉलर पर 200-दिवसीय SMA अगले लक्ष्य होंगे। इसके विपरीत नीचे की ओर पहला समर्थन (S1) 4,086 डॉलर और दूसरा समर्थन (S2) 4,051 डॉलर पर है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और कीमत 3,959 डॉलर के हालिया निचले स्तर को तोड़ती है, तो बाजार 3,900 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर गिर सकता है, और उसके बाद 3,886 डॉलर का स्तर परीक्षण के लिए खुल जाएगा। इस संपत्ति का 52-सप्ताह का दायरा 3,264 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है।

मुद्रा बाजारों में व्यापक प्रभाव

मध्य पूर्व के तनाव और मजबूत डॉलर का असर केवल कमोडिटी बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विदेशी मुद्रा बाजारों में भी भारी उतार-चढ़ाव पैदा कर रहा है। जोखिम वाले एसेट इस समय भारी दबाव में हैं। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अतिरिक्त बिकवाली के दबाव में आ गया है और सप्ताह की शुरुआत में 1.3420 के आसपास कई दिनों के निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी-ईरान संघर्ष के घटनाक्रमों का आकलन कर रहे निवेशकों के कारण डॉलर को मिल रहे समर्थन ने केबल (GBP/USD) की गिरावट को और गहरा कर दिया है। बाजार अब मंगलवार को आने वाली यूके रोजगार रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जो पाउंड की अगली दिशा तय कर सकती है।

इसी तरह यूरो (EUR/USD) में भी मंदी का रुझान मजबूती से कायम है। यह मुद्रा जोड़ा 1.1400 के क्षेत्र की ओर वापस खिसक गया है, जहां पहले कुछ शुरुआती समर्थन देखने को मिला था। सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के शानदार प्रदर्शन ने पूरे जोखिम परिसर को रक्षात्मक मुद्रा में धकेल दिया है। यूरो जोन के निवेशकों की नजरें अब यूरोजोन और जर्मनी में जारी होने वाले ZEW इकोनॉमिक सेंटीमेंट डेटा पर टिकी हैं, जो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति की ताजा तस्वीर पेश करेगा। डॉलर का यह मजबूत व्यवहार सोने की कीमतों को नियंत्रित रखने का काम कर रहा है, क्योंकि दोनों के बीच एक ऐतिहासिक विपरीत संबंध है।

केंद्रीय बैंक और सोने का ऐतिहासिक महत्व

अल्पावधि की अस्थिरता के बावजूद सोने का दीर्घकालिक मौलिक आधार बेहद मजबूत बना हुआ है। मानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के भंडार और विनिमय के माध्यम के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में, आभूषणों में इसके उपयोग के अलावा, इस कीमती धातु को व्यापक रूप से एक 'सुरक्षित निवेश' (सेफ हेवन एसेट) के रूप में देखा जाता है। इसका सीधा अर्थ है कि उथल-पुथल के समय में इसे निवेश का एक बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है। सोना किसी विशिष्ट जारीकर्ता या सरकार पर निर्भर नहीं करता है, यही कारण है कि इसे मुद्रास्फीति और गिरती मुद्राओं के खिलाफ एक बेहतरीन बचाव (हेज) के रूप में देखा जाता है।

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक इस धातु के सबसे बड़े धारक हैं। अशांत समय में अपनी अर्थव्यवस्थाओं और मुद्राओं को समर्थन देने के उद्देश्य से, केंद्रीय बैंक अक्सर अपने भंडार में विविधता लाते हैं। सोने की भारी खरीदारी उनकी अर्थव्यवस्था और मुद्रा की कथित ताकत को बेहतर बनाने में मदद करती है। किसी भी देश के पास उच्च स्वर्ण भंडार उसकी शोधनक्षमता (सॉल्वेंसी) के लिए विश्वास का एक बड़ा स्रोत होता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसका मूल्य लगभग 70 बिलियन डॉलर था। जब से रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ है, तब से यह एक वर्ष में की गई सबसे बड़ी खरीदारी है। चीन, भारत और तुर्की जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक विशेष रूप से अपने स्वर्ण भंडार को बहुत तेजी से बढ़ा रहे हैं, जो एक बहुध्रुवीय वित्तीय विश्व की ओर इशारा करता है।

सवाल-जवाब

वर्तमान में सोने (Gold) की कीमत क्या चल रही है?
लाइव डेटा के अनुसार, गोल्ड फ्यूचर्स (GC=F) लगभग 4,122 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर से 1.24% की वृद्धि दर्शाता है।
मध्य पूर्व के तनाव का सोने पर क्या असर हो रहा है?
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों और सऊदी अरब पर अंसार अल्लाह की नौसैनिक नाकेबंदी ने ऊर्जा संकट का डर पैदा कर दिया है, जिससे सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ रही है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने को कैसे प्रभावित करती है?
सोने और अमेरिकी डॉलर के बीच विपरीत संबंध होता है। जब डॉलर (DXY) मजबूत होता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव पड़ता है।
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने ब्याज दरों पर क्या कहा है?
फेडरल रिजर्व के वाइस चेयर फिलिप जेफरसन और क्लीवलैंड फेड की बेथ हैमैक ने उच्च महंगाई पर चिंता जताते हुए संकेत दिया है कि यदि महंगाई कम नहीं हुई तो ब्याज दरें और बढ़ाई जा सकती हैं।
केंद्रीय बैंक सोना क्यों खरीद रहे हैं?
चीन, भारत और तुर्की जैसे देशों के केंद्रीय बैंक अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने और मुद्रास्फीति से बचने के लिए अपने भंडार में विविधता ला रहे हैं। 2022 में उन्होंने रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था।
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