ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में चांदी की कीमतों में तेजी का रुख देखा जा रहा है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के जैक्सन होल सम्मेलन में होने वाले भाषण से पहले बुलियन मार्केट में सतर्कता और मजबूती दोनों का माहौल है। हाजिर बाजार में चांदी 2.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71.46 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 69.43 डॉलर था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कीमती धातुओं में हालिया उछाल काफी हद तक शॉर्ट कवरिंग की वजह से आया है, न कि आक्रामक नए लॉन्ग सौदों के कारण। इसका सीधा मतलब यह है कि निवेशकों की स्थिति अभी बहुत ज्यादा खिंची हुई नहीं है और यदि मैक्रोइकॉनॉमिक संकेत अनुकूल रहते हैं तो बाजार में और पोजिशनिंग बनने की पूरी गुंजाइश मौजूद है।
लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन का गणित तथा ओसीबी का नजरिया
ओसीबी के विश्लेषकों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के दौरान चांदी की कीमतों में एक दायराबद्ध मजबूती यानी कंसोलिडेशन देखा गया है। दैनिक चार्ट पर हल्का बुलिश मोमेंटम अभी भी बरकरार है, हालांकि इसमें सुस्ती के कुछ शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं। इसके साथ ही रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 69 के स्तर पर पहुंच गया है, जो ओवरबॉट स्थिति के बेहद करीब है। ऐसे में बाजार में उच्च स्तरों पर थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में आगे और बड़ी तेजी देखने के लिए अमेरिकी डॉलर सूचकांक और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, जब तक चांदी 70.60 डॉलर से 72.00 डॉलर के मजबूत रेजिस्टेंस क्षेत्र को निर्णायक रूप से पार नहीं करती, तब तक एक साफ और टिकाऊ तेजी का विस्तार होना मुश्किल होगा। यदि कीमती धातु इस रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर टिकने में सफल रहती है, तो यह इस बात की मजबूत पुष्टि होगी कि रिकवरी की यह चाल अभी और आगे जा सकती है।
तकनीकी स्तर और 80.30 डॉलर का अगला लक्ष्य
तकनीकी चार्ट का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 70.60 से 72.00 डॉलर के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर एक टिकाऊ ब्रेकआउट मिलने पर चांदी की कीमतें अगले प्रमुख तकनीकी लक्ष्य 80.30 डॉलर की तरफ बढ़ सकती हैं। यह स्तर वर्ष 2026 के उच्चतम और न्यूनतम स्तर के बीच का 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर है। बाजार में इस स्तर को एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी तरफ, गिरावट की स्थिति में चांदी के लिए पहला मजबूत सपोर्ट 61.30 डॉलर से 62.00 डॉलर के क्षेत्र में स्थित है, जहां 21-दिवसीय और 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज मौजूद हैं। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो नीचे की ओर 54.00 से 55.00 डॉलर का स्तर अंतिम सहारा होगा, जो 2026 का निचला स्तर भी है। यदि कीमतें 54.00 डॉलर के इस निचले स्तर से नीचे टूटती हैं, तो मौजूदा रिकवरी का पूरा ढांचा खारिज हो जाएगा और बाजार में फिर से मंदी का रुझान हावी हो सकता है।
लाइव तकनीकी संकेतकों की बात करें तो MACD 2.32 के स्तर पर है, जो सिग्नल लाइन 1.77 से ऊपर है और 0.55 का बुलिश हिस्टोग्राम दर्शा रहा है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के तहत 20 EMA 66.03 डॉलर, 50 EMA 64.94 डॉलर और 200 EMA 65.32 डॉलर पर बना हुआ है। वहीं 50-दिवसीय SMA 61.72 डॉलर और 200-दिवसीय SMA 71.57 डॉलर पर है। 52 हफ्तों के दौरान चांदी का निचला स्तर 38.68 डॉलर और उच्चतम स्तर 121.30 डॉलर रहा है, जबकि दैनिक आधार पर 1.75 डॉलर की वोलेटिलिटी देखी जा रही है।
ग्लोबल करेंसी मार्केट: GBP/USD और EUR/USD की स्थिति
कमोडिटी बाजार के अलावा विदेशी मुद्रा बाजार में भी हलचल तेज है। एशियाई व्यापारिक घंटों के दौरान ब्रिटिश पाउंड यानी GBP/USD लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद थोड़ा संभलकर 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि, पाउंड के सामने आने वाले दिनों में रुकावटें आ सकती हैं। हाल ही में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट के कारण मुद्रास्फीति की तात्कालिक चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं। इसके चलते मुद्रा बाजार ने बैंक ऑफ इंग्लैंड यानी BoE द्वारा अगली ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों को साल 2026 के अंत से खिसकाकर 2027 की शुरुआत तक टाल दिया है।
दूसरी ओर, यूरो यानी EUR/USD में मामूली मजबूती दर्ज की गई है। पिछले दिन हल्के सुधार के बाद एशियाई सत्र में यूरो 1.1650 के करीब कारोबार कर रहा है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक यानी ECB के सख्त मौद्रिक नीति रुख और हॉकिश आउटलुक के कारण यूरो को निचले स्तरों पर अच्छा सहारा मिल रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
जैक्सन होल में फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श का संबोधन
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजरें इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श पर टिकी हुई हैं। केविन वॉर्श शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में अपना पहला जैक्सन होल भाषण देने जा रहे हैं। 27 अगस्त से 29 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रसिद्ध जैक्सन होल संगोष्ठी का आधिकारिक विषय 'फाइनेंशियल इनोवेशन: इम्प्लीकेशंस फॉर पेमेंट्स एंड पॉलिसी' रखा गया है।
निवेशकों और बाजार सहभागियों की उम्मीदें केवल इस सवाल तक सीमित नहीं हैं कि सितंबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में कटौती होगी या उन्हें स्थिर रखा जाएगा। बाजार यह भी समझना चाहता है कि आने वाले समय में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का ढांचा क्या होगा और अमेरिकी केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को किस दिशा में ले जाने की योजना बना रहा है। यही वजह है कि भाषण से ठीक पहले चांदी और डॉलर इंडेक्स दोनों में कारोबारी सतर्कता बरत रहे हैं।



















