सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ने बी.एड पाठ्यक्रम में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि प्रवेश परीक्षा में शामिल न होने वाले छात्र भी बी.एड की बची हुई सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। मंडी और कुल्लू जिलों के संबद्ध 12 बी.एड कॉलेजों में रिक्त पड़ी 370 सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में ओपन काउंसलिंग आयोजित की जा रही है। जिन अभ्यर्थियों ने इस सत्र की प्रवेश परीक्षा नहीं दी थी, वे भी अब आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के आधार पर इन सीटों के लिए दावेदारी पेश कर सकते हैं।
ओपन काउंसलिंग का शेड्यूल और पात्रता नियम
विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह ओपन काउंसलिंग 31 अगस्त और 1 सितंबर को सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के मुख्य परिसर में आयोजित की जाएगी। इससे पूर्व की व्यवस्था के तहत केवल वही छात्र काउंसलिंग में भाग ले सकते थे जिन्होंने आधिकारिक प्रवेश परीक्षा दी थी। हालांकि बची हुई 370 सीटों पर योग्य उम्मीदवारों का दाखिला सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस बार प्रवेश परीक्षा की अनिवार्य शर्त को पूरी तरह से हटा दिया गया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथियों पर अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ स्वयं विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित होना होगा।
सीटों का गणित और दो दौर की काउंसलिंग का आंकड़ा
सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध मंडी और कुल्लू जिलों के 12 बी.एड कॉलेजों में कुल 1450 सीटें स्वीकृत हैं। कुल सीटों में से 150 सीटें मैनेजमेंट कोटे के तहत आरक्षित हैं, जबकि शेष 1300 सीटों पर सामान्य काउंसलिंग के जरिए प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाती है। विश्वविद्यालय द्वारा अब तक दो दौर की काउंसलिंग संपन्न कराई जा चुकी है, जिसके माध्यम से कुल 930 सीटें भरी गई हैं। दो चरणों के समापन के पश्चात भी 370 सीटें रिक्त रह गईं, जिन्हें भरने के लिए ओपन काउंसलिंग का रास्ता चुना गया है।
विश्वविद्यालय की स्थिति और अभ्यर्थियों को अवसर
हिमाचल प्रदेश की पूर्व जयराम सरकार के दौरान स्थापित सरदार पटेल यूनिवर्सिटी का मुख्य परिसर मंडी जिले के नेरचौक क्षेत्र के समीप स्थित है। यह विश्वविद्यालय मंडी तथा कुल्लू जिलों के कई उच्च शिक्षण संस्थानों का संचालन व प्रबंधन करता है। प्रवेश परीक्षा की शर्त हटने से क्षेत्र के उन सैकड़ों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है जो किसी कारणवश पूर्व में आयोजित प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए थे और अपना शैक्षणिक सत्र गंवाने की आशंका से चिंतित थे।



















