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ईसीबी और अमेरिकी पीपीआई आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की नजर, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव जारीबाज़ार
9 सित॰ 2026, 11:09 pm (2 घंटे पहले)· 2

ईसीबी और अमेरिकी पीपीआई आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की नजर, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी

यूरोपीय सेंट्रल बैंक और अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले वैश्विक मुद्रा बाजारों में सुस्ती और सतर्कता बनी हुई है। डॉलर में कमजोरी के बीच विभिन्न मुद्राओं और जिंसों में नए रुझान देखने को मिल रहे हैं।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर (USD) कमजोर दायरे में कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से 10 से 20 वर्ष की परिपक्वता वाले टी-बॉन्ड में छह अरब डॉलर तक की रीपरचेज यानी पुनर्खरीद की घोषणा के तुरंत बाद डॉलर में कुछ तेजी जरूर दर्ज की गई, लेकिन यह सुधार ज्यादा टिक नहीं सका। इसके अलावा, मध्य पूर्व में लगातार जारी तनाव के बीच व्यापारी वर्ग काफी सतर्क बना हुआ है और उनका पूरा ध्यान शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर केंद्रित हो चुका है।

पाउंड और येन में अलग-अलग रुख

मंगलवार के अनिर्णायक कारोबार को पीछे छोड़ते हुए GBP/USD मुद्रा जोड़ी ने ऊपर की ओर अपनी चाल फिर से शुरू कर दी है और यह जोड़ी 1.3570 के आसपास कई दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि ब्रिटेन के मोर्चे पर आरआईसीएस हाउस प्राइस बैलेंस ही एकमात्र ऐसा आंकड़ा है जिसके जारी होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, USD/JPY की मंदी की प्रवृत्ति में कोई राहत नहीं मिली है, क्योंकि इसने मंगलवार की गिरावट को और बढ़ाते हुए 153.00 के स्तर को फिर से छू लिया है जो पिछले सात महीनों का सबसे निचला स्तर है। इस मोर्चे पर साप्ताहिक विदेशी बांड निवेश के आंकड़े आने वाले हैं, जिसके तुरंत बाद बैंक ऑफ जापान (BoJ) के मासु का भाषण निर्धारित है।

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कच्चे तेल और सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल यानी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट के कारण बनी अनिश्चितताओं के बीच चार महीने के उच्चतम स्तर 97.00 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। वहीं, सोने की कीमतों में लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट पर विराम लग गया है और पीली धातु ने डॉलर के कमजोर रुख, निरंतर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी सीपीआई डेटा से पहले फैली सतर्कता के दम पर 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर को फिर से हासिल कर लिया है।

एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का हाल

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर में बनी हुई है, जिसे चीन से आए मजबूत उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक (सीपीआई और पीपीआई) आंकड़ों से कोई खास प्रेरणा नहीं मिल पाई है। इस बीच, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की बढ़ती संभावनाओं ने येन की कमजोरी के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को एक निश्चित सहारा प्रदान किया है। बाजार के तमाम खिलाड़ी आने वाले दिनों में जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें व्यापार के लिए नई दिशा मिल सके।

अमेरिकी सत्र में डॉलर की वापसी और बैंक ऑफ जापान का प्रभाव

बुधवार को अमेरिकी सत्र के दौरान USD/JPY जोड़ी ने मंदी के दबाव को पीछे छोड़ते हुए 153.50 के स्तर से ऊपर कारोबार किया। अमेरिकी ट्रेजरी की पुनर्खरीद घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर ने जो वापसी की, उससे इस मुद्रा जोड़ी को थोड़ी मजबूती हासिल करने में मदद मिली। इसके बावजूद, जापान के ठोस आर्थिक आंकड़ों ने इस उम्मीद को और पुख्ता कर दिया है कि बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की प्रक्रिया जारी रखेगा, जिससे येन को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है और फिलहाल इस जोड़ी की तेजी सीमित हो गई है।

सवाल-जवाब

बुधवार को अमेरिकी डॉलर में किस कारण से तेजी आई?
अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा छह अरब डॉलर तक के 10 से 20 वर्ष के टी-बॉन्ड की पुनर्खरीद (buyback) की घोषणा के बाद डॉलर में कुछ तेजी दर्ज की गई।
GBP/USD मुद्रा जोड़ी में क्या रुख देखा गया?
GBP/USD जोड़ी ने मंगलवार के अनिर्णायक कारोबार को पीछे छोड़ते हुए 1.3570 के आसपास कई दिनों के उच्चतम स्तर को छुआ।
USD/JPY जोड़ी का स्तर क्या रहा?
USD/JPY जोड़ी फिसलकर 153.00 के क्षेत्र में पहुंच गई, जो सात महीनों का निचला स्तर है, हालांकि बाद में यह 153.50 से ऊपर कारोबार करती दिखी।
कच्चे तेल की कीमतें किस स्तर के करीब पहुंचीं?
WTI कच्चा तेल अमेरिका, ईरान और होर्मुज संकट के बीच 97.00 डॉलर प्रति बैरल के चार महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया।
सोने की कीमतों में क्या बदलाव आया?
लगातार तीन सत्रों की गिरावट से उबरते हुए सोने ने डॉलर में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के चलते 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का स्तर फिर से हासिल कर लिया।
शुक्रवार को बाजार का मुख्य ध्यान किस पर है?
व्यापारी वर्ग का मुख्य ध्यान शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति (inflation) के आंकड़ों पर केंद्रित है।
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