तिरुवनंतपुरम के रहने वाले संजू सैमसन ने अपनी कड़ी मेहनत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी खास जगह बनाई है। वह अच्छी तरह जानते हैं कि सफलता हासिल करने के लिए संघर्ष क्या होता है। यही वजह है कि उन्होंने उन छात्र-छात्राओं की मदद करने का फैसला किया है जो आईएएस, आईपीएस और अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं के जरिए देश सेवा का सपना देखते हैं। मैदान पर अपने खेल से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीतने वाले यह स्टार विकेटकीपर-बैटर अब सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ी पहल कर रहे हैं।
एक हजार युवाओं को मिलेगी स्कॉलरशिप
संजू सैमसन फाउंडेशन की ओर से देश के एक हजार मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की निःशुल्क या छात्रवृत्ति आधारित तैयारी कराने का ऐलान किया गया है। इस महत्वपूर्ण पहल की घोषणा हाल ही में आयोजित लीड इंडिया सम्मिट 2026 के दौरान की गई। इस बड़े उद्देश्य को पूरा करने के लिए संजू सैमसन फाउंडेशन ने लीड आईएएस एकेडमी के साथ हाथ मिलाया है।
कोचिंग के साथ कौशल विकास पर भी जोर
इस विशेष योजना के अंतर्गत चुने जाने वाले एक हजार छात्रों को लीड आईएएस एकेडमी के माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की बेहतरीन कोचिंग दी जाएगी। इस कार्यक्रम में केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि छात्रों की मेंटॉरशिप, कौशल-आधारित शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संवाद कला, आलोचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमताओं को भी निखारा जाएगा ताकि वे प्रशासनिक सेवा की चुनौतियों का सामना कर सकें।
गृह क्षेत्र के युवाओं को विशेष प्राथमिकता
यह स्कॉलरशिप देश भर के योग्य छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन संजू सैमसन के अपने गृह क्षेत्र विझिंजम और उसके आस-पास के इलाकों के युवाओं को इसमें खास प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह योजना किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होगी।
पहले भी कर चुके हैं सामाजिक कार्य
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी एक लंबी और महंगी प्रक्रिया होती है जिसमें अच्छी कोचिंग, जरूरी अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज और सही मार्गदर्शन पर काफी धन खर्च होता है। गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए यह खर्च एक बड़ी बाधा बन जाता है। हालांकि, संजू सैमसन का सामाजिक भलाई से जुड़ा यह कोई पहला प्रयास नहीं है, क्योंकि वह इससे पहले भी अपने फाउंडेशन के जरिए स्कूली बच्चों में किट आदि बांटने जैसे काम करते रहे हैं।


















