भारतीय सर्राफा बाजारों में मंगलवार, 3 नवंबर को पीली धातु की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इस नए बदलाव के साथ 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 270 रुपये बढ़कर 1,39,640 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं जेवराती मांग के लिए सबसे अधिक खरीदे जाने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत में 250 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जिसके बाद इसका भाव 1,28,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इसके अलावा 18 कैरेट सोने के दाम भी 200 रुपये प्रति 10 ग्राम चढ़कर 1,04,730 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं।
थोक स्तर पर 100 ग्राम के ताजा भाव
बड़ी मात्रा में सोने की खरीदारी करने वाले खरीदारों और कारोबारियों के लिए 100 ग्राम के स्तर पर भी मूल्य वृद्धि स्पष्ट दिखाई दी है। 22 कैरेट सोने के 100 ग्राम की कीमत 2,500 रुपये की बढ़त के साथ 12,80,000 रुपये पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने के 100 ग्राम का भाव 2,750 रुपये बढ़कर 13,96,400 रुपये पर कारोबार कर रहा है। महानगरों में दरों के व्यापक दायरे को देखें तो 22 कैरेट सोना 1,28,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना 1,39,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार करता हुआ दिखा है।
महानगरों में सोने की स्थिति
देश के प्रमुख व्यापारिक शहरों में मूल्य वृद्धि का समान रुख देखने को मिला है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों में स्थानीय सर्राफा कारोबार में तेजी की यही दिशा परिलक्षित हुई है। खुदरा केंद्रों पर आभूषणों के निर्माण और स्थानीय मांग के आधार पर तय होने वाले शुल्कों के बीच इन सभी मुख्य नगरों में दरों ने बढ़त का अनुसरण किया है, जिससे खुदरा ग्राहकों के लिए खरीदारी का बजट प्रभावित हुआ है।
वायदा बाजार एमसीएक्स पर गिरावट का रुख
हाजिर बाजार की इस मजबूती के विपरीत घरेलू वायदा बाजार में दबाव देखा गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 4 दिसंबर को परिपक्व होने वाले सोने के वायदा अनुबंधों में तेज गिरावट आई। यह अनुबंध 0.85 प्रतिशत टूटकर 1,38,996 रुपये के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। हाजिर और वायदा कारोबार के बीच यह अंतर तकनीकी सौदों और निकट अवधि के अनुबंध समायोजन के असर को प्रदर्शित करता है।
वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल का प्रभाव
सोने की दरों में हालिया हलचल के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितताएं मुख्य कारण बनकर उभरी हैं। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना करीब 3,950 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले सत्र में लगभग 2 प्रतिशत की मजबूती के बाद एक साल के निचले स्तर से उबरने का संकेत था। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रगति के संकेतों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे महंगाई को लेकर उपजी चिंताओं में कमी आई। चालू वर्ष के दौरान मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को हवा दी थी, जिसके कारण केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों में वृद्धि करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।
विश्लेषकों का नजरिया और अमेरिकी नीतियां
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज कमोडिटीज रिपोर्ट में बताया गया है कि कमजोर डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण हाजिर सोने को 3,900 डॉलर के पास समर्थन मिलने और 4,000 डॉलर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। कच्चे तेल के मूल्यों में आई तेज गिरावट ने महंगाई के दबाव को हल्का किया है, जिससे फेडरल रिजर्व को अपनी मौद्रिक नीति में ढील देने की गुंजाइश मिल सकती है। इसके साथ ही ईटीएफ में मजबूत निवेश प्रवाह और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने भाव को ऊपर बनाए रखने में मदद दी है। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, बाजार अब दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 73 प्रतिशत संभावना जता रहा है, जो एक सप्ताह पहले 80 प्रतिशत थी। इस बीच निवेशकों का ध्यान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर भी केंद्रित हो रहा है, ताकि राजकोषीय नीति, भू-राजनीति और समग्र बाजार धारणा पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया जा सके।
















