इंडियन बैंक के शेयर में आई सुस्ती, पहली तिमाही के बेहतर नतीजों के बाद भी गिरावटबाज़ार
6 घंटे पहले· 3

इंडियन बैंक के शेयर में आई सुस्ती, पहली तिमाही के बेहतर नतीजों के बाद भी गिरावट

शानदार तिमाही नतीजों के बाद इंडियन बैंक के शेयरों में तेजी देखी गई थी, लेकिन सोमवार को इनमें गिरावट दर्ज की गई। बाजार के विशेषज्ञ अभी भी इस स्टॉक पर बुलिश नजर आ रहे हैं।

सोमवार को इंडियन बैंक के शेयरों में इंट्राडे कारोबार के दौरान सुस्ती देखने को मिली और शेयर शुरुआती लाभ को बरकरार नहीं रख सके। पहली तिमाही के उत्साहजनक नतीजों के बाद पिछले सत्र में इन शेयरों में लगभग 9 फीसदी की जोरदार उछाल आई थी। इस तेजी का मुख्य कारण बैंक द्वारा पेश किए गए मजबूत मुनाफे के आंकड़े, नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM में सुधार और संपत्तियों में स्वस्थ वृद्धि रही।

शेयर का मौजूदा प्रदर्शन

सोमवार, 13 जुलाई को सुबह 10:38 बजे तक इंडियन बैंक का शेयर BSE पर 1.83 फीसदी की गिरावट के साथ 855 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,15,165.42 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कारोबार के दौरान शेयर ने 871 रुपये का उच्चतम स्तर और 852.35 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ।

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वित्तीय प्रदर्शन के प्रमुख बिंदु

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इंडियन बैंक की लाभप्रदता में बढ़ोतरी के पीछे उम्मीद से बेहतर प्रोविजनिंग एक अहम कारण रही। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में साल-दर-साल आधार पर 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में क्रमिक आधार पर 6 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ, जिससे यह 3.29 फीसदी पर पहुंच गया।

बाजार का विश्लेषण और संभावनाएं

इंडियन बैंक के तिमाही परिणाम बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप रहे, जिसमें 'अदर इनकम' यानी अन्य आय के साधनों से मिली मजबूती का बड़ा योगदान था। बैंक में ECL प्रोविजनिंग के कारण स्टैंडर्ड एसेट प्रोविजनिंग में 100 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) उद्योग में सबसे बेहतरीन बना हुआ है, जो भविष्य के क्रेडिट खर्चों के प्रति निवेशकों को भरोसा देता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ECL के बदलाव का असर प्रबंधनीय रहने की उम्मीद है और क्रेडिट लागत में बहुत मामूली बढ़ोतरी होगी। मोतीलाल ओसवाल ने अपनी कमाई के अनुमानों को समायोजित करते हुए उम्मीद जताई है कि बैंक वित्त वर्ष 2027 में 1.3 फीसदी का RoA और 18.2 फीसदी का RoE डिलीवर करेगा। इस आधार पर ब्रोकरेज ने इंडियन बैंक के लिए अपना 'बाय' रेटिंग बरकरार रखा है और 1,025 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है।

बैंक की परिचालन सेहत

चेन्नई में मुख्यालय वाले इस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में 10 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की, जो 3,273 करोड़ रुपये रही। बैंक ने अपने ग्रॉस एडवांसेज यानी सकल अग्रिमों में 13.89 फीसदी की वृद्धि दिखाई है। जमा राशि में भी 13.47 फीसदी का इजाफा हुआ, जिसे 39.73 फीसदी के मजबूत CASA शेयर का आधार मिला। एसेट क्वालिटी के मामले में भी बैंक का प्रदर्शन लचीला बना हुआ है, जहां ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेशियो 1.86 फीसदी पर स्थिर है।

सवाल-जवाब

इंडियन बैंक के शेयर में आज गिरावट का क्या कारण है?
सोमवार को शेयर में यह गिरावट पिछले कारोबारी सत्र में आई 9 फीसदी की तेजी के बाद मुनाफे की वसूली (profit booking) के कारण देखी गई।
इंडियन बैंक के पहली तिमाही के नतीजे कैसे रहे?
नतीजे मजबूत रहे, जिसमें शुद्ध मुनाफे में 10 फीसदी की सालाना वृद्धि और 17 फीसदी की एनआईआई ग्रोथ शामिल है।
मोतीलाल ओसवाल का इंडियन बैंक पर क्या रुख है?
मोतीलाल ओसवाल ने इंडियन बैंक पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और इसका लक्ष्य मूल्य 1,025 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो क्या है?
इंडियन बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेशियो 1.86 फीसदी पर स्थिर है, जो इसकी मजबूत एसेट क्वालिटी को दर्शाता है।

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