माइक्रोन टेक्नोलॉजी (MU) ने अपने ताजा तिमाही आंकड़ों से वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया, और निवेशकों ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। आफ्टर मार्केट कारोबार में शेयर उछलकर $1,242 के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। यह तेजी प्री मार्केट सत्र में भी जारी रही, जहां MU 18.45% यानी 193.49 अंक की छलांग के साथ कारोबार कर रहा था।
नतीजों ने अनुमानों को बड़े अंतर से पीछे छोड़ा
कंपनी का राजस्व साल दर साल के मुकाबले चार गुना से भी ज्यादा बढ़कर $41.46 अरब पर पहुंच गया। इस दौरान प्रति शेयर कमाई (EPS) $25.11 रही और शुद्ध मुनाफा $28.86 अरब दर्ज किया गया। ये आंकड़े विश्लेषकों के अनुमान से कहीं आगे निकल गए, जिन्होंने $36.28 अरब के राजस्व और $21.05 के EPS का अंदाजा लगाया था।
मुनाफे का मार्जिन भी तेजी से बढ़ा। यह 74.4% से बढ़कर 84.6% पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 37.7% था। कंपनी अब अगली तिमाही में भी इसी रफ्तार को बनाए रखने की उम्मीद कर रही है, क्योंकि वह अपना उत्पादन तेजी से बढ़ा रही है।
शेयरधारकों के लिए बड़ा भरोसा
कंपनी की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, DRAM और NAND दोनों के लिए मांग और आपूर्ति की स्थिति कैलेंडर वर्ष 2027 के बाद भी तंग बनी रहेगी, यानी इनकी कमी आगे भी जारी रह सकती है। घोषणा में यह भी कहा गया, "समय के साथ, हम अपनी अतिरिक्त नकदी का 100% शेयरधारकों को लौटाने की उम्मीद करते हैं।"
माइक्रोन के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने कहा, "माइक्रोन के रिकॉर्ड वित्तीय तीसरी तिमाही के नतीजे और चौथी तिमाही का और भी मजबूत अनुमान AI युग में मेमोरी के रणनीतिक महत्व को दर्शाते हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट्स और सप्लाई में रिकॉर्ड स्तर पर निवेश कर रही है।
जोखिम जो निवेशकों को जानने चाहिए
भले ही माइक्रोन पिछले कई महीनों से जबरदस्त बढ़त दर्ज कर रहा है, लेकिन निवेशकों को कुछ जोखिमों की भी जानकारी होनी चाहिए। सबसे पहले, AI से जुड़े स्टॉक सेक्टर के सामने मुश्किलें आ सकती हैं, क्योंकि वॉल स्ट्रीट के तेजी वाले अनुमान लगातार खिंचते जा रहे हैं। कई जानकार तो यहां तक कह रहे हैं कि हम एक AI बबल के दौर में हो सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच किसी पक्के शांति समझौते की कमी भी परेशानी खड़ी कर सकती है। ऐसी स्थिति में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और महंगाई और तेज हो सकती है। फेडरल रिजर्व से इस साल दो बार ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी से निवेशक अपना पैसा सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ सकते हैं। ऐसे हालात में माइक्रोन के शेयर की कीमत पर दबाव पड़ सकता है।













