वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में इस सप्ताह ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जी10 समूह की मुद्राओं में सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बनकर उभरा है। ऑस्ट्रेलिया में जुलाई के दौरान जारी महंगाई के आंकड़ों और घरेलू खर्च में दर्ज की गई तेज बढ़ोतरी ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत दरों में सख्ती की संभावनाओं को हवा दी है। इसके बावजूद वित्तीय संस्था आईएनजी के मैक्रो इकोनॉमिक विश्लेषक फ्रांसिस्को पेसोले का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में दरों को स्थिर बनाए रखने की रणनीति पर ही कायम रहेगा।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का रुख और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
गुरुवार की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में जुलाई महीने का घरेलू खर्च सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़ा है। इस आंकड़े ने बाजार में दर वृद्धि की चर्चाओं को तेज कर दिया है। वर्तमान में वित्तीय बाजार 29 सितंबर को होने वाली अगली नीतिगत बैठक के लिए 12 बेसिस प्वाइंट की दर बढ़ोतरी को मानकर चल रहे हैं। हालांकि आईएनजी की मैक्रो रिसर्च टीम का आकलन है कि बाजार की यह उम्मीदें जल्द ही वापस ले ली जाएंगी, जिससे निकट अवधि में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित हो सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार देश में घरों की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है और बेरोजगारी दर में मामूली वृद्धि हुई है। इन आर्थिक रुझानों की स्पष्ट झलक आगामी दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी आंकड़ों में देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यह सुनिश्चित करने के लिए अगले तिमाही आंकड़ों की प्रतीक्षा करेगा कि जुलाई में मुद्रास्फीति का उछाल एक अस्थायी घटना थी या दीर्घकालिक रुझान। आईएनजी का अनुमान है कि साल के अंत तक AUD/USD जोड़ी का विनिमय दर 0.730 तक पहुंच सकता है, बशर्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपना नरम रुख बनाए रखे।
जैक्सन होल सिंपोजियम से पहले प्रमुख मुद्रा जोड़ों पर दबाव
यूरोपीय व्यापारिक सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3600 के स्तर से नीचे फिसलकर अपनी साप्ताहिक सीमा के निचले स्तर के पास कारोबार करता दिखा। निवेशकों की नजरें शुक्रवार को आयोजित होने वाले जैक्सन होल सिंपोजियम पर टिकी हैं, जहां फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श अपना पहला महत्वपूर्ण संबोधन देने वाले हैं। जब तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की दर नीतियों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक पाउंड में बड़ी गिरावट रुकी हुई है।
दूसरी ओर यूरो की विनिमय दर भी अमेरिकी डॉलर के सामने कमजोर बनी हुई है और यह एक सप्ताह के निचले स्तर 1.1650 से नीचे कारोबार कर रही है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक की हालिया बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद भी यूरो को समर्थन नहीं मिल सका। बाजार में कायम सतर्कता के माहौल ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, जिससे EUR/USD जोड़ी लगातार दबाव में बनी हुई है।
कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार का ताजा हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत गुरुवार को यूरोपीय सत्र के पूर्वार्द्ध में 4,600 डॉलर प्रति औंस के करीब बनी रही, जो पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए साप्ताहिक निचले स्तर के बेहद नजदीक है। सोना जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की भविष्य की दिशा पूरी तरह से फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के शुक्रवार के बयान पर निर्भर करेगी, जो डॉलर के सूचकांक को प्रभावित कर सकती है।
ऊर्जा बाजार की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतें भले ही पिछले महीनों की तुलना में स्थिर दिख रही हों, लेकिन डीजल बाजार में अत्यधिक तेजी दर्ज की जा रही है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्लूटीआई कच्चे तेल के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। इंट्राडे कारोबार के दौरान यह प्रीमियम 102.00 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
डिजिटल एसेट्स में तेजी का रुख
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को सकारात्मक रुझान देखने को मिला। बिटकॉइन की कीमत में मजबूती आई और यह 80,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के समीप पहुंच गया। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में आई इस तेजी का असर अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों पर भी पड़ा। एथेरियम 2,500 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि रिपल अपने प्रमुख 1.40 डॉलर के समर्थन स्तर से ऊपर बना हुआ है।
फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श का पहला जैक्सन होल संबोधन
वित्तीय जगत की निगाहें शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श पर टिकी हैं, जो पद संभालने के बाद जैक्सन होल में अपना पहला भाषण देंगे। बाजार प्रतिभागी केवल सितंबर की बैठक में ब्याज दरों के फैसले का ही इंतजार नहीं कर रहे हैं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक दिशा और मौद्रिक नीति के रोडमैप पर भी स्पष्ट संदेश की उम्मीद लगा रहे हैं।



















