अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं को लेकर वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है। अमेरिका में हाल ही में जारी हुए आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को कुछ हद तक सहारा प्रदान किया है, लेकिन इसके बावजूद 16 सितंबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक को लेकर बाजार में व्याप्त असमंजस पूरी तरह दूर नहीं हो पाया है। वर्तमान में ब्याज दर वायदा बाजार सितंबर की बैठक के लिए केवल 9 आधार अंकों (9bp) की दर कटौती को दर्शा रहा है। इसके साथ ही मुद्रा बाजार के प्रतिभागी शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के होने वाले ऐतिहासिक संबोधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे आगामी नीतिगत दिशा तय होने की उम्मीद है।
अमेरिकी PCE महंगाई आंकड़ों और खपत के रुझानों का विश्लेषण
फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई के अपने पसंदीदा पैमाने के रूप में देखे जाने वाले कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) सूचकांक के आंकड़े उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप रहे हैं। जुलाई महीने के लिए कोर PCE महंगाई दर 0.2 प्रतिशत मासिक (MoM) और 3.3 प्रतिशत वार्षिक (YoY) दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में डिसइन्फ्लेशन या महंगाई दर में कमी की प्रक्रिया जारी है, यद्यपि इसकी गति काफी धीमी और धीमी गति से आगे बढ़ रही है। दूसरी ओर, हेडलाइन PCE आंकड़े थोड़े अधिक मजबूत रहे हैं, जो मासिक आधार पर 0.2 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 3.7 प्रतिशत पर आए हैं। हेडलाइन आंकड़ों में आई इस मामूली मजबूती के कारण अमेरिकी डॉलर प्रतिफल वक्र (USD curve) में थोड़ा हॉकिश पुनर्मूल्यांकन देखने को मिला है।
दूसरी ओर, रिपोर्ट का आर्थिक वृद्धि वाला पहलू अपेक्षाकृत कमजोर तस्वीर पेश करता है। जुलाई के महीने में वास्तविक डिस्पोजेबल व्यक्तिगत आय में वृद्धि होने के बावजूद वास्तविक व्यक्तिगत खर्च पूरी तरह से अपरिवर्तित (unchanged) रहा। अमेरिकी परिवारों ने आय बढ़ने के बाद भी विवेकाधीन खर्च बढ़ाने के बजाय बचत करने का विकल्प चुना है। आंकड़ों के गहन विश्लेषण से पता चलता है कि वास्तविक घरेलू डिस्पोजेबल आय का स्तर एक वर्ष से अधिक समय से प्रभावी रूप से स्थिर या सपाट बना हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि अमेरिकी उपभोक्ता सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसका सीधा असर व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
16 सितंबर की FOMC बैठक और ब्याज दर परिदृश्य
आईएनजी (ING) के विश्लेषकों का मानना है कि यदि निर्णय के दिन तक वित्तीय बाजार ब्याज दरों में बढ़ोतरी या कटौती की लगभग 50 प्रतिशत संभावना का आकलन करते रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में दरों में बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। इसका कारण यह है कि फेडरल रिजर्व की नीतिगत समिति बॉन्ड बाजार में अचानक आने वाली अस्थिरता का जोखिम उठाने में झिझक सकती है। वर्तमान में बाजार जिस तरह से 9 आधार अंकों की दर कटौती का मूल्य निर्धारण कर रहा है, उससे 16 सितंबर की बैठक के नतीजे को लेकर अनिश्चितता साफ झलकती है।
संस्थान का यह भी अनुमान है कि 16 सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही स्थिर रखने (hold) का निर्णय ले सकता है, जिससे लंबी अवधि में अमेरिकी डॉलर में कुछ कमजोरी आ सकती है। हालांकि, बाजार को इस होल्ड वाले रुख पर पूरी तरह सहमत करने के लिए आने वाले तीन हफ्तों में और अधिक आश्वस्त करने वाले आर्थिक आंकड़ों और फेड अधिकारियों के वक्तव्यों (Fedspeak) की आवश्यकता होगी। यदि आने वाले आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहते हैं, तो दरों पर फैसला आखिरी समय तक अनिश्चित बना रह सकता है।
जैक्सन होल में केविन वॉर्श का पहला भाषण और DXY का स्तर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के लिए शुक्रवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के रूप में केविन वॉर्श जैक्सन होल सिम्पोजियम में अपना पहला आधिकारिक भाषण देने की तैयारी कर रहे हैं। बाजार सहभागियों की उम्मीदें केवल इस बात तक सीमित नहीं हैं कि सितंबर में ब्याज दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी, बल्कि वे केंद्रीय बैंक के दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण को भी समझना चाहते हैं। इस संबोधन से पहले व्यापारी अमेरिकी डॉलर में किसी भी बड़े शॉर्ट पोजीशन (USD shorts) को बनाने से बच रहे हैं।
एनवीडिया (Nvidia) के मजबूत वित्तीय परिणामों के बाद वैश्विक इक्विटी बाजारों में जोखिम धारणा (risk sentiment) में सुधार देखने को मिला है। इसके बावजूद, केविन वॉर्श के भाषण से पहले अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) को 99.0 के स्तर से ऊपर मजबूत सहारा (support) मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। डॉलर इंडेक्स में यह मजबूती दर्शाती है कि निवेशक नीतिगत भाषण से पहले अत्यधिक जोखिम लेने के बजाय डॉलर जैसी सुरक्षित संपत्तियों में अपनी पोजीशन बनाए रखना पसंद कर रहे हैं।
GBP/USD, EUR/USD और सोने के बाजार पर असर
फेड के आगामी कदम का असर दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं और कीमती धातुओं पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। यूरोपीय कारोबारी समय के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार कर रही है और अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब बनी हुई है। हालांकि, शुक्रवार को फेड चेयरमैन वॉर्श के भाषण से पहले व्यापारियों द्वारा नई दिशात्मक बाजी लगाने से बचने के कारण ब्रिटिश पाउंड की गिरावट को एक सीमा तक सहारा मिला हुआ है।
यूरो और अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) की जोड़ी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.1650 के आसपास एक सीमित दायरे में बनी हुई है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की ओर से सख्त नीतिगत रुख की उम्मीदों ने यूरो को सहारा दिया है, खासकर तब जब अमेरिकी PCE आंकड़ों के बाद डॉलर में मजबूती आई थी। विदेशी मुद्रा व्यापारी इस समय मध्य पूर्व में जारी घटनाक्रमों और अमेरिका के नए जॉब्लेस क्लेम आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास बना हुआ है और पिछले दिन छूए गए अपने साप्ताहिक निचले स्तर के पास ही कारोबार कर रहा है। सोने में आई इस सुस्ती का मुख्य कारण फेड के आगामी नीतिगत रुख को लेकर अनिश्चितता है। जैक्सन होल में फेड चेयरमैन के भाषण के बाद अमेरिकी डॉलर की चाल तय होगी, जिसका सीधा प्रभाव सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की कीमतों पर देखने को मिलेगा।


















