वैश्विक वित्तीय बाजारों में गुरुवार को काफी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का रुख देखा गया। दुनिया भर के निवेशक शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन आंकड़ों और जैक्सन होल सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के महत्वपूर्ण संबोधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बड़े घटनाक्रम से पहले विदेशी मुद्रा बाजार, कीमती धातुओं, ऊर्जा वायदा और क्रिप्टो संपत्तियों में मिला-जुला कारोबार दर्ज किया गया। भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता के बीच व्यापारी अपनी नई पोजीशन बनाने से बचते नजर आए।
विदेशी मुद्रा बाजार: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और प्रमुख करेंसी जोड़ों का हाल
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) ने गुरुवार को सुस्त लेकिन सतर्क दायरा बनाए रखा। हालांकि डॉलर इंडेक्स 99.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर अपनी हालिया बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सुधार और वैश्विक स्तर पर बने तनाव ने अमेरिकी मुद्रा को सहारा दिया है। इसके बावजूद, शुक्रवार के आर्थिक आंकड़ों से पहले बड़े दांव लगाने से बचा जा रहा है।
यूरोपीय और ब्रिटिश मुद्राओं की बात करें तो EUR/USD जोड़ी ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए वापसी की और गुरुवार के सत्र में 1.1600 के मध्य स्तर के पास फिर से स्थिति मजबूत की। इसी तरह, GBP/USD करेंसी पेयर छह दिनों के निचले स्तर तक फिसलने के बाद रिकवर हुआ और 1.3600 के स्तर के बेहद करीब कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में व्यापक सतर्कता के कारण ग्रीनबैक (अमेरिकी डॉलर) को समर्थन मिल रहा है, जिसके चलते यूरोपीय मुद्राओं की तेज बढ़त सीमित रही।
दूसरी ओर, USD/JPY में लगातार चौथे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा और यह जोड़ी 159.50 के स्तर तक पहुंच गई। जापान में आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों, जिनमें बेरोजगारी दर, उपभोक्ता विश्वास सूचकांक, हाउसिंग स्टार्ट्स, कंस्ट्रक्शन ऑर्डर्स और टोक्यो के मुद्रास्फीति आंकड़े शामिल हैं, पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।
ऊर्जा बाजार: क्रूड में उछाल और डीजल क्रैक स्प्रेड का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को तेजी का रुख देखा गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल की कीमतें बुधवार की रिकवरी को आगे बढ़ाते हुए $83.00 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गईं। मिडिल ईस्ट में जारी संकट और भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम डीजल बाजार से सामने आया है। जहां कच्चा तेल ऊपरी तौर पर शांत दिखाई दे रहा है, वहीं अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI के बीच का मूल्य अंतर) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया। कारोबार के दौरान यह प्रीमियम बढ़कर $102.00 प्रति बैरल से अधिक के रिकॉर्ड intraday स्तर तक पहुंच गया, जो वैश्विक ईंधन रिफाइनिंग और आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर दबाव का संकेत देता है।
कमोडिटी और क्रिप्टो: गोल्ड में गिरावट के बाद रिकवरी, बिटकॉइन $80,000 के पास
कीमती धातुओं के मोर्चे पर, सोने की कीमतों में बुधवार के नुकसान के बाद शुरुआती दबाव देखा गया। सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,560 के स्तर तक गिरकर चार दिनों के निचले स्तर के करीब पहुंच गया था। हालांकि, बाद में सोने ने अपनी रफ्तार फिर हासिल की और गुरुवार के कारोबार में $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार करने लगा। अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और जैक्सन होल सम्मेलन से पहले सतर्कता के माहौल ने बुलियन मार्केट की दिशा को सीमित रखा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को व्यापक रूप से सकारात्मक रुख देखने को मिला। डिजिटल परिसंपत्तियों की अगुवाई बिटकॉइन (BTC) ने की, जो $80,000 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया। बिटकॉइन की इस अल्पकालिक तेजी का असर ऑल्टकॉइन्स पर भी पड़ा। एथेरियम (ETH) $2,500 के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि रिपल (XRP) अपने महत्वपूर्ण $1.40 सपोर्ट लेवल के ऊपर मजबूती से डटा रहा।
आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेड चेयरमैन का संबोधन
बाजार प्रतिभागियों का पूरा ध्यान अब शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत बयानों पर केंद्रित है। अमेरिकी आर्थिक कैलेंडर पर सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम नॉन-फार्म पेरोल का वार्षिक संशोधन, मिशिगन विश्वविद्यालय (U-Mich) का अंतिम उपभोक्ता भावना सूचकांक और जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश का संबोधन है।
केविन वॉश फेड प्रमुख के रूप में जैक्सन होल में अपना पहला भाषण देने जा रहे हैं। वित्तीय विश्लेषकों और निवेशकों को उम्मीद है कि उनके संबोधन से केवल सितंबर की ब्याज दर नीति का संकेत ही नहीं मिलेगा, बल्कि आने वाले महीनों में फेड की मौद्रिक नीति की व्यापक दिशा भी स्पष्ट होगी।



















