बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में खेले गए हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 5वें स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में जर्मनी पर 3-1 की शानदार जीत दर्ज कर अपने अभियान का सफल समापन किया। 27 अगस्त को आयोजित इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। मैच के दौरान नवनीत कौर ने दो महत्वपूर्ण गोल दागे, जबकि इशिका ने एक गोल कर टीम की जीत पक्की कर दी। हालांकि भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गई थी, लेकिन जर्मनी को हराकर उसने पिछले 52 वर्षों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल कर लिया।
जर्मनी पर 3-1 की जीत और प्लेऑफ मुकाबले का पूरा विवरण
टूर्नामेंट में 5वां स्थान हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरी भारतीय महिला टीम ने जर्मनी के खिलाफ बेहतरीन रणनीति और सामूहिक खेल का मुआयना पेश किया। फॉरवर्ड नवनीत कौर ने भारतीय आक्रमण की अगुवाई करते हुए दो बार गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इसके अलावा युवा खिलाड़ी इशिका ने भी एक दर्शनीय गोल करके भारत को 3-1 की निर्णायक बढ़त दिलाई। मुकाबले के दौरान जर्मनी की टीम ने वापसी के कई प्रयास किए, परंतु भारतीय रक्षा पंक्ति ने उनके सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने प्रतियोगिता में 5वीं रैंक पर अपना कब्जा जमाया।
52 साल का लंबा इंतजार खत्म: 1974 के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी के लिए बेहद खास है। इससे पूर्व साल 1974 में खेले गए पहले हॉकी विश्व कप में कप्तान अजिंदर कौर के नेतृत्व में भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी। उस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद से बीते 52 सालों में भारतीय टीम कभी भी विश्व कप के शीर्ष 5 में स्थान नहीं बना पाई थी। इस बार टूर्नामेंट में भारत ने कुल 5 मैच खेले, जिसमें उसे केवल एक मैच में हार का सामना करना पड़ा। टीम को एकमात्र पराजय संयुक्त मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ 2-0 से मिली थी। इसके अलावा भारतीय टीम ने 3 मैच ड्रॉ खेले और 1 मैच में जीत दर्ज की।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का पूरा सफर
विश्व कप 2026 में भारतीय महिला टीम का सफर बेहद कड़ा और संघर्षपूर्ण रहा। पूल-डी में भारत का पहला मुकाबला चीन के खिलाफ हुआ था, जो 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। अपने दूसरे मैच में भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए साउथ अफ्रीका को 6-1 के बड़े अंतर से मात दी। इसके बाद पूल चरण के अंतिम मैच में भारत और इंग्लैंड का मुकाबला 0-0 से गोलरहित ड्रॉ रहा।
अगले दौर में भारत का मुकाबला मेजबान नीदरलैंड से हुआ, जहां उसे 2-0 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया मैच 0-0 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ। ऑस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ रहने के कारण भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी। हालांकि, टीम ने 5वें स्थान के मैच में जर्मनी को 3-1 से हराकर अपने अभियान का यादगार अंत किया। भारत की ओर से पूरे टूर्नामेंट में नवनीत कौर ने सर्वाधिक 4 गोल किए।



















