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जापानी येन में आई गिरावट थमी, 160 के स्तर पर टोक्यो के दखल की आहट से डॉलर फिसलाबाज़ार
25 सित॰ 2026, 8:12 am (33 दिन पहले)· 0

जापानी येन में आई गिरावट थमी, 160 के स्तर पर टोक्यो के दखल की आहट से डॉलर फिसला

159.00 के तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद यूएस डॉलर के मुकाबले जापानी येन में स्थिरता आई है, क्योंकि बाजार में मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका तेज हो गई है।

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तकनीकी विश्लेषण25 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY अभी 158 पर है, जबकि EMA20 157, EMA50 158 और EMA200 158 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 (157) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन के लगातार कमजोर होने के बाद अब टोक्यो की तरफ से दखल देने का डर गहराने लगा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 159.00 के करीब तीन हफ्ते के शीर्ष स्तर को छूने के बाद यूएसडी/जेपीवाई की तेजी पर शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ब्रेक लग गया। जापानी मुद्रा में दो हफ्तों से जारी बिकवाली ने इसे दोबारा 160.00 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर की दहलीज पर ला खड़ा किया था, जहां जापानी नीति-निर्माताओं द्वारा येन को सहारा देने के लिए बाजार में सीधे हस्तक्षेप का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इस डर से येन में बिकवाली करने वाले ट्रेडर सतर्क हो गए और डॉलर में मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके चलते शुक्रवार के सत्र में यह करेंसी पेयर करीब 0.20% गिरकर 158.00 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया।

हालिया गिरावट के बावजूद डॉलर इंडेक्स और इस करेंसी पेयर की साप्ताहिक तस्वीर काफी मजबूत बनी हुई है। यूएसडी/जेपीवाई लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त दर्ज करने की राह पर है। ताजा कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, यह पेयर 158.48 पर चल रहा है, जो पिछले बंद 158.26 से 0.14% ऊपर है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 57 पर है, जो न तो अत्यधिक खरीद और न ही अत्यधिक बिक्री का संकेत दे रहा है। वहीं एमएसीडी -0.28 पर है, जो अपने -0.81 के सिग्नल से ऊपर बना हुआ है और इसका हिस्टोग्राम 0.53 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है। 50-दिवसीय ईएमए 158.08 पर और 200-दिवसीय ईएमए 157.67 पर है, जिससे बना गोल्डन क्रॉस लंबी अवधि के अपट्रेंड को मजबूती प्रदान कर रहा है।

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पश्चिम एशिया में कूटनीति और डॉलर में मुनाफावसूली

अमेरिकी डॉलर में आई नरमी की एक बड़ी वजह मध्य पूर्व से जुड़ी कूटनीतिक चर्चाएं भी हैं। ऐसी जानकारी सामने आई है कि अमेरिका और ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुरक्षित रूप से खोलने के लिए चरणबद्ध समझौते पर विचार कर रहे हैं। इस भू-राजनीतिक नरमी की संभावनाओं ने कच्चे तेल की कीमतों में आई आक्रामक तेजी पर कुछ हद तक लगाम लगाई, जिससे पिछले दो महीनों के उच्चतम स्तर पर चल रहे डॉलर में निवेशकों ने अपनी लंबी पोजीशन से मुनाफा समेटना शुरू कर दिया।

हालांकि, भू-राजनीतिक संकट पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के ताजा मिसाइल हमले ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े जोखिमों को फिर से भड़का दिया है। ऊर्जा कीमतों में उछाल सीधे तौर पर अमेरिका में महंगाई को हवा देने का काम करता है। तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की जोरदार तेजी ने महंगाई की चिंताओं को फिर से जिंदा कर दिया है। इस स्थिति ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख के साथ मिलकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर धकेल दिया है, जिससे डॉलर को गिरावट के हर स्तर पर खरीदारी का स्वाभाविक सहारा मिल रहा है।

बॉन्ड यील्ड को थामने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी का दांव

अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर चढ़ती यील्ड को नियंत्रित करने के लिए ट्रेजरी विभाग ने भी सक्रिय कदम उठाए हैं। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को घोषणा की कि ट्रेजरी विभाग लॉन्ग-टर्म ट्रेजरी बॉन्ड की एक और बायबैक प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसके तहत 6 अरब डॉलर के बॉन्ड दोबारा खरीदे जाएंगे। यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी को रोकने के लिए यह दूसरा विस्तारित बायबैक कार्यक्रम है। इसके बावजूद, मजबूत आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को ऊंची बनाए रखने की प्रतिबद्धता के कारण बॉन्ड मार्केट में यील्ड का दबाव बना हुआ है, जो ग्रीनबैक को वैश्विक स्तर पर मजबूती दे रहा है।

दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। नीति निर्धारण बैठक में यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की आम सहमति के बिल्कुल अनुरूप था। हालांकि, दर वृद्धि के बावजूद केंद्रीय बैंक का रुख नरम माना जा रहा है, जिससे येन को मिलने वाला समर्थन सीमित रहा और वह अमेरिकी डॉलर की ऊंची यील्ड के सामने संघर्ष करता रहा।

तकनीकी स्तर और मुद्रा बाजार का व्यापक परिदृश्य

चार्ट्स पर यूएसडी/जेपीवाई के लिए ऊपर की ओर पहला कड़ा प्रतिरोध 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 159.76 पर स्थित है। इसके पार जाने पर 78.6% रिट्रेसमेंट स्तर 161.62 पर देखा जा रहा है, जबकि 163.99 का दायरा साइकिल हाई के रूप में इस तेजी के लिए एक मजबूत छत का काम कर रहा है। आज के लाइव तकनीकी स्तरों में दैनिक पिवट 158.55 पर है, जिसके ऊपर आर1 158.78 और आर2 159.09 तात्कालिक रुकावट का क्षेत्र हैं। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट एस1 158.25 पर और दूसरा सपोर्ट एस2 158.01 पर बना हुआ है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 152.09 से 160.92 के दायरे में फैले हैं, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स 32 पर है, जो मौजूदा ट्रेंड की सक्रियता को साबित करता है।

वैश्विक मुद्रा बास्केट में जापानी येन ने अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अलग-अलग प्रदर्शन दिखाया है। जहां येन न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत नजर आया, वहीं अन्य एशियाई जोड़ियों पर डॉलर का दबदबा बरकरार रहा। उदाहरण के तौर पर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार को गिरकर अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और रातभर के सत्र में 200-दिवसीय एसएमए के नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब बेहद दबाव में दिखा। ऑस्ट्रेलिया में रिजर्व बैंक द्वारा संभावित दर वृद्धि के अनुमानों पर अमेरिकी डॉलर की दो महीने की तेजी भारी पड़ गई।

अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड की इस संयुक्त तेजी का असर सोने पर भी साफ दिखा। बुलियन मार्केट में सोना पिछले दिन के मामूली सुधार को आगे बढ़ाने में नाकाम रहा और शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे ही अटका रहा। गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए डॉलर का मजबूत होना और सरकारी प्रतिभूतियों पर आकर्षक रिटर्न मिलना लगातार बाधाएं पैदा कर रहा है। कुल मिलाकर, जब तक जापानी अधिकारी 160.00 के पास आकर वास्तविक मुद्रा हस्तक्षेप नहीं करते, तब तक बुनियादी आर्थिक स्थितियां इस करेंसी पेयर में हर गिरावट पर खरीदारों को आकर्षित करने का माहौल बना रही हैं।

सवाल-जवाब

यूएसडी/जेपीवाई में शुक्रवार को गिरावट क्यों आई?
जापानी मुद्रा के 160.00 के करीब पहुंचने पर टोक्यो द्वारा बाजार में हस्तक्षेप की आशंका बढ़ गई, जिससे ट्रेडर सतर्क हो गए और डॉलर में मुनाफावसूली हुई।
बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया था?
बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया था।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाया?
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बढ़ती यील्ड को थामने के लिए 6 अरब डॉलर के लॉन्ग-टर्म ट्रेजरी बॉन्ड खरीदने के दूसरे विस्तारित बायबैक की घोषणा की।
मध्य पूर्व की किन घटनाओं का असर डॉलर और ऊर्जा बाजार पर पड़ा?
अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर संभावित समझौते की खबरों से डॉलर में मुनाफावसूली हुई, जबकि सऊदी अरब पर हूती मिसाइल हमले ने तेल और महंगाई के जोखिम को ऊंचा रखा।
सोने की कीमतों पर मौजूदा आर्थिक परिदृश्य का क्या असर हुआ?
मजबूत अमेरिकी डॉलर और बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंची बॉन्ड यील्ड के कारण सोना दबाव में रहा और 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे अटका रहा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Ravikash Gupta@ravikash·32 दिन पहले

160 के करीब पहुँचकर येन में डर दिखना लाजिमी है, सरकार पहले भी दखल दे चुकी है। वैसे भी डॉलर की तेजी पर थोड़ा ब्रेक लगना ही था, मुनाफावसूली का दौर आ गया है।

Michael Anderson@michael-anderson·32 दिन पहले

रविकेश जी, बात सिर्फ दखल की नहीं है, मध्य पूर्व के हालात और तेल की कीमतें जो दोबारा भड़क रही हैं, वो डॉलर को इतनी आसानी से गिरने नहीं देंगी।

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