हालिया वित्तीय कारोबार के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर ने जापानी येन के मुकाबले मजबूती का प्रदर्शन किया है और देश के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद अपने पिछले सत्र के निचले स्तर से ऊपर बने रहने में सफलता हासिल की है। मुद्रा बाजार में AUD/JPY करेंसी पेयर मामूली बढ़त दर्ज करते हुए 112.75 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा, जिससे दो दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला फिलहाल थम गया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस करेंसी पेयर में तेज बढ़त के लिए मजबूत संकेतों की कमी है और 113.60 के हालिया मासिक उच्च स्तर से फिसलने के बाद यह अब भी व्यापक आर्थिक दबावों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलियाई रोजगार डेटा में गिरावट से ब्याज दरों पर पड़ा असर
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलिया के रोजगार क्षेत्र की कमजोर तस्वीर पेश की है। जुलाई महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5% पर पहुंच गई, जो जून महीने में 4.4% दर्ज की गई थी। श्रम बाजार के विस्तृत आंकड़ों से पता चलता है कि कुल नौकरियों में गिरावट आई है और जुलाई के दौरान नियोजित व्यक्तियों की संख्या में 15.8K की कमी दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से काफी नीचे रहा, जहां 15K नई नौकरियां जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही थी। यह स्थिति जून महीने में दर्ज की गई 76.3K नौकरियों की मजबूत बढ़त के बिल्कुल विपरीत है।
रोजगार के ये कमजोर आंकड़े ऑस्ट्रेलिया के दूसरी तिमाही के नरम CPI मुद्रास्फीति आंकड़ों के ठीक बाद सामने आए हैं। इन दोनों आर्थिक संकेतकों के संयुक्त प्रभाव के कारण मुद्रा व्यापारियों ने रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा जल्द ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं को काफी कम कर दिया है। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा मौद्रिक नीति में सख्ती की संभावना घटने से ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर दबाव बढ़ा है, जिससे जापानी येन के खिलाफ इसकी दीर्घकालिक बढ़त सीमित हो गई है।
जापानी व्यापार घाटे और वित्तीय दबावों का येन पर प्रभाव
एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलियन डॉलर घरेलू आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जापानी येन में जारी कमजोरी के कारण AUD/JPY में बड़ी गिरावट रुकी हुई है। जापान की घरेलू अर्थव्यवस्था अब भी संघर्ष कर रही है, जिसकी पुष्टि जुलाई के निराशाजनक व्यापार आंकड़ों से होती है। आंकड़ों के अनुसार जुलाई में जापान का व्यापार घाटा 634.5 बिलियन येन दर्ज किया गया, जिससे देश की आर्थिक बहाली को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
व्यापार घाटे के अलावा, जापान की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर भी बाजार में चिंताएं बनी हुई हैं। इसके साथ ही, बैंक ऑफ जापान और दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर जापानी येन पर लगातार दबाव बना रहा है। इन बुनियादी कारणों से AUD/JPY के हाजिर भाव को समर्थन मिल रहा है और बड़ी गिरावट पर रोक लगी है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि 113.60 के उच्च स्तर से शुरू हुई गिरावट को आगे बढ़ाने के लिए बिकवालों को साप्ताहिक निचले स्तर से नीचे मजबूत कदम उठाने होंगे।
श्रम बाजार के आंकड़े और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की नीति
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा प्रकाशित रोजगार रिपोर्ट ऑस्ट्रेलियाई श्रम बाजार के रुझानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करती है, जो वित्तीय संस्थानों और नीति निर्माताओं के लिए एक मुख्य मानदंड है। प्रत्येक संदर्भ माह के समाप्त होने के लगभग 15 दिनों बाद जारी होने वाले ये आंकड़े उपभोक्ता खर्च और मुद्रास्फीति के दबावों से सीधे जुड़े होते हैं, जिससे देश की समग्र आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन होता है।
यद्यपि श्रम बाजार के आंकड़े आर्थिक गतिविधियों के बाद के प्रभाव को दर्शाते हैं, फिर भी ये रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक नीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्रीय बैंक ब्याज दरों पर निर्णय लेते समय रोजगार सृजन, कार्यबल की भागीदारी और बेरोजगारी के आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन करता है। यही कारण है कि रोजगार के मजबूत आंकड़े ऑस्ट्रेलियन डॉलर को मजबूती प्रदान करते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े करेंसी पर दबाव बनाते हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी के कदम से जीबीपी और यूरो में बड़ी तेजी
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा की गई नीतिगत घोषणाओं के कारण वैश्विक मुद्रा बाज़ारों में बड़ी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के प्रतिभूतियों के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करने का फैसला किया है। इस कदम से अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव पड़ा, जिससे अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं को मजबूती मिली।
GBP/USD विनिमय दर में जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह 1.3600 के स्तर को पार करते हुए मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ब्रिटिश पाउंड को ब्रिटेन के मुद्रास्फीति आंकड़ों से भी समर्थन मिला, जहां जुलाई में वार्षिक CPI मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9% हो गई, जो बाजार के अनुमानों के अनुरूप थी। वहीं, जुलाई में यूके की कोर CPI 2.6% YoY रही, जो 2.5% के अनुमान से बेहतर है। इसी तरह, EUR/USD में तेजी का रुझान बना रहा और यह 1.1650 के पार निकलकर जून की शुरुआत के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के भावी संकेतों के लिए FOMC मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के बीच सोने की स्थिति
कमोडिटी बाज़ारों में, सोने की कीमतों में बहु-महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद मामूली मुनाफावसूली देखी गई और गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। इससे पिछले सत्र में अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बाजार में हस्तक्षेप के कारण यील्ड में तेज गिरावट आई थी, जिससे गैर-ब्याज वाली संपत्ति सोने की मांग में जोरदार उछाल आया था।
हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के संकेतों के कारण सोने की ऊपरी बढ़त सीमित रही। मध्य पूर्व के घटनाक्रम और ब्याज दरों की भविष्य की दिशा पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है, जिससे सुरक्षित निवेश और यील्ड के दबाव के बीच संतुलन बना हुआ है।
डिसेंट्रलाइज्ड क्रिप्टो प्लेटफॉर्म हाइपरलिक्विड में डोनाल्ड ट्रंप के बयान से उछाल
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, हाइपरलिक्विड टोकन की कीमत में बुधवार को जोरदार उछाल देखा गया और यह 20% से अधिक चढ़ गया। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन डिसेंट्रलाइज्ड परपेचुअल फ्यूचर्स प्लेटफॉर्म हाइपरलिक्विड को अमेरिकी वित्तीय विनियामक ढांचे में शामिल करने पर काम कर रहा है।
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन द्वारा नियामक प्रक्रिया में शामिल करने के संकेतों से डिजिटल एसेट निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिससे हाइपरलिक्विड में खरीदारी की नई लहर देखी गई। यह घटनाक्रम पारंपरिक अमेरिकी वित्तीय बाज़ारों में डिसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।



















