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डीबीएस का अनुमान: दिसंबर में बढ़ोतरी से पहले ताइवान का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को रखेगा स्थिर, वैश्विक बाजारों में हलचल तेजबाज़ार
12 सित॰ 2026, 2:40 am (12 मिनट पहले)· 0

डीबीएस का अनुमान: दिसंबर में बढ़ोतरी से पहले ताइवान का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को रखेगा स्थिर, वैश्विक बाजारों में हलचल तेज

डीबीएस ग्रुप रिसर्च का अनुमान है कि ताइवान का केंद्रीय बैंक सितंबर में ब्याज दरें स्थिर रखकर दिसंबर में बढ़ोतरी करेगा, जबकि जापानी उत्पादक कीमतों और अमेरिकी महंगाई डेटा के बीच वैश्विक बाजार सतर्क हैं.

वैश्विक वित्तीय बाजार इस सप्ताह के अंत में केंद्रीय बैंकों की नीतियों, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनावों के जटिल जाल के बीच उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं. प्रमुख घटनाक्रमों में, डीबीएस ग्रुप रिसर्च ने ताइवान की मौद्रिक नीति की दिशा में एक विस्तृत दृष्टिकोण साझा किया है, जिसमें चालू वर्ष के अंत में दरों को बढ़ाने से पहले केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को कुछ समय के लिए स्थिर रखने का अनुमान लगाया गया है. इसके साथ ही, प्रमुख करेंसी पेयर्स जैसे AUD/USD और USD/JPY के अलावा सोने जैसी बहुमूल्य धातुओं में भी महत्वपूर्ण हलचल देखी जा रही है. यह उतार-चढ़ाव विभिन्न देशों के उत्पादक मूल्य सूचकांकों और संयुक्त राज्य अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा के कारण हो रहा है. इस विस्तृत विश्लेषण में हम ताइवान डॉलर की संभावनाओं, बैंक ऑफ जापान (BoJ) के नीतिगत बदलावों, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मजबूती और सोने की कीमतों में आए सुधार का जायजा लेंगे.

ताइवान के केंद्रीय बैंक का आगामी मौद्रिक रुख

डीबीएस ग्रुप रिसर्च के अनुसार, ताइवान का केंद्रीय बैंक यानी सेंट्रल बैंक ऑफ द रिपब्लिक ऑफ चाइना (ताइवान) या CBC आगामी 17 सितंबर को होने वाली अपनी बैठक में बेंचमार्क ब्याज दर को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रख सकता है. हालांकि, ब्याज दरों में यह ठहराव अस्थायी होने की उम्मीद है. विश्लेषक तैमूर बेग और चांग वेई लियांग का मानना है कि केंद्रीय बैंक दिसंबर में होने वाली बैठक में दरों को बढ़ाकर 2.125% करने की तैयारी में है. सितंबर में ब्याज दरों को स्थिर रखने का मुख्य कारण हाल ही में जारी हुए उपभोक्ता महंगाई के आंकड़े हैं. अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि CBC को तुरंत ब्याज दरें बढ़ाने की कोई जल्दी नहीं है. अगस्त में मुख्य CPI सालाना आधार (YoY) पर 2.0% दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमान से थोड़ी कम है. इसी तरह, कोर CPI, जिसमें खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है, मामूली रूप से घटकर 2.3% YoY रह गई है.

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सप्लाई-साइड मुद्रास्फीति और घरेलू कारकों की चुनौतियां

भले ही सितंबर में दरों को स्थिर रखे जाने की उम्मीद है, लेकिन केंद्रीय बैंक का रुख काफी हद तक सख्त यानी हाविश रहने का अनुमान है. डीबीएस ग्रुप रिसर्च ने रेखांकित किया है कि नीति निर्माता इस समय ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं. केंद्रीय बैंक द्वारा सप्लाई-साइड से जुड़ी लगातार बनी रहने वाली मुद्रास्फीति के जोखिमों को लेकर सतर्क रहने की पूरी संभावना है. इसका एक बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रही तेजी है, जो मिडिल ईस्ट में जारी लंबे भू-राजनीतिक तनाव के चलते बढ़ी हैं. इसके अलावा, नीति निर्माताओं द्वारा दूसरी लहर की मुद्रास्फीति यानी सेकंड-राउंड इन्फ्लेशनरी प्रेशर्स के खतरों पर भी ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है. ये जोखिम जनता के बीच महंगाई की बढ़ती उम्मीदों, लगातार बढ़ती घरेलू मजदूरी और घरेलू खपत में हो रहे सुधार के कारण पैदा हो सकते हैं. इन सभी मिले-जुले कारकों को देखते हुए ताइवान में महंगाई पर पूरी तरह काबू पाना अभी बाकी है, जिससे साल के अंत तक ब्याज दर बढ़ाने का फैसला सही प्रतीत होता है.

अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बीच AUD/USD और फेड का प्रभाव

विदेशी मुद्रा बाजार में, शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD करेंसी पेयर 0.7100 के मध्य स्तर के आसपास स्थिर होने में सफल रहा. इस स्थिरता से पहले गुरुवार को इसमें भारी गिरावट आई थी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर आ गया था. गुरुवार की इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अगस्त महीने के लिए जारी की गई अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) की रिपोर्ट थी. अनुमान से अधिक गर्म रहे PPI आंकड़ों ने बाजार में इस धारणा को मजबूत कर दिया कि फेडरल रिजर्व (Fed) ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रखेगा, जिससे अमेरिकी डॉलर को चौतरफा मजबूती मिली. हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सख्त रुख की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया. निवेशकों का मानना है कि RBA महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखेगा, जिससे AUD की गिरावट पर लगाम लगी. अब निवेशक अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार की अगली दिशा तय होगी.

जापानी पीपीआई और येन की मजबूती से USD/JPY में उतार-चढ़ाव

इसके समानांतर, USD/JPY करेंसी पेयर में कमजोरी का रुख देखा गया और यह शुक्रवार को एशियाई सत्र में 154.00 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था. जापान के मजबूत पीपीआई (PPI) आंकड़ों के जारी होने के बाद जापानी येन को काफी मजबूती मिली है. उत्पादक कीमतों में आई तेजी ने बाजार में इन उम्मीदों को हवा दी है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) अपनी ब्याज दरों को बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी ला सकता है. इस सख्त नीतिगत बदलाव की संभावना ने ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन को नई ताकत दी है. हालांकि, USD/JPY की गिरावट सीमित रही, क्योंकि अमेरिकी डॉलर ने गुरुवार को हासिल की गई अधिकांश बढ़त को बनाए रखा है. अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से ठीक पहले डॉलर के मजबूत बने रहने से जापानी येन की इस जोड़ी में अधिक गिरावट नहीं आ पाई.

सोने की कीमतों में सुधार और वैश्विक अनिश्चितता

कमोडिटी बाजार में, गुरुवार की गिरावट के बाद सोने ने एक बार फिर अपनी स्थिति मजबूत की है. शुक्रवार को पीली धातु अच्छे लाभ के साथ कारोबार कर रही थी और निवेशकों की नजरें $4,440 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर टिकी थीं. सोने में आया यह सुधार काफी हद तक अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव से जुड़ा है, जो सप्ताह के अंत में मामूली बढ़त और नुकसान के बीच झूलता दिखाई दिया. वैश्विक स्तर पर आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों से पहले सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी है, जिससे वैश्विक मौद्रिक कड़ाई के माहौल में भी सोने ने मजबूत लचीलापन प्रदर्शित किया है.

सवाल-जवाब

ताइवान की ब्याज दरों पर डीबीएस ग्रुप रिसर्च का क्या अनुमान है?
डीबीएस ग्रुप रिसर्च का अनुमान है कि ताइवान का केंद्रीय बैंक (CBC) 17 सितंबर को ब्याज दरों को स्थिर रखेगा, लेकिन बाद में दिसंबर में इसे बढ़ाकर 2.125% कर सकता है.
ताइवान में सितंबर में दरों को स्थिर रखने का क्या कारण है?
अगस्त में ताइवान का हेडलाइन CPI उम्मीद से थोड़ा कम यानी 2.0% रहा और कोर CPI मामूली रूप से घटकर 2.3% पर आ गया, जिससे ब्याज दरें बढ़ाने की तत्काल जरूरत कम हो गई है.
जापानी येन की मजबूती के पीछे क्या कारण था?
जापान में मजबूत उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों से बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा जल्द ही नीतिगत दरों को बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ गईं, जिससे येन को मजबूती मिली.
सोने की कीमतों के लिए ताजा लक्ष्य क्या देखा जा रहा है?
गिरावट से उबरने के बाद सोने की कीमतें मजबूत हुई हैं और यह फिर से $4,440 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर की दिशा में बढ़ रहा है.
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