अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के ताज़ा आंकड़ों ने मुद्रा बाजार की दिशा बदल दी है। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के उम्मीद से अधिक रहने के बाद निवेशकों में यह धारणा मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले हफ्ते होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस घटनाक्रम के कारण अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की विनिमय दर (USD/CHF) 0.40 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 0.8165 तक पहुंच गई, जो दिन के निचले स्तर 0.8124 से एक मजबूत सुधार दर्शाती है। हालिया लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 0.8161 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.8132 से 0.35 प्रतिशत ऊपर है।
फेडरल रिजर्व की नीति और डॉलर-स्विस फ्रैंक का तकनीकी ढांचा
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, daily chart पर डॉलर-स्विस फ्रैंक जोड़ी ने 2 सितंबर के उच्च स्तर 0.8156 के प्रतिरोध बिंदु को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इससे बाजार में आगे और बढ़त का रास्ता खुल गया है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 61 के स्तर पर है, जो यह संकेत देता है कि खरीदार अभी भी बाजार की गति को नियंत्रित कर रहे हैं। तकनीकी संकेतकों में शॉर्ट-टर्म मोमेंटम तेजी की तरफ बना हुआ है और दैनिक कैंडलस्टिक पैटर्न बुलिश रुझान दिखा रहा है।
यदि USD/CHF जोड़ी 0.8200 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लेती है, तो इसका अगला मुख्य लक्ष्य 19 जून 2025 का उच्च स्तर 0.8215 होगा। इसके बाद 4 जून के साइकिल हाई 0.8250 और अंततः 0.8300 के स्तर पर नजर रहेगी। दूसरी ओर, यदि बाजार में गिरावट का रुख बनता है, तो विक्रेताओं को सबसे पहले 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) जो 0.8096 (लाइव आंकड़ों में 0.8095) पर स्थित है, को नीचे तोड़ना होगा। इसके बाद 100-दिवसीय SMA 0.8009 के स्तर पर सहारा प्रदान कर सकता है। लाइव डेटा के मुताबिक 52-हफ्तों का दायरा 0.7629 से 0.8205 के बीच रहा है, जबकि पिवट पॉइंट 0.8152 पर दर्ज हुआ है।
स्विस फ्रैंक का अन्य प्रमुख मुद्राओं के प्रति व्यवहार
वैश्विक मुद्रा बाजार के हीट मैप विश्लेषण से पता चलता है कि स्विस फ्रैंक ने विभिन्न करेंसी जोड़ों के बीच अलग-अलग प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को स्विस फ्रैंक कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में देखा गया। करेंसी मैट्रिक्स में जब किसी मुद्रा को बेस करेंसी और दूसरी को कोट करेंसी के रूप में आंका जाता है, तब मूल्य परिवर्तन का प्रतिशत स्पष्ट रूप से सामने आता है। हालांकि अमेरिकी डॉलर के सामने स्विस फ्रैंक को थोड़ा दबाव झेलना पड़ा है, लेकिन अन्य मुद्राओं के मुकाबले इसका प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलियन डॉलर, जापानी येन और सोने की स्थिति
डॉलर की इस व्यापक मजबूती का असर अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर भी पड़ा है। एशियाई व्यापार सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) 0.7100 के मध्य स्तर के आसपास स्थिर रहा। गुरुवार को अमेरिका के मजबूत PPI आंकड़ों के कारण AUD/USD में तेज गिरावट आई थी और यह एक सप्ताह के निचले स्तर पर चला गया था, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सख्त रुख की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियन डॉलर की गिरावट को सीमित कर दिया।
वहीं जापानी येन (USD/JPY) एशियाई सत्र में 154.00 के स्तर के करीब रहा। जापान में उत्पादक मूल्य सूचकांक के ऊंचे आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया, जिससे येन को समर्थन मिला। सोने की बात करें तो सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में सुधार देखा गया और यह $4,440 प्रति औंस (troy ounce) के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई, जिससे गुरुवार को हुई गिरावट की भरपाई हो सकी।


















