मूलांक 2 अंक राशिफल 22 अगस्त 2026: अधूरी बातों पर न करें यकीन, व्यावहारिक सोच से लें फैसलेमूलांक 1 अंक राशिफल 22 अगस्त 2026: सूर्य के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में मिलेगी सफलता, जानें लव लाइफ और सेहत का हालसितंबर 2026 में चार प्रमुख ग्रहों का गोचर, मिथुन, कर्क, तुला और मकर राशि वालों पर दिखेगा बड़ा असरबलिया में व्हाट्सएप हैक कर यूपीआई से 75 हजार मांगने का नया साइबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी किया अलर्टअमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड खरीद और ब्याज दरों में राहत के संकेतों से यूरो 1.1710 के 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचाजोराबाट और बर्नीहाट के बीच मार्ग बंद होने से बढ़ा तनाव, री भोई प्रशासन ने जारी किए नए वैकल्पिक रूटशाही जामा मस्जिद क्षेत्र में मास्टर प्लान उल्लंघन पर एक्शन, 36 निर्माणों को नोटिस थमाएगा संभल प्रशासननोमुरा के अनुसार मजबूत राजकोषीय स्थिति से यूरो डॉलर, पाउंड और येन से आगे निकलेगा17 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश: 7 राशियों का चमकेगा भाग्य, मिलेगी नौकरी और कारोबार में तरक्कीअमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्न
सस्ते कच्चे तेल और विदेशी निवेश के सहारे डॉलर के मुकाबले संभला रुपयाबाज़ार
7 जुल॰ 2026, 7:10 pm (45 दिन पहले)· 4

सस्ते कच्चे तेल और विदेशी निवेश के सहारे डॉलर के मुकाबले संभला रुपया

कच्चे तेल में हल्की तेजी के बावजूद भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, जबकि निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की जून बैठक के मिनट्स और आगे आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी है।

CLSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण7 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $69.29 पर है, जबकि EMA20 $75.77, EMA50 $83.44 और EMA200 $75.89 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 ($75.77) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 31 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

भारतीय रुपये ने मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले वापसी की और थोड़ा मजबूत हुआ, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में हल्की खरीदारी लौट आई थी। खास बात यह रही कि तेल में यह सुधार ऐसे समय आया जब कच्चा तेल भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए दबाव की बड़ी वजह माना जाता है। इसके साथ ही बाजार की नजर फेडरल रिजर्व की जून नीतिगत बैठक के मिनट्स पर बनी हुई है, जिनका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

तेल की वापसी और रुपये पर असर

MCX पर 20 जुलाई को समाप्त होने वाला कच्चे तेल का अनुबंध इस समय 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ करीब 6,640 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि यह अब भी पिछले हफ्ते बने कई महीनों के निचले स्तर 6,435 के आसपास ही है। आम तौर पर देखा जाता है कि जिन देशों की अर्थव्यवस्था अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात पर टिकी होती है, जैसे भारत, वहां की मुद्राएं तेल के दाम चढ़ने पर कमजोर पड़ जाती हैं। यही वजह है कि तेल की हर हलचल पर रुपये की चाल की भी बारीकी से नजर रखी जाती है।

ये भी पढ़ें

ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक बेंचमार्क कच्चा तेल इस समय करीब 69.29 डॉलर पर है और दिन के दौरान इसमें लगभग 1.08 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। इसके बावजूद 14 दिन का RSI करीब 31 पर होना यह इशारा करता है कि लंबी अवधि का रुझान अब भी कमजोरी की ओर झुका हुआ है। यही कारण है कि तेल में आई अचानक तेजी का असर सीमित रहने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ संघर्षविराम अब भी बरकरार है।

होर्मुज जलसंधि में फिर बढ़ा तनाव

तेल की कीमतों को नई हवा उस घटनाक्रम से मिली, जब ईरान ने होर्मुज जलसंधि से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं। इस हमले में दो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। दुनिया के तेल व्यापार के लिए यह जलमार्ग बेहद अहम है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव कीमतों को तुरंत प्रभावित करता है। फिलहाल संघर्षविराम टूटा नहीं है, इसलिए बाजार इस तनाव को लेकर बहुत ज्यादा घबराहट में नहीं दिख रहा।

विदेशी निवेशक और आगे आने वाले तिमाही नतीजे

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन शुद्ध खरीदार रहे, लेकिन उनके निवेश की रकम शुक्रवार के मुकाबले काफी कम रही। सोमवार को FII ने भारतीय शेयर बाजार में 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि शुक्रवार को यह आंकड़ा 1,355.33 करोड़ रुपये का था। यानी खरीदारी का सिलसिला भले जारी रहा हो, लेकिन उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई।

आगे चलकर विदेशी निवेशक अपने अगले कदम तय करने के लिए भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। निफ्टी 50 की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS सबसे पहले अपने पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे गुरुवार को पेश करेगी, जिससे नतीजों के मौसम की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है।

तकनीकी नजरिए से कहां खड़ा है USD/INR

USD/INR गिरकर करीब 95.10 पर आ गया है, लेकिन नजदीकी अवधि में इसका रुझान हल्का तेजी वाला बना हुआ है। इसकी वजह यह है कि यह जोड़ी 20 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) यानी 95.00 के ऊपर टिकी है और डिसेंडिंग ट्रायंगल के ब्रेकआउट को भी बनाए हुए है। करीब 51.6 पर मौजूद रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) यह दर्शाता है कि गति सकारात्मक है और बाजार अभी ओवरबॉट यानी जरूरत से ज्यादा खरीदे गए स्तर पर नहीं है। इससे संकेत मिलता है कि जब तक कीमत छोटी अवधि के EMA के ऊपर टिकी रहती है, तब तक धीरे-धीरे रिकवरी संभव है।

नीचे की ओर पहला सहारा 20 दिन के EMA यानी 95.00 पर दिख रहा है और उसके बाद 7 मई का निचला स्तर 94.03 अहम है। ऊपर की ओर यह जोड़ी करीब 97.10 के अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर को दोबारा छूने की कोशिश कर सकती है।

बाकी बाजारों का हाल

ब्रिटिश पाउंड की तेजी का सिलसिला लगातार नौवें दिन भी जारी रहा और GBP/USD मंगलवार को एशियाई कारोबार के दौरान करीब 1.3390 पर पहुंच गया। यह मजबूती इसलिए आई क्योंकि अमेरिकी डॉलर दबाव में है, जबकि बाजार भागीदारों ने इस महीने और सितंबर में फेडरल रिजर्व की दरें बढ़ाने की उम्मीदों को घटा दिया है।

दूसरी ओर यूरो कमजोर पड़ता दिखा और EUR/USD मंगलवार को यूरोपीय कारोबार में 1.1400 की ओर फिसल गया, क्योंकि इसे 1.1450 के स्तर पर बिकवाली का सामना करना पड़ा। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर में हल्की मजबूती के बीच यह जोड़ी नीचे आई, वहीं होर्मुज जलसंधि में नए सिरे से बढ़े तनाव और एशियाई तकनीकी शेयरों में बिकवाली ने जोखिम से बचने की भावना को हवा दी।

सोना कारोबार के दौरान दबाव में रहा, हालांकि यह 4,100 डॉलर के स्तर के ऊपर टिका रहा। होर्मुज जलसंधि में तनाव के चलते कच्चे तेल में आई तेजी ने महंगाई की चिंताओं को फिर जगा दिया, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में उछाल आया। इसका सहारा डॉलर को मिला और बिना ब्याज देने वाली पीली धातु लगातार दूसरे दिन दबाव में रही।

क्रिप्टो बाजार में बोंक भी दबाव में बना रहा और यह 0.0000044 डॉलर के नीचे कारोबार करता दिखा, क्योंकि एक दिन पहले इसमें 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी थी। यह गिरावट तब आई जब बोंक के विकेंद्रीकृत स्वायत्त संगठन (DAO) ने बताया कि उसके गवर्नेंस सिस्टम में एक सेंधमारी हुई, जिसके चलते उसके ट्रेजरी से 2 करोड़ डॉलर मूल्य के BONK टोकन चोरी हो गए।

इस बीच एक बड़ा बदलाव दुनिया के केंद्रीय बैंकों के रुख में देखने को मिल रहा है। बरसों तक बाजार को यह बताते रहने के बाद कि आगे क्या हो सकता है, अब फेडरल रिजर्व, यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे नीति-निर्माता फॉरवर्ड गाइडेंस से पीछे हट रहे हैं। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में कारोबारियों को इन बैंकों से भविष्य के संकेत काफी कम मिल सकते हैं।

सवाल-जवाब

रुपया डॉलर के मुकाबले क्यों मजबूत हुआ?
कच्चे तेल की कीमतें कुल मिलाकर नीचे रहीं और अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना, जिससे भारतीय रुपये को वापसी करने का मौका मिला।
होर्मुज जलसंधि में क्या हुआ?
ईरान ने वहां से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं, जिसमें दो जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
सोमवार को FII ने कितना निवेश किया?
सोमवार को FII ने भारतीय शेयर बाजार में 243.03 करोड़ रुपये लगाए, जो शुक्रवार के 1,355.33 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम रहा।
TCS अपने तिमाही नतीजे कब पेश करेगी?
TCS निफ्टी 50 की पहली कंपनी होगी जो गुरुवार को अपने पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी करेगी।
USD/INR अभी किन स्तरों पर है?
USD/INR करीब 95.10 पर है, जिसका पहला सहारा 95.00 और फिर 94.03 पर है, जबकि ऊपर की ओर सर्वकालिक उच्च स्तर करीब 97.10 है।
कच्चे तेल की कीमत का हाल क्या है?
MCX पर 20 जुलाई वाला अनुबंध 1.3 प्रतिशत बढ़कर करीब 6,640 पर है, हालांकि यह पिछले हफ्ते के निचले स्तर 6,435 के करीब है; ताजा आंकड़ों में वैश्विक कच्चा तेल करीब 69.29 डॉलर पर है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR