TrendKia
सभीलाइवदेश
दुनिया
सभी दुनिया
पाकिस्तानचीनअमेरिकायूरोपएशियामध्य पूर्वलैटिन अमेरिका
राजनीति
व्यापार
सभी व्यापार
बाज़ारमनीऑटोबेनिफिट्ससक्सेस स्टोरीक्रिप्टोएआई
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेशबिहारमध्य प्रदेशराजस्थानदिल्लीमहाराष्ट्रगुजरातपंजाबहरियाणापश्चिम बंगालतमिलनाडुकेरलकर्नाटकतेलंगानाआंध्र प्रदेशझारखंडछत्तीसगढ़ओडिशाअसमउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशजम्मू-कश्मीरगोवाचंडीगढ़पुडुचेरी
यात्रा
यात्रा
खेल
क्रिकेटटेनिसफुटबॉल
मनोरंजनफ़िल्में, टीवी और सेलेब्स
बॉलीवुडOTTभोजपुरीमूवी रिव्यूटीवीहॉलीवुड
टेकगैजेट्स, ऐप्स और इनोवेशन
एक्सेसरीज़लॉन्च रिव्यूDIY
सेहतसेहत, फ़िटनेस और वेलनेस
जीवनफैशन, रिश्ते और जीवनशैली
फैशनकल्चररिश्तेट्रेंड्सपेरेंटिंग
खानपानरेसिपी, फूड और रेस्तरां
धर्मधर्म, आस्था और आध्यात्म
त्योहारवास्तुअध्यात्म
राशिफल
मेषवृषभमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुंभमीन
यात्राघूमने की जगहें और गाइड
ट्रैवल टिप्स
शिक्षानौकरी, परीक्षा और रिजल्ट
वैकेंसीएडमिशनपरीक्षारिजल्टकरियर
लाइव
देश
दुनिया
पाकिस्तान चीन अमेरिका यूरोप एशिया मध्य पूर्व लैटिन अमेरिका
राजनीति
व्यापार
बाज़ार मनी ऑटो बेनिफिट्स सक्सेस स्टोरी क्रिप्टो एआई
खेल
क्रिकेट टेनिस फुटबॉल
मनोरंजन
बॉलीवुड OTT भोजपुरी मूवी रिव्यू टीवी हॉलीवुड
टेक
एक्सेसरीज़ लॉन्च रिव्यू DIY
सेहत
जीवन
फैशन कल्चर रिश्ते ट्रेंड्स पेरेंटिंग
खानपान
धर्म
त्योहार वास्तु अध्यात्म
राशिफल
मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
यात्रा
ट्रैवल टिप्स
शिक्षा
वैकेंसी एडमिशन परीक्षा रिजल्ट करियर
उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब हरियाणा पश्चिम बंगाल तमिलनाडु केरल कर्नाटक तेलंगाना आंध्र प्रदेश झारखंड छत्तीसगढ़ ओडिशा असम उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर गोवा चंडीगढ़ पुडुचेरी
हमारे बारे में संपर्क गोपनीयता कुकी नीति शर्तें विज्ञापन दें
TrendKia logo हिंदी • English न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म

TrendKia

तेज़ • ताज़ा • हमेशा ट्रेंड पर

भारत और दुनिया की ताज़ा ट्रेंडिंग ख़बरें, हिंदी और अंग्रेज़ी में। कमेंट करने, टॉपिक फ़ॉलो करने और रिवॉर्ड पॉइंट कमाने के लिए Google से साइन इन करें।

हमारे बारे में
TrendKia news app preview
TrendKia
हमारे बारे मेंसंपर्कगोपनीयताकुकी नीतिशर्तेंविज्ञापन दें
40 साल के शिखर के बाद येन क्यों कमजोर बना रह सकता है, बैंक ऑफ जापान के आगे मुश्किल राहबाज़ार
2 घंटे पहले· 2

40 साल के शिखर के बाद येन क्यों कमजोर बना रह सकता है, बैंक ऑफ जापान के आगे मुश्किल राह

USD/JPY 162.84 का चार दशक का उच्चतम स्तर छूने के बाद 162.00 के आसपास ठहरा हुआ है, और जापान में नरम वेतन आंकड़ों तथा कमजोर महंगाई ने बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख अपनाने की गुंजाइश घटा दी है।

अमित पटेलअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता 4 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर

जापानी मुद्रा येन इस समय दबाव में है और USD/JPY पिछले हफ्ते 162.84 का 40 साल का उच्चतम स्तर छूने के बाद अब 162.00 के आसपास ठहरा हुआ है। ब्राउन ब्रदर्स हैरिमैन के एलियास हद्दाद का आकलन है कि बैंक ऑफ जापान के अचानक सख्त (हॉकिश) रुख अपनाने की उम्मीद बनने की राह बेहद कठिन है, और यही वजह है कि येन में आने वाली किसी भी राहत भरी तेजी पर ऊपरी छत लगी रहने की आशंका है, भले ही ब्याज दरों को लेकर बाजार की मौजूदा अपेक्षाएं कुछ भी हों।

असल में जापान से जो ताजा संकेत मिल रहे हैं, वे केंद्रीय बैंक पर दरें बढ़ाने का दबाव कम करते हैं। मई महीने के वेतन आंकड़े नरम पड़े हैं, और बैंक ऑफ जापान जिन अंदरूनी CPI यानी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संकेतकों पर नजर रखता है, उनमें से ज्यादातर मई में और गिरकर 2% से नीचे आ गए। इसका सीधा मतलब है कि महंगाई का दबाव सीमित है, और जब तक कीमतें तेजी से नहीं चढ़तीं, तब तक ब्याज दरें आक्रामक ढंग से बढ़ाने की कोई ठोस वजह केंद्रीय बैंक के सामने नहीं बनती।

ये भी पढ़ें
जापानी येन को बचाने की आखिरी कोशिश, रहस्यमयी सीमा पर बढ़ा बैंक ऑफ जापान और मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस का तनाव
एक्सपोर्ट में जबरदस्त उछाल के बावजूद क्यों टूट रहा है दक्षिण कोरियाई वॉन, अब बैंक ऑफ कोरिया उठा सकता है बड़ा कदम

वेतन बढ़ोतरी महंगाई की बड़ी वजह नहीं

बाजार अक्सर यह मानकर चलता है कि वेतन बढ़ने से महंगाई भड़कती है, लेकिन जापान के मामले में तस्वीर अलग है। कुल कारक उत्पादकता (टोटल फैक्टर प्रोडक्टिविटी) में सालाना करीब 1% की बढ़त को देखते हुए वहां वेतन में हो रही बढ़ोतरी महंगाई का कोई बड़ा स्रोत नहीं बन रही। यही कारण है कि नरम वेतन आंकड़े और 2% से नीचे खिसकते महंगाई संकेतक मिलकर यह इशारा कर रहे हैं कि बैंक ऑफ जापान के पास जल्दबाजी में कदम उठाने की गुंजाइश नहीं है, और येन को इसी कमजोर पृष्ठभूमि का सामना करना पड़ रहा है।

बॉन्ड बिक्री को जोरदार समर्थन, लंबी अवधि की यील्ड गिरी

ब्याज दरों की इसी तस्वीर का असर जापान के सरकारी बॉन्ड बाजार पर भी दिखा। 30 साल की मियाद वाले जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड निवेशकों की मजबूत खरीदारी के दम पर 10bps तक गिरकर 4.00% पर आ गई। 30 साल के बॉन्ड की नीलामी को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसका औसत बिड-टू-कवर रेशियो 4.55 रहा, जबकि जून में यह सिर्फ 2.94 था। यह मई 2019 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है और साफ बताता है कि निवेशकों की मांग कितनी दमदार रही।

डॉलर की मिलीजुली चाल: पाउंड और यूरो

दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर के लिए मंगलवार का दिन एकतरफा नहीं रहा। GBP/USD ने लगातार नौवें दिन अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा और एशियाई कारोबारी घंटों में यह करीब 1.3390 पर पहुंच गया। पाउंड को मजबूती इसलिए मिली क्योंकि बाजार भागीदारों ने इस महीने और सितंबर में फेडरल रिजर्व की दरें बढ़ाने की अपेक्षाओं में कटौती कर दी, जिससे डॉलर पर दबाव बना। वहीं EUR/USD मंगलवार को यूरोपीय कारोबार में 1.1400 की ओर फिसलता दिखा और 1.1450 के स्तर पर अटक गया। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर में हल्की रिकवरी, होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से बढ़े तनाव और एशियाई टेक शेयरों में बिकवाली ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को हवा दी, जिससे यूरो कमजोर पड़ा।

सोना, कच्चा तेल और होर्मुज का असर

कीमती धातुओं में भी हलचल रही। यूरोपीय सत्र की ओर बढ़ते हुए सोने का रुख दबाव भरा रहा, हालांकि यह $4,100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ीं, जिससे महंगाई की चिंता दोबारा जगी। इसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में एक और उछाल आया, जिसने डॉलर को कुछ सहारा दिया और बिना ब्याज देने वाली पीली धातु यानी सोने पर लगातार दूसरे दिन दबाव डाला।

ट्रेजरी में सेंध के बाद बॉन्क टोकन धड़ाम

क्रिप्टो बाजार में बॉन्क टोकन दबाव में रहा और पिछले दिन 10% से ज्यादा गिरने के बाद यह $0.0000044 से नीचे कारोबार करता दिखा। सोमवार की इस गिरावट की वजह वह चूक रही जिसका ऐलान बॉन्क डीएओ ने खुद किया। उसने बताया कि गवर्नेंस में हुई एक सेंधमारी की वजह से उसके ट्रेजरी से 2 करोड़ डॉलर मूल्य के BONK टोकन चोरी हो गए, और इसी झटके ने कीमत को नीचे धकेल दिया।

केंद्रीय बैंक अब कम बोलने की तैयारी में

इन सबके बीच एक बड़ा बदलाव यह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी बोलने की शैली बदल रहे हैं। वर्षों तक ये संस्थान बाजार को पहले से बताते रहे कि आगे क्या होने वाला है, लेकिन अब हालात अलग हैं। फेडरल रिजर्व से लेकर यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड तक, नीति-निर्माता अब फॉरवर्ड गाइडेंस से पीछे हट रहे हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कारोबारियों को केंद्रीय बैंकों से पहले जैसे साफ इशारे शायद न मिलें, और उन्हें आंकड़ों के आधार पर खुद ज्यादा अनुमान लगाने पड़ें।

इसका आप पर असर

  • निवेशकों के लिए: बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की गुंजाइश कम रहने से येन के जल्द मजबूत होने की उम्मीद घटती है, जिससे USD/JPY ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है।
  • आम पाठक के लिए: कमजोर येन और महंगे कच्चे तेल का मेल दुनिया भर में आयात लागत और महंगाई की चिंता को बढ़ा सकता है, जिसका असर घूमकर कीमतों पर पड़ता है।

सवाल-जवाब

USD/JPY इस समय किस स्तर पर है?
यह 162.84 का 40 साल का उच्चतम स्तर छूने के बाद अब 162.00 के आसपास ठहरा हुआ है।
बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की उम्मीद कमजोर क्यों है?
मई में वेतन आंकड़े नरम रहे और ज्यादातर अंदरूनी CPI संकेतक 2% से नीचे आ गए, जिससे महंगाई का दबाव सीमित है।
30 साल के जापानी बॉन्ड की नीलामी कैसी रही?
इसका औसत बिड-टू-कवर रेशियो 4.55 रहा, जो जून के 2.94 से काफी ऊंचा और मई 2019 के बाद का सबसे मजबूत आंकड़ा है।
GBP/USD में तेजी क्यों आई?
बाजार ने इस महीने और सितंबर में फेडरल रिजर्व की दरें बढ़ने की उम्मीदें घटाईं, जिससे डॉलर कमजोर हुआ और पाउंड लगातार नौवें दिन चढ़कर करीब 1.3390 पर पहुंचा।
बॉन्क टोकन में गिरावट की वजह क्या रही?
बॉन्क डीएओ ने बताया कि गवर्नेंस में सेंध लगने से उसके ट्रेजरी से 2 करोड़ डॉलर मूल्य के BONK टोकन चोरी हुए, जिससे कीमत $0.0000044 से नीचे आ गई।
सोने और कच्चे तेल पर क्या असर पड़ा?
सोना दबाव में रहा पर $4,100 से ऊपर टिका, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव से कच्चा तेल चढ़ा और ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से सोने पर दबाव बना।
अमित पटेल
लेखक के बारे मेंअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता दिल्ली
विशेषज्ञताबिज़नेस समाचार, वित्तीय बाज़ार, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट मामले, स्टार्टअप, उद्यमिता, आर्थिक रुझान, टेक्नोलॉजी बिज़नेस, निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, स्टार्टअप, तकनीक और आर्थिक रुझानों को कवर करते हैं। वे आधुनिक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले कारोबार और उद्योगों की ख़बरें, बाज़ार विश्लेषण और अंतर्दृष्टि देते हैं।

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, उद्यमिता, तकनीक और आर्थिक घटनाक्रमों को कवर करते हैं। वे ब्रेकिंग बिज़नेस न्यूज़, कॉर्पोरेट रणनीतियों, शेयर बाज़ार के रुझानों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले औद्योगिक नवाचारों पर रिपोर्ट करते हैं। सटीकता, स्पष्टता और गहन विश्लेषण पर ज़ोर देते हुए अमित पाठकों को जटिल कारोबारी विषयों और उनके वास्तविक असर को समझने में मदद करते हैं। उनकी कवरेज वित्तीय बाज़ार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उभरते उद्योगों, आर्थिक नीति, निवेश रुझानों और डिजिटल बदलाव तक फैली है।

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
#बाज़ार#जापानीयेन#USD/JPY#बैंकऑफजापान#फॉरेक्सबाजार#ब्याजदरें#JGBयील्ड#अमेरिकीडॉलर

टिप्पणियाँ 0

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें।

साइन इन

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवालराजनीति1
ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवाल
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?बाज़ार2
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचलसाइबर सुरक्षा3
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचल

ताज़ा ख़बरें सीधे आपके इनबॉक्स में

रोज़ की बड़ी ख़बरें, एक ईमेल में।

TrendKia बाज़ारविज्ञापनमानसून सेल — हर चीज़ पर 50% तक छूटTrendKia बाज़ारअभी खरीदें →
नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR

संबंधित ख़बरें

सस्ते कच्चे तेल और विदेशी निवेश के सहारे डॉलर के मुकाबले संभला रुपयाबाज़ार 3
सस्ते कच्चे तेल और विदेशी निवेश के सहारे डॉलर के मुकाबले संभला रुपया
2 घंटे पहले
होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमलों से डॉलर को मिली मजबूती, निवेशक सुरक्षित ठिकानों की ओर लौटेबाज़ार 2
होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमलों से डॉलर को मिली मजबूती, निवेशक सुरक्षित ठिकानों की ओर लौटे
2 घंटे पहले
गेमिंग नहीं, अब एंटरप्राइज AI बना AMD के शेयर की सबसे बड़ी ताकतबाज़ार 2
गेमिंग नहीं, अब एंटरप्राइज AI बना AMD के शेयर की सबसे बड़ी ताकत
8 घंटे पहले
एमसीएक्स पर सोना-चांदी दोनों लाल निशान में, जानें 10 ग्राम और किलो का ताजा रेटबाज़ार 3
एमसीएक्स पर सोना-चांदी दोनों लाल निशान में, जानें 10 ग्राम और किलो का ताजा रेट
10 घंटे पहले
चांदी की चार दिन की उछाल थमी, अब बिकवाली का दबाव, नज़र नीचे के सपोर्ट परबाज़ार 3
चांदी की चार दिन की उछाल थमी, अब बिकवाली का दबाव, नज़र नीचे के सपोर्ट पर
17 घंटे पहले
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर एक दायरे में फंसा, आगे क्या है रुखबाज़ार 3
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर एक दायरे में फंसा, आगे क्या है रुख
18 घंटे पहले
टोक्यो की खामोशी ने बदल दिया खेल, येन फिर 40 साल के सबसे कमजोर स्तर की ओरबाज़ार 3
टोक्यो की खामोशी ने बदल दिया खेल, येन फिर 40 साल के सबसे कमजोर स्तर की ओर
18 घंटे पहले
फेड की नरमी और मजबूत अमेरिकी आंकड़ों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, जानें आगे क्याबाज़ार 2
फेड की नरमी और मजबूत अमेरिकी आंकड़ों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, जानें आगे क्या
19 घंटे पहले