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फेड की नरमी और मजबूत अमेरिकी आंकड़ों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, जानें आगे क्याबाज़ार
7 जुल॰ 2026, 2:39 am (45 दिन पहले)· 2

फेड की नरमी और मजबूत अमेरिकी आंकड़ों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, जानें आगे क्या

कमजोर अमेरिकी नौकरी आंकड़ों से फेड पर दबाव घटने की उम्मीद बढ़ी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा मिला, हालांकि तकनीकी रुझान अब भी कमजोरी की ओर इशारा कर रहा है।

AUD/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण6 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD अभी 0.70 पर है, जबकि EMA20 0.70, EMA50 0.70 और EMA200 0.69 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (0.70) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (0.69) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का RSI 44 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अमेरिकी डॉलर पर इस समय दबाव बना हुआ है और इसी का फायदा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिल रहा है। दरअसल, हाल के कमजोर नौकरी आंकड़ों (नॉन फार्म पेरोल यानी NFP) ने बाजार की उस उम्मीद को बदल दिया है जिसमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख की आशंका थी। जब बाजार को लगता है कि ब्याज दरें उतनी तेजी से नहीं बढ़ेंगी, तो डॉलर की चमक फीकी पड़ती है, और इसका सीधा लाभ AUD/USD जैसी मुद्रा जोड़ी को मिलता है। मौजूदा कारोबारी सत्र में AUD/USD 0.6959 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 0.6937 से करीब 0.32 प्रतिशत ऊपर है।

हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। अमेरिका से आए सेवा क्षेत्र के आंकड़े अपेक्षाकृत मजबूत रहे, जिसने डॉलर की गिरावट को कुछ हद तक थाम रखा है। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित दायरे में ही रही।

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अमेरिकी सेवा क्षेत्र के आंकड़े क्या कहते हैं

अमेरिका में सेवा क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियां जून में थोड़ी सुस्त जरूर पड़ीं, लेकिन यह अब भी विस्तार वाले क्षेत्र में बनी हुई हैं। जून के लिए आईएसएम सर्विसेज पीएमआई 54 पर रहा, जो पिछले महीने के 54.5 से थोड़ा नीचे है, लेकिन अनुमानों के अनुरूप ही है। किसी भी पीएमआई आंकड़े में 50 से ऊपर का स्तर विस्तार माना जाता है, इसलिए 54 अब भी सेहतमंद तस्वीर पेश करता है।

इस सर्वे के भीतर के उप-घटक और भी दिलचस्प कहानी कहते हैं। कीमतों वाला सूचकांक (प्राइसेज इंडेक्स) 71.3 से गिरकर 67.7 पर आ गया, जो महंगाई के दबाव में कुछ नरमी की ओर इशारा करता है। दूसरी ओर, रोजगार वाला सूचकांक (एंप्लॉयमेंट इंडेक्स) 47.9 से सुधरकर 51.2 पर पहुंच गया, यानी यह संकुचन से निकलकर वापस विस्तार में आ गया। नौकरियों के मोर्चे पर यह सुधार ही वह वजह है जिसने डॉलर को पूरी तरह कमजोर पड़ने से रोक रखा है।

आरबीए का रुख और आगे के आंकड़े

ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक (आरबीए) की बैठक के ब्योरे (मिनट्स) ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया है। इन ब्योरों से यह संकेत मिलता है कि अगर महंगाई बनी रहती है तो ब्याज दरें और सख्त करने का जोखिम अब भी जिंदा है। केंद्रीय बैंक का यही तीखा (हॉकिश) झुकाव है, जिसने AUD/USD की शुरुआती गिरावट को कुछ हद तक ढक लिया।

इस सप्ताह आर्थिक कैलेंडर हल्का है, यानी बड़े आंकड़े कम हैं। कारोबारियों की नजर अब 13 जुलाई को आने वाले जुलाई के वेस्टपैक उपभोक्ता विश्वास (कंज्यूमर कॉन्फिडेंस) आंकड़े पर रहेगी, और उसके बाद इसी अवधि के उपभोक्ता महंगाई अनुमान (कंज्यूमर इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशन्स) पर।

तकनीकी तस्वीर: कमजोरी का रुझान बरकरार

दैनिक चार्ट पर AUD/USD की चाल देखें तो नजदीकी अवधि का रुझान अब भी कमजोरी की ओर झुका है। ताजा लाइव आंकड़ों के मुताबिक यह जोड़ी 0.6959 के आसपास है और अहम मूविंग एवरेज के गुच्छे के नीचे बनी हुई है। 50, 100 और 200 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज करीब 0.7091 के आसपास एक साथ जमा हैं, और भाव इनसे नीचे है। पहले जो स्तर तेजी की ट्रेंड-लाइन के तौर पर सहारा देते थे, वे अब टूटकर ऊपर की ओर बिकवाली के दबाव में बदल गए हैं, यानी पुराने ढांचागत सपोर्ट अब रुकावट बन गए हैं।

गति मापने वाला सूचकांक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) इस समय करीब 44 पर है, जो कमजोरी की तरफ झुका हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि नीचे की ओर दबाव अब भी बना हुआ है, हालांकि हालिया गिरावट किसी तेज बिखराव के बजाय गति में मामूली कमी भर दिखाती है।

ऊपर की ओर देखें तो सबसे पहली रुकावट टूटी हुई लंबी अवधि की ट्रेंड-लाइन के इलाके यानी करीब 0.7002 के पास बनती है। इसके ऊपर एक और घनी छत बनती है, जहां पहले सहारा देने वाली ट्रेंड-लाइनें और मूविंग एवरेज का गुच्छा करीब 0.7086 से 0.7111 के बीच आपस में मिल जाते हैं। तेजी लौटाने और मौजूदा कमजोरी का माहौल हल्का करने के लिए भाव को इस पट्टी को दोबारा पार करना होगा।

नीचे की ओर उपलब्ध आंकड़ों में कोई साफ-साफ ढांचागत सहारा फिलहाल मौजूदा भाव के ठीक नीचे नहीं दिखता। इसका मतलब है कि अगर गिरावट आगे बढ़ती है तो AUD/USD को नई मांग किसी और निचले स्तर पर ही तलाशनी पड़ सकती है। जब तक भाव ऊपर बताई गई रुकावट पट्टी के नीचे रहता है, जोखिम नीचे की ओर ही झुका रहेगा।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल किन बातों पर टिकी है

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि इसे कौन-कौन से कारक चलाते हैं। सबसे बड़ा कारक है ब्याज दरों का स्तर, जिसे ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक (आरबीए) तय करता है। चूंकि ऑस्ट्रेलिया संसाधनों से भरपूर देश है, इसलिए इसके सबसे बड़े निर्यात यानी लौह अयस्क (आयरन ओर) की कीमत भी एक अहम कारक है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन की अर्थव्यवस्था की सेहत, देश की अपनी महंगाई दर, विकास दर और व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) भी मायने रखते हैं। बाजार का मिजाज भी बड़ी भूमिका निभाता है, यानी निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों की ओर जा रहे हैं (रिस्क-ऑन) या सुरक्षित पनाहगाहों की तलाश में हैं (रिस्क-ऑफ)। रिस्क-ऑन का माहौल ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए सकारात्मक रहता है।

आरबीए की भूमिका

ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक ब्याज दरों का वह स्तर तय करता है जिस पर ऑस्ट्रेलियाई बैंक आपस में एक-दूसरे को कर्ज देते हैं, और इसी से पूरी अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों का स्तर प्रभावित होता है। आरबीए का मुख्य लक्ष्य ब्याज दरों को घटाकर या बढ़ाकर महंगाई को 2 से 3 प्रतिशत के स्थिर दायरे में बनाए रखना है। जब दूसरे बड़े केंद्रीय बैंकों की तुलना में ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो यह ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा देता है, और दरें नीची होने पर उल्टा असर पड़ता है। केंद्रीय बैंक मात्रात्मक सहजता (क्वांटिटेटिव ईजिंग) और सख्ती (टाइटनिंग) का इस्तेमाल भी करता है, जिसमें पहली मुद्रा के लिए नकारात्मक और दूसरी सकारात्मक मानी जाती है।

चीन और लौह अयस्क का असर

चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए चीनी अर्थव्यवस्था की सेहत ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कीमत पर गहरा असर डालती है। जब चीन की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह ऑस्ट्रेलिया से ज्यादा कच्चा माल, सामान और सेवाएं खरीदता है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग बढ़ती है और इसकी कीमत ऊपर जाती है। जब चीन की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहती है तो इसका उल्टा असर होता है। यही वजह है कि चीन के विकास के आंकड़ों में सकारात्मक या नकारात्मक चौंकाने वाले नतीजे अक्सर सीधे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दिखते हैं।

लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात है। साल 2021 के आंकड़ों के मुताबिक यह सालाना 118 अरब डॉलर का कारोबार करता है, और इसका सबसे बड़ा खरीदार चीन है। इसलिए लौह अयस्क की कीमत भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को चला सकती है। आमतौर पर जब लौह अयस्क की कीमत बढ़ती है तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी ऊपर जाता है, क्योंकि मुद्रा की कुल मांग बढ़ जाती है। कीमत गिरने पर उल्टा होता है। ऊंची कीमतें ऑस्ट्रेलिया के लिए सकारात्मक व्यापार संतुलन की संभावना भी बढ़ाती हैं, जो अपने आप में मुद्रा के लिए अच्छा है।

व्यापार संतुलन का महत्व

व्यापार संतुलन का मतलब है किसी देश की निर्यात से होने वाली कमाई और आयात पर होने वाले खर्च के बीच का अंतर। यह भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कीमत को प्रभावित करने वाला एक कारक है। अगर ऑस्ट्रेलिया ऐसी चीजें बनाता है जिनकी दुनिया में भारी मांग है, तो विदेशी खरीदारों की अतिरिक्त मांग से ही इसकी मुद्रा मजबूत हो जाती है। इस तरह सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती देता है, जबकि नकारात्मक संतुलन का उल्टा असर पड़ता है।

सवाल-जवाब

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती की मुख्य वजह क्या है?
कमजोर अमेरिकी NFP आंकड़ों ने फेड के आक्रामक रुख की उम्मीद घटा दी, जिससे अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा मिला।
जून का आईएसएम सर्विसेज पीएमआई कितना रहा?
जून के लिए यह 54 पर रहा, जो पिछले 54.5 से थोड़ा नीचे लेकिन अनुमानों के अनुरूप है और अब भी विस्तार वाले क्षेत्र में है।
AUD/USD इस समय किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
मौजूदा सत्र में यह करीब 0.6959 पर है, जो पिछले बंद भाव 0.6937 से लगभग 0.32 प्रतिशत ऊपर है।
इस जोड़ी में अहम रुकावट कहां है?
पहली रुकावट करीब 0.7002 पर और उसके ऊपर 0.7086 से 0.7111 के बीच मूविंग एवरेज गुच्छे के पास एक घनी छत बनती है।
इस सप्ताह कौन से आंकड़ों पर नजर रहेगी?
13 जुलाई को आने वाला जुलाई का वेस्टपैक उपभोक्ता विश्वास आंकड़ा और उसके बाद उपभोक्ता महंगाई अनुमान अहम रहेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए लौह अयस्क क्यों मायने रखता है?
लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात है, जो 2021 के आंकड़ों के मुताबिक सालाना 118 अरब डॉलर का है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने पर आमतौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी मजबूत होता है।
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