भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को मिला-जुला और काफी उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला। बेंचमार्क सूचकांकों में से सेंसेक्स मामूली बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा, जबकि निफ्टी 50 लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। बाजार में मेटल और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण निफ्टी अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख सका। हालांकि, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में दिखी खरीदारी ने सूचकांकों को और अधिक नीचे गिरने से बचा लिया। पूरे सत्र के दौरान बिकवाली और खरीदारी के बीच कड़ा मुकाबला चलता रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई लगभग संतुलित बनी रही।
कारोबारी सत्र की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की मजबूती दर्ज करते हुए 78,079.96 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 40.10 अंक टूटकर 24,395.85 के स्तर पर आ गया। पूरे दिन के कारोबार में शेयरों की बढ़त और गिरावट का अनुपात लगभग बराबर रहा। दिन भर के सत्र में कुल 2,088 शेयर बढ़त हासिल करने में सफल रहे, जबकि 2,052 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
धातु और बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टोरल प्रदर्शन का विश्लेषण करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स में सबसे गहरा नुकसान देखने को मिला। धातुओं के सूचकांक में 1.28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। इसके अलावा प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत की मंदी रही, जिसमें बड़े निजी बैंकों के शेयरों में बिकवाली हावी रही। निफ्टी फार्मा सेक्टर में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक में 0.58 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इन प्रमुख क्षेत्रों में आई गिरावट ने निफ्टी पर लगातार दबाव बनाए रखा।
रियल्टी, एफएमसीजी और आईटी ने दी बाजार को राहत
व्यापक बाजार में मंदी के बावजूद कुछ क्षेत्रों ने सूचकांकों को सहारा देने का काम किया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और यह 1 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी 0.45 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा एफएमसीजी, आईटी और मीडिया सेक्टर भी हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। इन क्षेत्रों में आई मजबूती ने बेंचमार्क सूचकांकों की गिरावट को एक सीमित दायरे में बांधकर रखा।
निफ्टी 50 के प्रमुख चढ़ने और गिरने वाले शेयर
निफ्टी 50 के घटक शेयरों में से टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सबसे आगे रहा और 2.69 प्रतिशत की बढ़त बनाकर टॉप गेनर बना। इसके अलावा टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 1.92 प्रतिशत उछला, जबकि एनटीपीसी में 1.41 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.41 प्रतिशत और श्रीराम फाइनेंस में 1.35 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
दूसरी तरफ, बिकवाली के शिकार शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज सबसे ऊपर रहा, जिसमें 2.99 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई। आईसीआईसीआई बैंक 1.74 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ, जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.56 प्रतिशत, ग्रासिम इंडस्ट्रीज में 1.54 प्रतिशत और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 0.98 प्रतिशत की मंदी दर्ज की गई।
एन चंद्रशेखरन के ऐलान के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों की चाल
टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की उस घोषणा के बाद टाटा समूह के शेयरों में लगातार दूसरे दिन मिला-जुला रुख देखने को मिला, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे दोबारा चेयरमैन पद के लिए दावेदारी पेश नहीं करेंगे। समूह की कंपनियों में टीसीएस का शेयर 0.35 प्रतिशत बढ़कर ₹2,358 पर बंद हुआ। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 1.52 प्रतिशत चढ़कर ₹348 पर पहुंचा, जबकि टाटा केमिकल्स 0.14 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ ₹674 पर बंद हुआ। इसके विपरीत, टाइटन कंपनी का शेयर 1.18 प्रतिशत टूटकर ₹5,036 और वोल्टास 0.34 प्रतिशत गिरकर ₹1,285 के स्तर पर आ गया।
रुपये में मंदी और कच्चे तेल का स्तर
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर रहा। सत्र के दौरान रुपया 10 पैसे गिरकर 95.43 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें 1.70 प्रतिशत घटकर 87.47 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गईं, लेकिन यह स्तर अभी भी काफी ऊंचा बना हुआ है, जिससे आयात लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।



















