माइक्रॉन (MU) 2026 की सबसे बड़ी AI शेयर सफलता की कहानी बन चुका है। चिप की कमी और AI मेमोरी की भारी मांग ने इसे ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा दिया है। साल की शुरुआत से अब तक MU में 300% से ज्यादा की बढ़त आ चुकी है और अप्रैल के बाद से यह लगातार ऊपर जा रहा है। सोमवार को भी MU ने 4% की छलांग लगाई और कीमत $1,191 पर पहुंच गई। अब सबकी नजरें 24 जून पर टिकी हैं, जब कंपनी वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश करेगी।
$33.5 अरब राजस्व और 81% मार्जिन का अनुमान
विश्लेषकों ने इस तिमाही के लिए $33.5 अरब के राजस्व का अनुमान जताया है। एडजस्टेड EPS $19 से $20 के दायरे में रहने की उम्मीद है। कंपनी पहले ही अगली तिमाही के लिए करीब 81% का नॉन-GAAP ग्रॉस मार्जिन गाइडेंस दे चुकी थी। राजस्व आउटलुक $33.5 अरब रखा गया था, जिसमें ऊपर-नीचे $750 मिलियन का फर्क संभव है। यह पूरा अनुमान बेहतर कीमतों, कम उत्पादन लागत और अनुकूल प्रोडक्ट मिक्स की उम्मीद पर आधारित है। निवेशकों का सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि कंपनी का मैनेजमेंट AI मेमोरी की आगे की मांग को लेकर क्या संकेत देता है।
नीधम, बर्नस्टीन, ससक्वेहना सभी बुलिश
कमाई रिपोर्ट से पहले वॉल स्ट्रीट के कई बड़े नाम MU के पक्ष में खड़े हो गए हैं। नीधम के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट क्विन बोल्टन ने आज माइक्रॉन पर बाय रेटिंग दोहराई और $1,550 का प्राइस टारगेट दिया, यानी मौजूदा स्तर से करीब 37% की और बढ़त की गुंजाइश। सोमवार को बर्नस्टीन ने $1,300 और ससक्वेहना ने $1,750 के लक्ष्य के साथ बाय रेटिंग बरकरार रखी। माइक्रॉन को करीब से ट्रैक करने वाले विश्लेषकों को उम्मीद है कि बुधवार की रिपोर्ट के बाद भी पूरी गर्मियों में शेयर में तेजी बनी रह सकती है।
फेडरल रिजर्व की नीति और महंगाई का साया
माइक्रॉन की इस रैली को फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें न बढ़ाने के फैसले से भी सहारा मिला है। हालांकि, तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। अमेरिका में मई 2026 में महंगाई दर 4.2% पर पहुंच गई। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने साफ कहा है कि महंगाई फेड के 2% के लक्ष्य से बहुत ऊपर है और कीमतें अभी भी काफी ऊंची हैं। बाजार के कुछ जानकार यह भी मान रहे हैं कि फेडरल रिजर्व इस साल के अंत में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो MU जैसे ऊंचाई पर पहुंचे शेयरों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।













