भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के शेयरों की बेहद मजबूत लिस्टिंग देखने को मिली। इलेक्ट्रिकल तथा पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट निर्माण क्षेत्र में काम करने वाली इस कंपनी ने निवेशकों को पहले ही दिन बढ़िया रिटर्न दिया। प्राइमरी मार्केट में 425 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर जारी किए गए इस शेयर ने दलाल स्ट्रीट पर कदम रखते ही 22 प्रतिशत से अधिक का प्रीमियम हासिल किया। ट्रेडिंग सत्र के दौरान लिवाली के जोर से यह शेयर 586 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक जा पहुंचा, जिससे आईपीओ निवेशकों के चेहरे खिल गए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग आंकड़े
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स का शेयर 519 रुपये के भाव पर खुला, जो इसके तय इश्यू प्राइस से ठीक 22.11 प्रतिशत ज्यादा है। बाजार खुलते ही शेयर में खरीदारी की गति तेज हो गई और इंट्राडे कारोबार के दौरान यह 37.88 प्रतिशत की कुल बढ़त के साथ 586 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी के शेयरों की शुरुआत 520 रुपये के स्तर पर हुई, जो 22.35 प्रतिशत की तेजी को दर्शाती है। लिस्टिंग के तुरंत बाद कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,588.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
सब्सक्रिप्शन के दौरान निवेशकों का मिला था भारी समर्थन
कंपनी के 290 करोड़ रुपये के इस मेनबोर्ड आईपीओ को प्राइमरी मार्केट में अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली थी। यह पब्लिक इश्यू 30 जुलाई को आम निवेशकों की बोली के लिए खोला गया था और 3 अगस्त को बंद हुआ। तीन दिनों की बिडिंग विंडो के दौरान निवेशकों ने इस इश्यू को हाथों-हाथ लिया और यह कुल 188.85 गुना सब्सक्राइब हुआ। मजबूत मांग की वजह से यह आईपीओ खुलने के पहले ही दिन पूरी तरह भर गया था। इसके बाद 4 अगस्त को सफल आवेदकों के लिए शेयरों का अलॉटमेंट पूरा किया गया, जबकि 5 अगस्त को पात्र निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट कर दिए गए थे।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और इश्यू की संरचना
एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने इस आईपीओ के लिए 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर का प्राइस बैंड 400 रुपये से 425 रुपये तय किया था। खुदरा निवेशकों के लिए 1 लॉट में 34 शेयर रखे गए थे। इस इश्यू की खास बात यह थी कि यह पूरी तरह से फ्रेश इक्विटी शेयरों के नए निष्कासन (Fresh Issue) पर आधारित था। इसमें प्रमोटरों या मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं था, जिसका सीधा मतलब है कि आईपीओ से जुटाई गई पूरी 290 करोड़ रुपये की राशि कंपनी के बिजनेस विस्तार और कॉर्पोरेट उद्देश्यों में इस्तेमाल की जाएगी।



















