अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन में जोरदार रिकवरी देखी जा रही है। अमेरिकी और जापानी अधिकारियों की ओर से मुद्रा बाजार में मिलकर किए गए सीधे हस्तक्षेप के बाद जापानी येन की विनिमय दर मजबूत हुई है। इसके चलते गुरुवार को शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन का विनिमय दर जोड़ा USD/JPY नरम होकर 157.65 के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र की क्लोजिंग 157.69 के मुकाबले इस समय बाजार में हल्का दबाव देखा जा रहा है। live बाजार आंकड़ों के मुताबिक ट्रेडिंग सीमा 157.29 से 166.06 के बीच बनी हुई है, जबकि पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस करेंसी पेयर का दायरा 146.22 से 163.98 के बीच रहा है। अमेरिकी वित्तीय प्रशासन और जापान के वित्त मंत्रालय द्वारा एशियाई मुद्राओं की स्थिरता बनाए रखने के लिए यह साझा कदम उठाया गया है।
वॉशिंगटन और टोक्यो का समन्वित कदम, आगे भी हस्तक्षेप के संकेत
इस बड़े बाजार घटनाक्रम के पीछे दोनों देशों के शीर्ष नीति निर्माताओं के बयान अहम रहे हैं। अमेरिकी खजाना सचिव (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने एशियाई मुद्रा बाजारों में पैदा हो रही अस्थिरता को रोकने के लिए जापान के येन-खरीद अभियानों का समर्थन किया है। स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि जापानी येन में लगातार आ रही गिरावट से पूरे एशियाई क्षेत्र के वित्तीय बाजारों के डगमगाने का खतरा पैदा हो गया था। इसी जोखिम से निपटने के लिए वॉशिंगटन ने टोक्यो का साथ देने का फैसला किया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो अमेरिकी प्रशासन दोबारा हस्तक्षेप करने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाएगा।
वहीं जापान की ओर से वित्त मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी सात्सुकी कातायामा ने पुष्टि की कि टोक्यो और वॉशिंगटन ने योजनाबद्ध तरीके से मिलकर बाजार से येन की खरीदारी की है। सात्सुकी कातायामा का कहना है कि दोनों देश विनिमय दर को नियंत्रित करने के लिए भविष्य में भी सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी सहमति जताई है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस समन्वित हस्तक्षेप को दोनों देशों के बीच मित्रता का एक मजबूत संकेत करार दिया। नीति निर्माताओं के इस आक्रामक रुख से ट्रेडर्स के बीच आगे भी सरकारी हस्तक्षेप का डर बना हुआ है, जिससे निकट भविष्य में जापानी येन को मजबूत सहारा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
USD/JPY का तकनीकी विश्लेषण और अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल्स
दैनिक प्राइस चार्ट पर USD/JPY का रुझान मंदड़िया नजर आ रहा है। यह करेंसी पेयर इस समय अपने 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और बोलिंगर बैंड्स के 20-दिन के SMA के नीचे बना हुआ है। हालिया वोलेटिलिटी एनवलप से फिसलकर कीमत अब अपर बैंड के बजाय लोअर बैंड के काफी करीब आ पहुंची है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स RSI(14) वर्तमान में 27.96 के स्तर पर है, जो ओवरसोल्ड जोन में स्थित है। इसके अलावा live तकनीकी आंकड़ों में RSI 26 पर दर्ज हुआ है, जो यह संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव काफी अधिक हो चुका है, हालांकि अभी तक बाजार में ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि नहीं हुई है। MACD इंडिकेटर -0.85 पर सिग्नल लाइन -0.10 के नीचे बना हुआ है, जो मंदी के रुझान को दर्शाता है।
ऊपरी स्तरों पर ट्रेडिंग की बात करें तो पहला रेजिस्टेंस 100-दिन के SMA के पास 160.00 पर स्थित है। यदि रिकवरी होती है तो अगला रुकावट का स्तर बोलिंगर 20-दिन के SMA के पास 161.40 और EMA20 का 160.89 स्तर होगा। इसके ऊपर सबसे मजबूत रेजिस्टेंस बोलिंगर अपर बैंड के निकट 166.26 पर देखा जा सकता है। इसके विपरीत, नीचे की तरफ immediate सपोर्ट बोलिंगर लोअर बैंड के पास 156.55 पर बना हुआ है (जबकि live लोअर बैंड सपोर्ट 157.29 के आसपास है)। अगर बिकवाली का दौर जारी रहता है तो अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल 6 मई का निचला स्तर 155.04 और 20-दिवसीय सपोर्ट 155.26 साबित होगा। पिवट पॉइंट 157.65 पर टिका हुआ है, जिसके नीचे S1 157.54 और S2 157.44 के स्तर बेहद नाजुक माने जा रहे हैं।
अमेरिकी जुलाई जॉब्स डेटा पर टिकी निवेशकों की निगाहें
करेंसी ट्रेडर्स का ध्यान अब शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिका के जुलाई गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों पर लगा हुआ है। मैक्रोइकॉनॉमिक अनुमानों के अनुसार जुलाई महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 80,000 नई नौकरियां जुड़ने की उम्मीद जताई गई है। वहीं बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रहने का अनुमान है। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि यदि रोजगार आंकड़े अनुमान से बेहतर आते हैं, तो इससे अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल सकती है और उसकी हालिया गिरावट पर कुछ हद तक ब्रेक लग सकता है। लेकिन अगर आंकड़े निराशाजनक रहते हैं तो ग्रीनबैक पर मंदी का दबाव और गहरा सकता है।
जापानी येन के मूलभूत कारण और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति
जापानी येन दुनिया भर में सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली प्रमुख मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्यांकन जापान की आर्थिक वृद्धि, बैंक ऑफ जापान की नीतियों, अमेरिका और जापान के सरकारी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा वैश्विक निवेशकों के रिस्क सेंटिमेंट से तय होता है। बैंक ऑफ जापान का एक मुख्य दायित्व मुद्रा विनिमय दर को संतुलित रखना है। हालांकि, अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ राजनीतिक चिंताओं के कारण बैंक ऑफ जापान बार-बार सीधे बाजार हस्तक्षेप से बचता रहा है। साल 2013 से 2024 के दौरान बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति (अल्ट्रा-लूज मॉनेटरी पॉलिसी) के कारण फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ ब्याज दरों का अंतर काफी बढ़ गया था, जिससे येन में ऐतिहासिक गिरावट आई थी।
दस वर्षों से अधिक समय तक बैंक ऑफ जापान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों में रहे बड़े अंतर के कारण 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड और जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड का फासला बहुत चौड़ा हो गया था। इस यील्ड गैप ने निवेशकों को अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया। लेकिन 2024 में बैंक ऑफ जापान ने धीरे-धीरे अपनी अल्ट्रा-लूज पॉलिसी को वापस लेना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही दुनिया के अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में की जा रही कटौती से बॉन्ड यील्ड का अंतर कम हो रहा है, जिससे येन को बुनियादी मजबूती मिल रही है। इसके अलावा जापानी येन को वैश्विक वित्तीय बाजार में एक सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट) माना जाता है। बाजार में तनाव या भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर येन में लगाते हैं।
डॉलर की कमजोरी से GBP/USD और EUR/USD में तेजी
अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी का असर विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों पर भी साफ दिख रहा है। अमेरिकी डॉलर के बैकफुट पर जाने से ब्रिटिश पाउंड और अन्य जोखिम-संचालित करेंसी पेयर्स को समर्थन मिला है। बुधवार को GBP/USD लगातार दूसरे दिन चढ़कर 1.3480 के पार दो दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समझौते की उम्मीदों से भी पाउंड को मजबूती मिली।
इसी तरह EUR/USD भी लगातार दूसरे दिन की बढ़त दर्ज करते हुए बुधवार को 1.1560 के बहु-सप्ताह के उच्च स्तर को चुनौती देता नजर आया। डॉलर इंडेक्स में गिरावट के बीच अंतरराष्ट्रीय निवेशक मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर बारीक नजर रखे हुए हैं। ट्रेडर्स अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिनमें गुरुवार को आने वाले साप्ताहिक बेरोजगारी दावों (जॉबलेस क्लेम) और चैलेंजर जॉब कट्स के आंकड़े शामिल हैं।



















