शेयर बाजार में पैसा लगाने या रोज ट्रेडिंग करने वालों के लिए आज एक जरूरी अपडेट है। 26 जून 2026, शुक्रवार को देश के दोनों बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE और BSE में कोई कामकाज नहीं होगा। खास बात यह है कि इस छुट्टी के तुरंत बाद वीकेंड पड़ रहा है, यानी निवेशकों और ट्रेडर्स को एक साथ तीन दिन का लंबा ब्रेक मिलने जा रहा है।
आज बाजार मुहर्रम (आशूरा) के मौके पर बंद है। इसके बाद 27 और 28 जून को शनिवार और रविवार की नियमित साप्ताहिक छुट्टी रहेगी। ऐसे में अब बाजार सीधे सोमवार, 29 जून को ही खुलेगा।
मुहर्रम पर क्यों बंद रहता है बाजार
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है और इसके दसवें दिन को आशूरा के रूप में मनाया जाता है। मुस्लिम समुदाय के लिए इस दिन का गहरा धार्मिक महत्व है, और इसी वजह से भारतीय शेयर बाजार में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रखा गया है।
NSE और BSE की आधिकारिक ट्रेडिंग हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक 26 जून को इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स समेत बाकी सभी प्रमुख सेगमेंट में कारोबार पूरी तरह ठप रहेगा। इसका सीधा मतलब है कि आज न तो शेयरों की खरीद-बिक्री होगी और न ही फ्यूचर्स-ऑप्शंस या दूसरे मार्केट लेनदेन हो पाएंगे। बाजार में सामान्य कामकाज अब 29 जून से ही दोबारा शुरू होगा।
ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए क्या मायने
लंबे वीकेंड का सबसे बड़ा असर उन ट्रेडर्स पर पड़ता है जिनकी पोजिशन खुली रह जाती है। 25 जून, गुरुवार को बाजार सामान्य समय पर खुला था और यही हफ्ते का आखिरी कारोबारी सेशन रहा। इसके बाद लगातार तीन दिन तक कोई ट्रेडिंग नहीं होगी।
मार्केट जानकारों का मानना है कि इतनी लंबी छुट्टी के दौरान ग्लोबल बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स और किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना का असर सोमवार को बाजार खुलते ही दिख सकता है। यही वजह है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और डेरिवेटिव्स में पैसा लगाने वालों को रिस्क मैनेजमेंट पर पहले से खास ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
2026 में और कब-कब रहेगी छुट्टी
स्टॉक एक्सचेंज की छुट्टियों की सूची के अनुसार 2026 में वीकेंड को छोड़कर कुल 16 ट्रेडिंग हॉलिडे तय किए गए हैं। मुहर्रम के बाद अगली बड़ी छुट्टी सितंबर में गणेश चतुर्थी पर पड़ेगी। इसके अलावा गांधी जयंती, दशहरा, दिवाली, गुरु नानक जयंती और क्रिसमस जैसे मौकों पर भी बाजार बंद रहेगा। हालांकि जुलाई और अगस्त में कोई बड़ी ट्रेडिंग छुट्टी तय नहीं है, इसलिए इन दोनों महीनों में बाजार सामान्य रूप से चलता रहेगा।
छुट्टी से पहले क्या करें निवेशक
जानकारों का कहना है कि लंबी छुट्टी से पहले निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की एक बार समीक्षा जरूर कर लेनी चाहिए। जिनकी शॉर्ट-टर्म पोजिशन खुली हुई है, उन्हें संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए सही रणनीति अपनानी चाहिए। साथ ही जिन्हें किसी शेयर में खरीदारी करनी थी या मुनाफावसूली करनी थी, वे 25 जून तक अपने जरूरी फैसले निपटा सकते थे।
कुल मिलाकर मुहर्रम की यह छुट्टी बाजार के नियमित कैलेंडर का ही हिस्सा है और इसका लंबी अवधि के निवेश पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। फिर भी, तीन दिन के ब्रेक के बाद बाजार खुलने पर उतार-चढ़ाव थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए सोच-समझकर और सही योजना के साथ निवेश करना ही समझदारी है।













