साल 2025 में जोरदार ग्रोथ दिखाने वाली टेक कंपनी इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स यानी IBM के लिए यह साल अब तक उतना अच्छा नहीं रहा है। कंपनी का शेयर इस साल अब तक 12% लुढ़क चुका है, जिससे 2021 के बाद हासिल हुए 80% से ज्यादा के मुनाफे में सेंध लगी है। लेकिन इसी हफ्ते कंपनी की एक बड़ी घोषणा के बाद अब शेयर में वापसी की उम्मीद जगी है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए चिप की एक नई पीढ़ी आने वाली है।
IBM ने आज दुनिया की पहली सब-1 नैनोमीटर चिप तकनीक से पर्दा उठाया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि इसकी नई सब-1 nm चिप एक नाखून के आकार वाली चिप पर करीब 100 अरब ट्रांजिस्टर समेटे हुए है, जो 2021 में पेश हुई IBM की 2 nm चिप के मुकाबले लगभग दोगुनी डेंसिटी है। कंपनी का कहना है कि यह नई चिप क्षमता के मामले में बड़ी छलांग लगाएगी और जेनरेटिव AI तथा क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तक की कंप्यूटिंग को नई ताकत देगी। कंपनी का अनुमान है कि इन चिप का उत्पादन जल्द से जल्द पांच साल में शुरू हो सकता है।
AI और क्लाउड पर बड़ा दांव
IBM खुद को AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में ग्रोथ के लिए तैयार कर रही है, और इसे एनालिस्ट के अपग्रेड तथा सॉफ्टवेयर कारोबार पर सकारात्मक नजरिए का सहारा मिल रहा है। इसी हफ्ते की शुरुआत में जेपी मॉर्गन के एनालिस्ट्स ने इस शेयर की रेटिंग न्यूट्रल से बढ़ाकर ओवरवेट कर दी। एनालिस्ट ब्रायन एसेक्स ने कहा कि कंपनी का सॉफ्टवेयर कारोबार लगातार बेहतर रिकरिंग रेवेन्यू, मार्जिन, मुनाफा और कैश फ्लो दे रहा है।
खर्च का सिलसिला रंग ला रहा
शेयर में गिरावट के बावजूद IBM पिछले एक साल से जमकर निवेश कर रही है और यह कदम फायदेमंद साबित हुआ है। पिछले महीने IBM का शेयर तब उछला था, जब वाणिज्य विभाग ने कहा कि वह एंडरॉन को शुरू करने के लिए 1 अरब डॉलर देगा। एंडरॉन एक नई स्वतंत्र कंपनी है, जो अमेरिका के अल्बानी, न्यूयॉर्क में क्वांटम चिप फाउंड्री बनाएगी। इसके साथ ही IBM भी एंडरॉन में अपनी जेब से 1 अरब डॉलर लगाएगी।













