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थाई बाथ पर बढ़ता दबाव, कमजोर डॉलर के बावजूद अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले और गिरावट के आसारबाज़ार
59 मिनट पहले· 1

थाई बाथ पर बढ़ता दबाव, कमजोर डॉलर के बावजूद अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले और गिरावट के आसार

एमयूएफजी के मुताबिक USD/THB के 33.50 के स्तर के पार जाने के बाद थाई बाथ में आगे और कमजोरी की गुंजाइश है, क्योंकि कम कैरी, तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया का तनाव थाईलैंड की मुद्रा पर भारी पड़ रहे हैं।

थाई बाथ की मुश्किलें अभी थमती नहीं दिख रहीं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इस मुद्रा में गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। एमयूएफजी के ताजा आकलन में कहा गया है कि दुनिया भर में डॉलर के कुछ नरम रहने के बावजूद USD/THB जोड़ी 33.50 के स्तर के ऊपर निकल चुकी है, और यह इशारा किसी पलटवार का नहीं, बल्कि बाथ में और कमजोरी का है।

दूसरे शब्दों में कहें तो जब आम तौर पर कमजोर डॉलर से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को राहत मिलती है, तब भी बाथ अपनी जमीन नहीं बचा पा रहा। यही बात एमयूएफजी को यह मानने पर मजबूर कर रही है कि आने वाले समय में इसमें और फिसलन देखने को मिल सकती है।

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कम कैरी बना सबसे बड़ी अड़चन

बाथ की कमजोरी की एक बड़ी वजह थाईलैंड का कम कैरी प्रोफाइल है। जब किसी देश की ब्याज दरें तुलनात्मक रूप से नीची रहती हैं, तो उस मुद्रा में पैसा रखने पर निवेशकों को कम रिटर्न मिलता है और वे बेहतर यील्ड वाली मुद्राओं की ओर रुख कर लेते हैं। यही वजह है कि कम कैरी बाथ के लिए लगातार एक रुकावट बना हुआ है और इसे सहारा नहीं मिल पा रहा।

तेल की कीमतों में उछाल से नुकसान

हाल में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी भी थाईलैंड के लिए अच्छी खबर नहीं है। एमयूएफजी का मानना है कि तेल के दामों में यह रिबाउंड देश के व्यापार की शर्तों यानी टर्म्स ऑफ ट्रेड को और बिगाड़ सकता है। ऊर्जा के आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए महंगा तेल आयात बिल बढ़ा देता है, जिसका सीधा दबाव मुद्रा पर पड़ता है।

पश्चिम एशिया का तनाव और केंद्रीय बैंक का रुख

इसके साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव के दोबारा भड़कने से ग्रोथ को लेकर जोखिम भी बढ़ गए हैं। एमयूएफजी के मुताबिक ऐसे हालात बैंक ऑफ थाईलैंड को अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए नरम मौद्रिक नीति यानी अकोमोडेटिव पॉलिसी पर बने रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। नरम नीति का मतलब आमतौर पर ब्याज दरों का नीचे रहना होता है, जो बाथ के लिए एक और दबाव की वजह बन सकता है।

अब भी थोड़ा महंगा है बाथ

एमयूएफजी के वैल्यूएशन पैमाने बताते हैं कि इन तमाम दबावों के बावजूद बाथ अभी भी थोड़ा ओवरवैल्यूड यानी अपनी असल कीमत से कुछ ऊपर बना हुआ है। यही वह वजह है जिसके चलते इसमें आगे और सुधार की गुंजाइश मानी जा रही है, क्योंकि बाजार इसे धीरे-धीरे उसके वाजिब स्तर की ओर ले जा सकता है।

महंगाई के मोर्चे पर तस्वीर

महंगाई के आंकड़े भी नरम रुख की ओर इशारा कर रहे हैं। जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। इससे सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई और तीन महीने से चली आ रही तेजी की रफ्तार टूट गई। कोर कीमतें महीने के दौरान लगभग स्थिर रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं, ये दोनों ही आंकड़े अनुमान से नीचे रहे। नरम पड़ती महंगाई केंद्रीय बैंक को दरें नीचे रखने की और गुंजाइश देती है, जो कुल मिलाकर मुद्रा पर दबाव की कहानी को ही मजबूत करती है।

सवाल-जवाब

USD/THB किस स्तर के पार गया है?
USD/THB जोड़ी 33.50 के स्तर के ऊपर निकल गई है, और इसके बाद बाथ में और कमजोरी की गुंजाइश मानी जा रही है।
बाथ में कमजोरी की मुख्य वजहें क्या हैं?
थाईलैंड का कम कैरी प्रोफाइल, तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया के तनाव से बढ़े ग्रोथ जोखिम इसकी प्रमुख वजहें हैं।
तेल की कीमतें बाथ को कैसे प्रभावित कर रही हैं?
तेल के दामों में हालिया उछाल थाईलैंड के व्यापार की शर्तों को बिगाड़ सकता है, जिससे मुद्रा पर दबाव बढ़ता है।
बैंक ऑफ थाईलैंड का रुख क्या रह सकता है?
ग्रोथ जोखिम बढ़ने पर बैंक ऑफ थाईलैंड अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए नरम मौद्रिक नीति पर बना रह सकता है।
क्या बाथ अब भी ओवरवैल्यूड है?
वैल्यूएशन पैमानों के मुताबिक बाथ अभी भी थोड़ा ओवरवैल्यूड है, जिससे इसमें और सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।
जून के महंगाई आंकड़े क्या रहे?
जून में CPI महीने-दर-महीने 0.4% गिरा और सालाना दर 4.2% से घटकर 3.5% रह गई, जबकि कोर महंगाई घटकर 2.6% पर आ गई।
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