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मध्य पूर्व में तनाव घटने और मजबूत रोजगार आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उछालबाज़ार
27 जुल॰ 2026, 6:51 am (5 घंटे पहले)· 0

मध्य पूर्व में तनाव घटने और मजबूत रोजगार आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उछाल

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट, मध्य पूर्व संघर्ष में ठहराव और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत रोजगार आंकड़ों के चलते AUD/USD में बढ़त दर्ज की गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई कमी और मध्य पूर्व क्षेत्र में सैन्य संघर्ष के अस्थायी रूप से थमने से अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में जून महीने के दौरान रोजगार के आए मजबूत आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावनाओं को बल दिया है। व्यापारी अब आने वाली मुद्रास्फीति रिपोर्टों का इंतजार कर रहे हैं, जो केंद्रीय बैंक के अगले कदम का रुख तय करेंगी।

सैन्य आपूर्ति की कमी और मध्य पूर्व में संघर्ष विराम

लगभग 13 दिनों तक चले सीधे सैन्य तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष में अस्थायी ठहराव देखने को मिला है। हालांकि, निवेशक और बाजार प्रतिभागी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों को लेकर अभी भी सतर्क बने हुए हैं। यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के किनारे स्थित सऊदी अरब की औद्योगिक सुविधाओं पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

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अमेरिकी प्रशासन द्वारा सैन्य अभियानों को रोकने के आधिकारिक कारणों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इंटरसेप्टर मिसाइलों के घटते भंडार और ईरान में नए सैन्य ठिकानों की कमी इसके मुख्य कारण हैं। संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी थी कि सैन्य अभियान को लगातार जारी रखने से अमेरिका के महत्वपूर्ण गोला-बारूद भंडार पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा, जिसके बाद आक्रामक कार्रवाई पर विराम लगाया गया।

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया और ब्याज दरों का प्रभाव

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्य को निर्धारित करने में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ब्याज दर नीतियां केंद्रीय भूमिका निभाती हैं। RBA उस ब्याज दर को नियंत्रित करता है जिस पर व्यावसायिक बैंक एक-दूसरे को धन उधार देते हैं। इसका सीधा असर देश की पूरी अर्थव्यवस्था की ब्याज दरों पर पड़ता है। RBA का प्राथमिक लक्ष्य मुद्रास्फीति को 2% से 3% के बीच स्थिर रखना है।

जब विश्व के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरें अधिक होती हैं, तो विदेशी निवेशक ऑस्ट्रेलियाई परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिलता है। इसके विपरीत, कम ब्याज दरें मुद्रा को कमजोर करती हैं। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक क्रेडिट स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए क्वांटिटेटिव ईज़िंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग जैसे उपायों का उपयोग करता है। क्वांटिटेटिव ईज़िंग से मुद्रा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि टाइटनिंग से मुद्रा मजबूत होती है।

लोहा अयस्क का निर्यात और चीन पर आर्थिक निर्भरता

ऑस्ट्रेलिया एक प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है, और इसका सबसे बड़ा निर्यात लोहा अयस्क है। वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया का वार्षिक लोहा अयस्क निर्यात 118 अरब डॉलर का था। चीन ऑस्ट्रेलियाई लोहा अयस्क का सबसे बड़ा खरीदार है, जिसके कारण चीनी अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को प्रभावित करता है।

जब चीन की आर्थिक विकास दर मजबूत होती है, तो वहां से कच्चे माल और सेवाओं की मांग बढ़ जाती है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग में भी इजाफा होता है। इसके उलट, चीन में आर्थिक सुस्ती आने पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जब-जब वैश्विक बाजार में जोखिम लेने की क्षमता (रिस्क-ऑन) बढ़ती है, तब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसे संसाधन-आधारित एसेट्स को फायदा पहुंचता है। जब निर्यात से होने वाली आय आयात खर्च से अधिक होती है, तो सकारात्मक व्यापार संतुलन बनता है, जो मुद्रा को और मजबूती प्रदान करता है।

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और सोने की स्थिति

वैश्विक मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी हलचल देखने को मिल रही है। यूनाइटेड किंगडम के मजबूत खुदरा बिक्री आंकड़ों और जुलाई PMI डेटा के समर्थन से GBP/USD 1.3300 के स्तर से ऊपर टिका हुआ है। हालांकि, मध्य पूर्व की अनिश्चितता के कारण निवेशकों के सतर्क रुख ने इसकी बढ़त को सीमित कर रखा है।

दूसरी ओर, EUR/USD 1.1400 के निचले स्तर पर बना हुआ है। S&P ग्लोबल PMI आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट आई है जबकि सेवा क्षेत्र में विस्तार दर्ज किया गया है। वहीं, कच्चे तेल में गिरावट के कारण मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे सोने की कीमतें $4,100 प्रति औंस के पार खुली हैं। निवेशक इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की FOMC नीतिगत बैठक पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं। चालू वर्ष की पहली छमाही में चार साल के उच्चतम स्तर को छूने के बाद, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अब भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच दूसरी छमाही में कदम रख रहा है।

सवाल-जवाब

ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) में तेजी क्यों आई है?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, मध्य पूर्व में सैन्य तनाव के अस्थायी रूप से थमने और ऑस्ट्रेलिया में मजबूत रोजगार आंकड़ों के कारण AUD/USD में बढ़त दर्ज की गई है।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का मुद्रास्फीति लक्ष्य क्या है?
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का प्राथमिक लक्ष्य देश में मुद्रास्फीति की दर को 2% से 3% के बीच बनाए रखना है।
ऑस्ट्रेलिया के निर्यात में लोहा अयस्क का कितना योगदान है?
2021 के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया हर साल लगभग 118 अरब डॉलर का लोहा अयस्क निर्यात करता है, जिसमें मुख्य खरीदार चीन है।
मध्य पूर्व तनाव का असर अमेरिकी डॉलर पर कैसे पड़ा?
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य अभियानों में ठहराव आने और कच्चे तेल की कीमतें घटने से सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ा।
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