ग्रेटर नोएडा में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर में स्थित जेनोमिक्स बायोलैब की हालिया वैज्ञानिक जांच में मनोज पनीर शॉप से उठाए गए पनीर के सैंपल पूरी तरह से अमानक और खतरनाक पाए गए हैं। लैब की परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, इस पनीर को ताजा बनाए रखने और इसे खराब होने से बचाने के लिए इसमें फॉर्मलीन नाम के अत्यंत विषैले रसायन का उपयोग किया गया था। फॉर्मलीन मुख्य रूप से अस्पतालों के शवगृहों में मृत शरीरों को सड़ने से रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है। आहार पदार्थों में इस तरह के जानलेवा प्रिजर्वेटिव की उपस्थिति ने स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच भारी चिंता पैदा कर दी है।
शवगृह वाले रसायन से पनीर की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की साजिश
पनीर दैनिक आहार का एक प्रमुख और पौष्टिक हिस्सा माना जाता है, लेकिन मुनाफाखोरी के चक्कर में इसमें मिलावट का स्तर बेहद खतरनाक सीमा तक पहुंच चुका है। फॉर्मलीन एक ऐसा रासायनिक घोल है जो फॉर्मेल्डिहाइड गैस और पानी के मिश्रण से बनता है। चिकित्सा और फॉरेंसिक क्षेत्र में इसका उपयोग मानव अंगों तथा मृत शरीरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। व्यापारी पनीर को अधिक दिनों तक सफेद, सख्त और ताजा दिखाने के लिए उसमें इस केमिकल की मिलावट कर रहे हैं। मानव शरीर में इसका प्रवेश एक धीमे जहर की तरह काम करता है, जो पाचन तंत्र को सीधे नुकसान पहुंचाता है।
लैब रिपोर्ट में फेल हुए तीन प्रमुख मानक
जेनोमिक्स बायोलैब द्वारा की गई विस्तृत जांच में केवल फॉर्मलीन ही नहीं, बल्कि कई अन्य अस्वास्थ्यकर और खतरनाक तत्वों की मौजूदगी भी प्रमाणित हुई है। लैब द्वारा किए गए तीन मुख्य गुणवत्ता परीक्षण पूरी तरह से विफल रहे। परीक्षण के दौरान पनीर में सिंथेटिक दूध, कृत्रिम रंग जिन्हें एजो डाइज कहा जाता है, तथा घटिया किस्म के वसा या वनस्पति की भारी मिलावट पाई गई। पनीर के प्राकृतिक रंग और बनावट की नकल करने के लिए इन रासायनिक रंगों और नकली दूध का प्रयोग किया गया था, जो मानव उपभोग के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं।
कैंसर, लिवर और किडनी फेलियर का बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के मुताबिक फॉर्मलीन तथा कृत्रिम रंगों से युक्त पनीर का सेवन शरीर के आंतरिक अंगों पर विनाशकारी प्रभाव डालता है। इसके लगातार सेवन से पेट में गंभीर इंफेक्शन, अल्सर, लिवर में सूजन और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। फॉर्मलीन एक सिद्ध कार्सिनोजेनिक तत्व है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर में कैंसर कोशिकाओं के पनपने का कारण बन सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसे मिलावटी पदार्थों का सेवन अत्यधिक जोखिम भरा साबित हो सकता है।
लैब ने बैच को घोषित किया क्रिटिकली रिजेक्टेड
लैब परीक्षण में मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक घातक रसायनों की पुष्टि होने के बाद जेनोमिक्स बायोलैब ने इस पनीर बैच की स्थिति को क्रिटिकली रिजेक्टेड श्रेणी में रखा है। लैब प्रशासन ने इस बैच की बिक्री और आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से रोकने की सख्त सिफारिश की है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों से मनोज पनीर शॉप और इसके आपूर्ति नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और बाजार से इस अमानक पनीर को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया गया है, ताकि आम जनता की सेहत को और अधिक नुकसान न पहुंचे।



















