वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जहां एक ओर यूरोपीय महाद्वीप में फ्रांस के बढ़ते वित्तीय घाटे और राजनीतिक गतिरोध ने चिंताएं बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी अर्थव्यवस्था के ताजा रोजगार आंकड़ों से पहले प्रमुख मुद्राओं और धातुओं के भाव में तेज हलचल देखने को मिल रही है। यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फ्रांस में अल्पमत सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने की जद्दोजहद में जुटी है। सरकार ने अपने नए वित्तीय खाके में बजट घाटे को जीडीपी के 5.0% तक सीमित करने की योजना पेश की है, लेकिन संसद में पर्याप्त समर्थन न होने के कारण भारी रियायतें दिए बिना इस प्रस्ताव का पारित होना लगभग असंभव माना जा रहा है।
फ्रांस के बजटीय घाटे और चुनावी गणित से गहराता संकट
फ्रांस के वित्तीय निगरानी संस्थान ने पहले ही सचेत कर दिया है कि साल 2027 के मसौदा बजट में शामिल आर्थिक अनुमान जरूरत से ज्यादा आशावादी हैं। देश में 18 अप्रैल 2027 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच किसी बड़े समझौते की संभावना बेहद कम है। ऐसे परिदृश्य में सबसे अधिक संभावना इस बात की बन रही है कि साल 2026 के बजटीय प्रावधानों को ही आगे बढ़ा दिया जाए। यदि ऐसा होता है, तो देश का वित्तीय घाटा साल 2026 के 5.4% से बढ़कर साल 2027 में लगभग 6.0% पर पहुंच सकता है। यह स्थिति फ्रांस को यूरोपीय आयोग के समक्ष किए गए उस वादे से बहुत दूर ले जाएगी, जिसके तहत साल 2029 तक वित्तीय घाटे को 3% से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया था।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले डॉलर में नरमी और सोने की स्थिति
वैश्विक मुद्रा बाजारों में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर अपने 17 महीने के उच्च स्तर से पीछे हटता नजर आया। विदेशी मुद्रा व्यापारी अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल यानी नॉन-फार्म पेरोल्स आंकड़ों की घोषणा से पहले मुनाफावसूली में जुटे रहे। इस बीच सोने के भाव में शुक्रवार को सीमित दायरे में कारोबार देखा गया। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत तक सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे कारोबार करता रहा। बाजार सहभागियों की पूरी नजर अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 12:30 जीएमटी पर जारी होने वाले आधिकारिक रोजगार आंकड़ों पर टिकी हुई है।
अमेरिकी श्रम बाजार के अनुमान और वेतन वृद्धि
अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में अर्थव्यवस्था में सिर्फ 90 हजार नए रोजगार जुड़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह आंकड़ा पिछले महीने यानी अगस्त में दर्ज की गई 1.62 लाख नौकरियों की जोरदार वृद्धि के मुकाबले काफी कम है। विश्लेषकों का मानना है कि इस दौरान बेरोजगारी दर 4.1% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है। वहीं, औसत प्रति घंटा कमाई में होने वाले मासिक बदलाव के आधार पर मापी जाने वाली वेतन महंगाई दर के 0.3% पर अपरिवर्तित रहने की संभावना जताई गई है। इन आंकड़ों के आने के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की भावी दिशा को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन की चाल
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6950 के स्तर की ओर मजबूत वापसी की। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और महंगाई के जोखिमों के बीच नवंबर महीने में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की दोबारा जागती उम्मीदों से भरपूर समर्थन मिला। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी मुद्रा यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के करीब नई दिशा तलाशने के लिए संघर्ष करती दिखी। टोक्यो में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी मुद्रास्फीति के उम्मीद से ज्यादा गर्म रहने और डॉलर में व्यापक कमजोरी के चलते यह जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी स्तर से फिसलकर नीचे आ गई।
क्रिप्टो बाजार में पाई नेटवर्क पर दबाव
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में पाई नेटवर्क की कीमत शुक्रवार को दबाव में बनी रही और यह 0.0900 डॉलर के आसपास घटती-बढ़ती रही। पिछले कारोबारी दिन 3% से अधिक की गिरावट दर्ज करने के बाद इसमें निरंतर अस्थिरता देखी जा रही है। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, चार घंटे के चार्ट पर राइजिंग वेज पैटर्न के नीचे टूटने का खतरा बना हुआ है, जिससे आगे चलकर गिरावट और गहरी हो सकती है। पाई नेटवर्क के लिए 0.1000 डॉलर का स्तर एक मनोवैज्ञानिक बाधा बना हुआ है, जिसके नीचे बने रहने के कारण यह डिजिटल संपत्ति एक स्थिर सुधार हासिल करने में असमर्थ साबित हो रही है।
















