अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत पर अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में सिमटता दिखा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) से जुड़े क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 157.74 और 158.42 के बीच सौदे होने के बाद इस मुद्रा जोड़ी का रुख थोड़ा मजबूत हुआ है। बाजार विश्लेषक अब इंट्राडे स्तर पर 157.90 से 158.55 के बीच सीमित दायरे में कारोबार की संभावना देख रहे हैं। मध्यम अवधि यानी एक से तीन हफ्तों के परिदृश्य पर नजर डालें तो यह हलचल 157.00 से 158.70 के बीच केंद्रित रहने का अनुमान है, जबकि लंबी अवधि में नीचे की ओर गति बढ़ने के कारण कमजोरी की गुंजाइश बरकरार दिख रही है।
जापानी येन पर संभावित हस्तक्षेप की नजर
यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषकों ने इस महीने की शुरुआत से जारी अपने दायरे-आधारित दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी डॉलर एक दायरे में रहेगा, लेकिन 157.00/158.70 का सीमित दायरा फिलहाल कीमत की गतिविधियों को थामे रखेगा।" शुक्रवार को 09 अक्टूबर के दिन जब स्पॉट भाव 158.05 पर था, तब भी यह सीमित रुख रेखांकित किया गया था। नए सप्ताह में डॉलर-येन जोड़ी 158.00 के स्तर से ऊपर बनी हुई है। हालांकि जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए बाजार में दखल देने की अटकलों के बीच लिवाली करने वाले बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने डॉलर खरीदारों को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है, जिससे इस जोड़ी में ज्यादा तेजी सीमित हो गई है। दूसरी तरफ, जापान और अमेरिका में छुट्टी के कारण कम लिक्विडिटी के बीच भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर की गिरावट को थामने का काम कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दरों का दबाव
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी सोमवार को सुस्ती से उबरने की कोशिश करती दिखी। हालांकि एशियाई कारोबारी सत्र में छुट्टी के चलते कम लिक्विडिटी के माहौल में यह 0.7000 के स्तर से नीचे ही बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल अपने बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से फिसले हैं, जिससे डॉलर ने संभलने का प्रयास किया लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त सीमित रह गई। इसके अतिरिक्त, नवंबर में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की ऊपर जाने की क्षमता को बांध रखा है।
सोने की कीमतों में गिरावट और मजबूत डॉलर का रुख
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में एक हफ्ते के उच्च स्तर से शुरू हुआ इंट्राडे सुधार और गहरा गया। शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान बुलियन धातु फिसलकर 4,170 डॉलर प्रति औंस के नए दैनिक निचले स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख ने गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव डाला है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर में मामूली गिरावट के बाद नए खरीदार सक्रिय होते नजर आए। डॉलर की इसी मांग ने सोने पर भारी असर डाला है।
क्रिप्टो बाजार में पाई नेटवर्क कमजोर
डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क सोमवार को गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। बिकवाली के बढ़ते दबाव के बीच यह 0.0800 डॉलर के स्तर के ठीक ऊपर टिका हुआ है। सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चाओं के बावजूद पाई टोकन की सट्टेबाजी मांग घटती दिख रही है, जिसमें ओपन इंटरेस्ट गिरकर 9 मिलियन डॉलर से नीचे आ गया है। यह रुझान निवेशकों में घबराहट के कारण उपजी चर्चा का संकेत देता है। तकनीकी चार्ट पर पाई के लिए मंदी का रुख बना हुआ है, जिससे 0.0800 डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के नीचे फिसलने का जोखिम बना हुआ है।
भारतीय रुपये को मिला राहत का सहारा
घरेलू मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सोमवार को उल्लेखनीय बढ़त के साथ शुरुआत की। शुरुआती उछाल के बाद रुपया 95.80 के करीब अपनी रिकवरी बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा। इस मुद्रा जोड़ी पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा डॉलर की मांग पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए नए कदमों का सीधा असर दिखा, जिससे भारतीय मुद्रा को डॉलर के दबाव से उबरने में काफी राहत मिली है।


















