भारतीय शेयर बाजार यानी दलाल स्ट्रीट पर चालू सप्ताह के दौरान निवेशकों को दो अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में निवेश करने का मौका मिलने जा रहा है। एक तरफ जहां टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन अपना आईपीओ ला रही है, वहीं दूसरी ओर ज्वैलरी रिटेलर प्रायोरिटी ज्वैल्स का आईपीओ भी बाजार में दस्तक देने के लिए तैयार है। ये दोनों ही आईपीओ 28 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे और 1 सितंबर को बंद होंगे। प्राथमिक बाजार में दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए दोनों कंपनियों के आंकड़े, इश्यू साइज और लिस्टिंग गेन की संभावनाओं की तुलना करना बेहद जरूरी है।
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर और प्रायोरिटी ज्वैल्स का इश्यू साइज और प्राइस बैंड
इश्यू के आकार के मामले में ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का आईपीओ काफी बड़ा है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 720 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जो पूरी तरह से 1.68 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है। ईएसडीएस सॉफ्टवेयर ने अपने आईपीओ के लिए 408 रुपये से 429 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इसके एक लॉट में 34 शेयर शामिल हैं। यदि कोई रिटेल निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 429 रुपये पर दांव लगाता है, तो उसे न्यूनतम 14,586 रुपये का निवेश करना होगा।
दूसरी तरफ, प्रायोरिटी ज्वैल्स का आईपीओ आकार में अपेक्षाकृत काफी छोटा है। यह इश्यू कुल 91.50 करोड़ रुपये का है और इसमें 0.46 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू जारी किया जा रहा है। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 190 रुपये से 200 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। प्रायोरिटी ज्वैल्स के आईपीओ में लॉट साइज 75 शेयरों का रखा गया है। ऊपरी प्राइस बैंड यानी 200 रुपये के हिसाब से रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए 15,000 रुपये लगाने होंगे। दिलचस्प बात यह है कि इश्यू साइज बहुत छोटा होने के बावजूद प्रायोरिटी ज्वैल्स में न्यूनतम रिटेल निवेश राशि ईएसडीएस सॉफ्टवेयर के मुकाबले थोड़ी अधिक है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और अनुमानित लिस्टिंग गेन की तुलना
अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में दोनों कंपनियों के शेयरों को लेकर माहौल बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। 27 अगस्त को दोपहर 2:58 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) 340 रुपये दर्ज किया गया। 429 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर, इस जीएमपी से संकेत मिलता है कि कंपनी के शेयर 769 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हो सकते हैं। इसका सीधा मतलब है कि निवेशक इस शेयर से 79.25% के शानदार लिस्टिंग गेन की उम्मीद कर रहे हैं।
इसके विपरीत, प्रायोरिटी ज्वैल्स का ग्रे मार्केट में रुझान सुस्त देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त तक इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 41 रुपये दर्ज किया गया था। 200 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड को ध्यान में रखते हुए, इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस 241 रुपये प्रति शेयर बैठता है। इस तरह, प्रायोरिटी ज्वैल्स के आईपीओ से निवेशकों को केवल 20.50% का अनुमानित लिस्टिंग मुनाफा मिलता दिख रहा है, जो ईएसडीएस सॉफ्टवेयर के मुकाबले काफी कम है।
प्रायोरिटी ज्वैल्स पर ब्रोकरेज फर्म की राय और वित्तीय विश्लेषण
इश्यू के वित्तीय पक्ष और वैल्यूएशन का विश्लेषण करते हुए ब्रोकरेज हाउस स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने प्रायोरिटी ज्वैल्स के आईपीओ को 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि कंपनी ने अपने राजस्व वृद्धि, मार्जिन विस्तार और कर्ज में कमी के मामले में सुधार दिखाया है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर लगभग 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कंपनी का कर्ज (लेवरेज) घटकर करीब आधा रह गया है। यह कंपनी की मजबूत होती वित्तीय स्थिति का संकेत देता है।
हालांकि, इन सकारात्मक बदलावों के बावजूद स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने कंपनी की कार्यक्षमता के उपयोग (यूटिलाइजेशन), कम मार्जिन और मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई है। ब्रोकरेज का मानना है कि यद्यपि लाभप्रदता में सुधार और कर्ज कम होना अच्छी बात है, लेकिन वर्तमान वैल्यूएशन पर लंबी अवधि के लिए निवेशकों के लिए मूल्य सृजन की गुंजाइश सीमित नजर आती है। इन्हीं कारणों से स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस इश्यू में तटस्थ (न्यूट्रल) रहने की सलाह दी है।



















