नेपाल में भारी बारिश के बाद पैदा हुई भीषण फ्लैश फ्लड की स्थिति ने भयंकर तबाही मचाई है, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की दुखद खबर सामने आई है। इस भयानक प्राकृतिक प्राकृतिक संकट के बीच भारत के ओडिशा राज्य से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। ओडिशा के खुर्दा जिले के रहने वाले एक दंपति नेपाल यात्रा के दौरान अचानक लापता हो गए हैं। बाढ़ के पानी और नेटवर्क ठप होने की वजह से संपर्क टूटने के बाद परिजनों और राज्य प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। लापता दंपति की सुरक्षित तलाश के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर प्रयास शुरू कर दिए हैं।
काठमांडू में आखिरी जीपीएस लोकेशन और परिजनों से मिली जानकारी
लापता दंपति की पहचान संदीप महापात्र और सिद्धार्थी साहू के तौर पर की गई है। ये दोनों मूल रूप से ओडिशा राज्य के खुर्दा जिले के निवासी हैं। संदीप और सिद्धार्थी पिछले कई सालों से विदेश में रह रहे थे और वर्ष 2018 से ऑस्ट्रेलिया में बसे हुए थे। वे छुट्टियों में घूमने के उद्देश्य से नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे थे। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, दोनों ने 22 अगस्त 2026 को नेपाल में प्रवेश किया था। यात्रा के दौरान अचानक आई आपदा के बाद से ही दोनों के मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के पास फिलहाल उनके सटीक ठिकाने की स्पष्ट सूचना नहीं है, लेकिन शुरुआती तकनीकी जांच में उनकी आखिरी जीपीएस लोकेशन एक इमिग्रेशन ऑफिस के पास दर्ज की गई थी। संदीप महापात्र के परिजनों ने स्थानीय प्रशासन को सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी है।
विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित रेजीडेंट कमिश्नर की आपात पहल
दंपति के गायब होने की सूचना मिलते ही ओडिशा सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। संदीप और सिद्धार्थी के संबंध में एकत्र किए गए सभी विवरण भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को भेज दिए गए हैं, ताकि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय आपातकालीन राहत एजेंसियां उनकी तलाश में तेजी ला सकें। इसके अलावा नई दिल्ली में स्थित ओडिशा के चीफ रेजिडेंट कमिश्नर का कार्यालय भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यह कार्यालय नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नेपाल के विभिन्न हिस्सों में फंसे ओडिशा के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाना है।
रक्सौल बॉर्डर के जरिए पुरी के राकेश पांडा की सुरक्षित स्वदेश वापसी
नेपाल के इस भयानक संकट के बीच ओडिशा के अन्य नागरिकों को लेकर राहत भरी खबरें भी सामने आई हैं। ओडिशा के पुरी जिले के रहने वाले राकेश कुमार पांडा अपने दो अन्य साथियों के साथ नेपाल की यात्रा पर गए हुए थे। भीषण जलप्रलय और रास्ते अवरुद्ध होने के बावजूद तीनों यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। ताजा अपडेट के मुताबिक, राकेश कुमार पांडा और उनके दोनों साथियों ने सीमा पार कर रक्सौल बॉर्डर पोस्ट पार कर लिया है और वे सुरक्षित तरीके से भारत की सीमा में वापस लौट रहे हैं।
पोखरा में मौजूद ओडिशा की फुटबॉल टीम और कोच हलीम की सुरक्षा स्थिति
एक अन्य सुखद खबर ओडिशा के खेल जगत से जुड़ी है। ओडिशा के छह फुटबॉल खिलाड़ियों की एक टीम प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नेपाल गई थी। यह टीम पोखरा शहर में एक फुटबॉल मैच खेलने के लिए पहुंची हुई थी, जिसके साथ उनके कोच हलीम भी मौजूद हैं। नेपाल में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद खेल टीम की सुरक्षा को लेकर गहरी आशंकाएं जताई जा रही थीं। हालांकि ओडिशा सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि पोखरा में मौजूद टीम के सभी छह खिलाड़ी और कोच हलीम पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनके रहने के स्थान पर किसी तरह के गंभीर खतरे की सूचना नहीं है।
नेपाल आपदा में बचाव अभियान और राहत कार्य की वर्तमान स्थिति
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मुख्य सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे संपर्क और संचार व्यवस्था बाधित है। ओडिशा सरकार और आपदा प्रबंधन अधिकारी नेपाल की स्थिति पर पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापता दंपति संदीप महापात्र और सिद्धार्थी साहू की खोज के लिए विशेष बचाव दल तैनात किए गए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उनकी लोकेशन का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।



















