राजस्थान की राजधानी जयपुर में बेसमेंट के व्यावसायिक और गलत इस्तेमाल के खिलाफ जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का प्रवर्तन दस्ता सख्त रुख अपनाए हुए है। गुरुवार को JDA की प्रवर्तन शाखा ने महेश नगर इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग इमारतों को सीज कर दिया। इन दोनों इमारतों के बेसमेंट में अवैध रूप से लाइब्रेरियों का संचालन किया जा रहा था। प्रशासनिक टीम के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई तय भवन निर्माण नियमों और बेसमेंट के निर्धारित उपयोग से जुड़े दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करने पर की गई है। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बेसमेंट में शैक्षणिक गतिविधियां चलाए जाने की शिकायतों के बाद JDA ने यह बड़ा कदम उठाया है।
गोपालपुरा बाइपास क्षेत्र में 29 परिसरों पर लग चुका है ताला
जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले गोपालपुरा बाइपास और उससे सटे क्षेत्रों में लगातार सीलिंग की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। गुरुवार की कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले बुधवार को भी JDA की टीमों ने गोपालपुरा बाइपास क्षेत्र में 12 कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों को सीज किया था। इससे पहले की कार्रवाइयों को मिलाकर देखें तो 26 अगस्त तक कुल 29 कोचिंग संस्थानों एवं शैक्षणिक परिसरों पर सीलिंग की गाज गिर चुकी है। इस अभियान की शुरुआत से पहले प्रशासन की ओर से नियम तोड़ने वाले लगभग 63 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समयसीमा के भीतर भवन स्वामियों और संचालनकर्ताओं द्वारा खामियों को दुरुस्त न किए जाने के बाद ही यह प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
एक तरफ जहां जेडीए नियमों का पालन कराने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हजारों विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई का गंभीर संकट पैदा हो गया है। गोपालपुरा बाइपास और महेश नगर का इलाका प्रदेशभर से आने वाले छात्रों का मुख्य केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में युवा किराये के कमरों में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कई छात्रों की महत्वपूर्ण परीक्षाएं बेहद नजदीक हैं और ऐसे में अचानक कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर ताला लगने से उनका अध्ययन चक्र पूरी तरह बाधित हो गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने बेहतर माहौल में पढ़ाई करने के लिए भारी फीस देकर लाइब्रेरी की सदस्यता हासिल की थी। अब ऐन परीक्षा के समय स्थान और माहौल बदलने से उनकी तैयारी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में और भी संस्थानों पर हो सकती है कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि बेसमेंट सुरक्षा और भवन निर्माण उप-नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। गोपालपुरा बाइपास और आसपास के क्षेत्रों में आगे भी सीलिंग अभियान जारी रहने की पूरी संभावना बनी हुई है। हालांकि, लगातार सीज हो रहे परिसरों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नियमों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ-साथ परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दूर-दराज़ के विद्यार्थियों के लिए कोई वैकल्पिक अध्ययन व्यवस्था कैसे बनाई जाए, ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।



















