अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में ऊर्जा कीमतों में जारी लगातार पांच दिनों की तेजी पर विराम लगने के बाद बहुमूल्य धातुओं की मांग में नया उछाल देखने को मिला है। वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 1 प्रतिशत की मजबूती दर्ज करते हुए 4,140 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया है। सोने की राह पर चलते हुए हाजिर चांदी में भी 1 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई और इसके भाव 56 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर कारोबार करने लगे हैं। दूसरी तरफ ऊर्जा बाजार में दबाव साफ देखा गया, जहां कच्चे तेल की कीमतों में 1 से 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड लुढ़ककर 104 डॉलर प्रति बैरल से कुछ ऊपर टिकने में कामयाब रहा।
ऊर्जा की कीमतों ने बढ़ाया महंगाई का दबाव
जिंस बाजार में यह फेरबदल ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत सामने आए हैं। सितंबर 2026 के लिए अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत पर दर्ज की गई। बाजार के विश्लेषक इसके 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगा रहे थे, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा 3.4 प्रतिशत पर रहा था। इस ताजा उछाल के पीछे मुख्य कारण ऊर्जा की कीमतों में हुआ भारी इजाफा रहा है। वार्षिक आधार पर गैसोलीन की कीमतों में 34.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ईंधन तेल यानी फ्यूल ऑयल की कीमतों में 74.2 प्रतिशत का भारी भरकम उछाल दर्ज किया गया। ऊर्जा लागत में इस तेज बढ़ोतरी ने समूची अर्थव्यवस्था में लागत बढ़ा दी है, जिससे कीमतों में नरमी की गति धीमी पड़ गई है।
फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाएं फिर तेज
महंगाई के उम्मीद से अधिक रहने के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना एक बार फिर उभर आई है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की ओर से सामने आ रही टिप्पणियों ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ शिकागो के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने इन आंकड़ों को निराशाजनक बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी ढांचे का तेजी से हो रहा विस्तार भी अर्थव्यवस्था को जरूरत से ज्यादा गर्म कर सकता है। उनके मुताबिक इस क्षेत्र में भारी पूंजी प्रवाह और मांग समग्र आर्थिक दबाव को बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
ब्याज दरों पर नीति निर्माताओं का रुख
दूसरी तरफ सैन फ्रांसिस्को फेड की अध्यक्ष मैरी डेली ने संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक को अल्पकालिक ब्याज दरों को और बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार उन्हें चालू महीने की बैठक में तत्काल दर वृद्धि की कोई जरूरत नहीं दिखती। नीति निर्माताओं के इस बंटे हुए और सतर्क रुख के बीच निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ने में लगे हैं। सोने और चांदी को पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ एक प्रभावी बचाव माना जाता है। ऐसे में जब तक ऊर्जा बाजार और मुद्रास्फीति के रुझान स्पष्ट नहीं होते, तब तक सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव और आकर्षण दोनों बने रहने की संभावना है।


















