टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को भारी लिवाली दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही के उत्साहजनक वित्तीय नतीजों के ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 7 फीसदी की छलांग देखने को मिली। इस तेज बढ़त की बदौलत कंपनी के बाजार पूंजीकरण में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान करीब ₹9,089 करोड़ की भारी बढ़ोतरी हुई। निवेशकों ने तिमाही में कंपनी की मजबूत आय वृद्धि और बेहतर परिचालन प्रदर्शन पर भरोसा जताया।
शुक्रवार को ट्रेडिंग सत्र के दौरान ट्रेंट का शेयर BSE पर 6.73 फीसदी चढ़कर ₹3,059 के भाव पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर यह शेयर 6.92 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए ₹3,060 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। शेयरों की इस तेज रैली के चलते कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹9,088.92 करोड़ के इजाफे के साथ ₹1,61,769.32 करोड़ पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही निवेशकों की तरफ से आए खरीदारी के रुझान ने कंपनी के मूल्यांकन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
सितंबर तिमाही में 25 फीसदी बढ़ा शुद्ध मुनाफा
ट्रेंट ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक किए थे। इन आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़कर ₹468 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में कंपनी का मुनाफा काफी अधिक रहा है। मुनाफे के साथ-साथ परिचालन आय में भी खासी तेजी देखी गई है।
कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाले कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में समीक्षाधीन तिमाही के दौरान 22 फीसदी की वृद्धि हुई और यह आंकड़ा ₹5,873 करोड़ दर्ज किया गया। परिचालन दक्षता को दर्शाने वाला ऑपरेटिंग EBITDA भी सालाना तुलना में 37 फीसदी की छलांग लगाकर ₹785 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। इन सभी मोर्चों पर मजबूत आंकड़ों ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिया।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में शानदार बढ़त
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों यानी अप्रैल से सितंबर की पूरी अवधि में भी ट्रेंट का प्रदर्शन काफी मजबूत बना रहा। इस पहली छमाही के दौरान कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 20 फीसदी बढ़कर ₹11,628 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, इस छह महीने की अवधि में कंपनी का कुल शुद्ध मुनाफा 24 फीसदी की तेजी के साथ ₹986 करोड़ दर्ज किया गया। इसी समयावधि में कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA भी 35 फीसदी बढ़कर ₹1,633 करोड़ रहा, जो रिटेल कारोबार के विस्तार और लगातार मांग को रेखांकित करता है।
स्टैंडअलोन आधार पर भी वित्तीय प्रदर्शन मजबूत
कंसोलिडेटेड नतीजों के अलावा स्टैंडअलोन आधार पर भी कंपनी के आंकड़े उल्लेखनीय रहे। सितंबर तिमाही के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,788 करोड़ दर्ज हुआ। इस मोर्चे पर ऑपरेटिंग EBITDA 37 फीसदी की बढ़त लेकर ₹791 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, स्टैंडअलोन स्तर पर शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 9 फीसदी बढ़कर ₹490 करोड़ दर्ज किया गया, जिससे कंपनी की मुख्य रिटेल गतिविधियों की मजबूती साफ नजर आई।


















