कपड़ा निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज के शेयरों में आज सुबह के कारोबार के दौरान जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बाजार में सामान्य रुख रहने के बावजूद इस कपड़ा स्टॉक में 10% से अधिक की गिरावट आई और यह 11% तक फिसल गया। पिछले पांच कारोबारी सत्रों से इस शेयर में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिसके कारण इस छोटी सी अवधि में ही निवेशकों को लगभग 20% का नुकसान उठाना पड़ा है।
52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा शेयर, ट्रेडिंग वॉल्यूम में उछाल
लगातार आ रही गिरावट के कारण आलोक इंडस्ट्रीज का शेयर पिछले हफ्ते कई बार अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर को तोड़ चुका है। आज के कारोबारी सत्र में यह शेयर एक बार फिर नीचे गिरकर Rs 9.39 के नए 52-वीक लो पर पहुंच गया। इस भारी बिकवाली के दौरान शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग देखी गई। NSE और BSE दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर मिलाकर करीब 62.8 मिलियन शेयरों का लेनदेन पूरा हुआ, जो इस काउंटर पर बढ़ी हुई हलचल को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
बाजार के रुख से अलग दिखा आलोक इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन
इस गिरावट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह किसी व्यापक बाजार बिकवाली का नतीजा नहीं है। जिस अवधि के दौरान आलोक इंडस्ट्रीज का शेयर 20% तक टूटा, उसी दौरान देश के मुख्य शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में केवल मामूली नरमी देखने को मिली थी। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनी के शेयर पर बन रहा दबाव पूरी तरह से स्टॉक-विशिष्ट कारणों से है न कि पूरे शेयर बाजार की सुस्ती की वजह से। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर Rs 19.34 रहा है। आज के निचले स्तर के साथ यह स्टॉक अपने एक साल के ऊपरी स्तर से आधी कीमत पर आ चुका है। हालांकि, अगस्त के आखिरी हफ्ते से जारी इस गिरावट का कोई स्पष्ट तात्कालिक कारण सामने नहीं आया है।
Q1 FY27 के वित्तीय नतीजों में घाटा कम होने के संकेत
आलोक इंडस्ट्रीज ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) के अपने वित्तीय परिणाम जुलाई के मध्य में घोषित किए थे। आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा (consolidated net loss) घटकर Rs 138.25 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में Rs 171.56 करोड़ दर्ज किया गया था। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व (revenue from operations) साल-दर-साल (YoY) आधार पर 6.5% बढ़कर Rs 993.11 करोड़ पर पहुंच गया।
इसी अवधि में कंपनी का कुल खर्च 1.49% की मामूली वृद्धि के साथ Rs 1,153.45 करोड़ रहा। हालांकि, कच्चे माल की लागत (cost of materials consumed) में तेज बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 18% बढ़कर Rs 538.86 करोड़ तक पहुंच गई। स्टैंडअलोन आधार पर बात करें तो कंपनी का शुद्ध घाटा पिछले साल के Rs 176.48 करोड़ से कम होकर Rs 136.20 करोड़ रह गया, जबकि स्टैंडअलोन राजस्व 5.81% बढ़कर Rs 935.94 करोड़ हो गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह का हिस्सा है यह टेक्सटाइल कंपनी
आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक पूरी तरह से एकीकृत कपड़ा निर्माता कंपनी है। इसका कारोबार कॉटन और पॉलिएस्टर दोनों तरह की वैल्यू चेन में फैला हुआ है। कंपनी का कॉर्पोरेट मुख्यालय नवी मुंबई में स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी में है। वर्तमान में यह कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के एक प्रमुख हिस्से के रूप में अपना संचालन करती है।



















