प्रमुख भारतीय आईटी सेवा प्रदाता एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा के लिए अपनी आगामी बोर्ड बैठक का कार्यक्रम तय कर दिया है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक सोमवार, 12 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही तथा छमाही के गैर-लेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों की गहन समीक्षा करना और उन्हें विधिवत मंजूरी देना है। इसके साथ ही, निवेशकों की निगाहें बैठक में होने वाली डिविडेंड संबंधी घोषणा पर भी टिकी रहेंगी।
तीसरे अंतरिम डिविडेंड का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल
तिमाही प्रदर्शन की समीक्षा के अतिरिक्त, बोर्ड के समक्ष चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तीसरे अंतरिम लाभांश यानी डिविडेंड की घोषणा का प्रस्ताव भी विचारार्थ रखा जाएगा। प्रबंधन ने अभी संभावित डिविडेंड राशि, रिकॉर्ड तिथि अथवा वितरण की तारीख का खुलासा नहीं किया है। ये सभी महत्वपूर्ण विवरण निदेशक मंडल के अनुमोदन के पश्चात बैठक संपन्न होने पर सार्वजनिक किए जाएंगे। बाजार के विश्लेषक और शेयरधारक इस फैसले को पूंजी वापसी नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
चालू वित्त वर्ष में पहले घोषित लाभांश का ब्योरा
मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान एचसीएल टेक्नोलॉजीज की ओर से पहले ही दो बार अंतरिम डिविडेंड का वितरण किया जा चुका है। कंपनी ने वित्त वर्ष के शुरुआती चरण में 24 रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड दिया था, जिसकी रिकॉर्ड तिथि 25 अप्रैल मुकर्रर की गई थी और 5 मई को इसका भुगतान हुआ था। इसके बाद शेयरधारकों को 12 रुपये प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड प्रदान किया गया। इस दूसरे वितरण के लिए 17 जुलाई रिकॉर्ड तारीख रखी गई थी, जबकि शेयरधारकों के खातों में 27 जुलाई को राशि जमा कराई गई थी। यदि 12 अक्टूबर की बैठक में नया प्रस्ताव पारित होता है, तो यह वित्त वर्ष 2026-27 के कुल संचयी रिटर्न में और इजाफा करेगा।
ऐतिहासिक लाभांश वितरण और वित्तीय प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
कंपनी का लाभांश इतिहास शेयरधारकों को लगातार मजबूत प्रतिफल देने का रहा है। पूर्ववर्ती वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने कुल मिलाकर 60 रुपये प्रति शेयर का भारी-भरकम डिविडेंड वितरित किया था, जिसके तहत पेआउट अनुपात 97.6 प्रतिशत दर्ज किया गया था। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कंपनी अपने शुद्ध मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे निवेशकों को लौटाने की रणनीति पर अमल करती रही है।
मुनाफे और आमदनी के मोर्चे पर भी कंपनी की गति मजबूत बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने एकीकृत शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 20.32 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की थी, जो 4,624 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। इसी अवधि में परिचालन से प्राप्त राजस्व 13.94 प्रतिशत बढ़कर 34,579 करोड़ रुपये रहा, जबकि स्थिर मुद्रा के आधार पर यह विस्तार 2.6 प्रतिशत का था।
तुलनात्मक दृष्टि से देखा जाए तो बीते वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 4,235 करोड़ रुपये रहा था, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर था। उस समान तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 10.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 31,942 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया था। इस बीच, हालिया कारोबारी सत्र में बाजार की बिकवाली के बीच पिछले शुक्रवार को एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 1.4 प्रतिशत की नरमी देखी गई और शेयर का भाव 1,240.60 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था।



















