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अमेरिकी ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से यूरो फिसला, डॉलर में दिखा दमबाज़ार
19 सित॰ 2026, 5:41 pm (15 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से यूरो फिसला, डॉलर में दिखा दम

फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो 1.1600 के नीचे आ गया है।

EUR/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD अभी 1.15 पर है, जबकि EMA20 1.16, EMA50 1.16 और EMA200 1.16 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.16) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का RSI 37 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD का बैंड दायरा 1.15–1.17 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड (1.16) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कारोबारी हफ्ते की शुरुआत के साथ ही यूरोपीय साझा मुद्रा दबाव में दिखाई दे रही है। एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में यूरो डॉलर के मुकाबले फिसलकर 1.1585 के स्तर के आसपास पहुंच गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में मानक उधारी दरों में 0.25 प्रतिशत अंक यानी एक चौथाई फीसदी का इजाफा किए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे अमेरिकी मुद्रा को मजबूती मिल रही है। हालांकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक की तरफ से सख्त रुख के संकेत बने रहने के कारण आगे भी उधारी लागत में वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है, जिससे यूरो को कुछ हद तक सहारा भी मिला हुआ है।

अमेरिकी महंगाई आंकड़ों ने बदला रुख

अगस्त महीने के दौरान अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में तेजी दर्ज की गई, जिसने मौद्रिक नीति में सख्ती की संभावनाओं को और पुख्ता कर दिया। शुक्रवार को ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत बढ़ा। इस बढ़ोतरी के साथ ही 12 महीने की अवधि में वार्षिक आधार पर यह आंकड़ा 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गया। ये दोनों ही प्रमुख आंकड़े बाजार के जानकारों के पिछले अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रहे हैं।

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वहीं खाद्य और ऊर्जा जैसी उतार-चढ़ाव वाली वस्तुओं को अलग रखने वाले कोर सीपीआई में मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत का इजाफा देखा गया। इससे पहले के महीने में इसमें 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी, जबकि विश्लेषकों ने इस बार भी 0.2 फीसदी की वृद्धि का ही अनुमान जताया था। कोर महंगाई के अनुमान से अधिक रहने के बाद बाजार में फेड द्वारा सख्ती की संभावनाएं काफी बढ़ गईं। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय बाजारों ने फेडरल रिजर्व की सितंबर बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना को लगभग 91 प्रतिशत तक आंक लिया है, जो अमेरिकी पीपीआई आंकड़ों से पहले महज 72 प्रतिशत दर्ज की जा रही थी।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक का कड़ा रुख

दूसरी तरफ यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने पिछले हफ्ते आयोजित अपनी सितंबर नीतिगत बैठक के दौरान जमा सुविधा दर को बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत कर दिया। नीति निर्माताओं द्वारा उठाया गया यह कदम विश्लेषकों की व्यापक अपेक्षाओं के अनुसार ही रहा। यह चालू वर्ष में ईसीबी की दूसरी ब्याज दर बढ़ोतरी थी, जिसके तहत जून में वर्ष 2023 के बाद पहली बार उधार लेने की लागत में वृद्धि की गई थी।

बार्कलेज के रणनीतिकारों का मानना है कि यूरोपीय केंद्रीय बैंक आने वाले समय में दरों में और इजाफा कर सकता है। नीति निर्माताओं के हालिया कड़े फैसले ने इस चिंता को और हवा दी है कि यूरो क्षेत्र में महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है, जिसे काबू में करने के लिए ब्याज दरों को और ऊपर ले जाना जरूरी हो सकता है।

तकनीकी चार्ट पर उतार-चढ़ाव और प्रमुख स्तर

दैनिक चार्ट के तकनीकी रुझानों को देखें तो यूरो बनाम डॉलर की जोड़ी बोलिंजर बैंड के निचले सिरे और 100-दिन के साधारण मूविंग एवरेज यानी एसएमए से ऊपर बनी हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी का आधार मौजूद है, लेकिन मौजूदा भाव बोलिंजर बैंड के मध्य स्तर से नीचे ही चल रहा है, जिससे ऊपर की चाल सीमित बनी हुई है। 14 दिनों का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 48.8 के आसपास दर्ज किया गया है, जो बिल्कुल तटस्थ रुख दर्शाता है। इसका मतलब है कि बाजार की गति संतुलित है और यह मुद्रा जोड़ी नजदीकी सपोर्ट तथा ऊपरी बाधाओं के बीच एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है।

ऊपरी स्तरों की बात करें तो पहला बड़ा प्रतिरोध बोलिंजर मिडिल बैंड एसएमए के पास 1.1628 पर स्थित है, जिसके बाद ऊपरी बैंड 1.1695 के आसपास दिखाई दे रहा है। यदि भाव इस स्तर तक जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। वहीं गिरावट की स्थिति में शुरुआती सहारा निचला बोलिंजर बैंड 1.1560 पर और 100-दिन का एसएमए 1.1555 पर दे रहा है, जो खरीदारी का एक मजबूत दायरा बनाते हैं। यदि दैनिक आधार पर भाव इस स्तर के नीचे बंद होता है तो इसमें और अधिक गिरावट की आशंका बन जाएगी, जबकि इस दायरे के ऊपर टिके रहने से भाव के 1.1628 की बाधा तक दोबारा पहुंचने की गुंजाइश बनी रहेगी।

हालिया लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह मुद्रा जोड़ी 1.15 के करीब बनी हुई है, जहां पिछला बंद भी 1.15 (+0.11%) रहा था। तकनीकी संकेतकों में आरएसआई 37 के आसपास दर्ज है, जबकि एमएसीडी का रुझान मंदा बना हुआ है। इसके 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 1.16 के स्तर पर हैं, जिससे लंबी अवधि का दबाव साफ झलकता है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में यूरो का दायरा

यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरो क्षेत्र का हिस्सा हैं। अमेरिकी डॉलर के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा मानी जाती है। साल 2022 में समस्त विदेशी मुद्रा लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा। यूरो और डॉलर की यह जोड़ी दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाली मुद्रा जोड़ी है, जिसकी हिस्सेदारी सभी विदेशी मुद्रा सौदों में लगभग 30 प्रतिशत आंकी जाती है। इसके बाद यूरो और येन की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत, यूरो और पाउंड की 3 प्रतिशत तथा यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की 2 प्रतिशत रहती है।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक पूरे यूरो क्षेत्र के लिए केंद्रीय बैंक का कार्य करता है। यह संस्था ब्याज दरें तय करने के साथ-साथ मौद्रिक नीति का प्रबंधन करती है। ईसीबी का मुख्य उद्देश्य कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है, जिसका सीधा अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आर्थिक विकास को गति देना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्याज दरों को घटाना या बढ़ाना इसका मुख्य हथियार होता है। प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें या दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें आमतौर पर यूरो को मजबूत बनाती हैं, जबकि इसके विपरीत स्थिति में मुद्रा कमजोर होती है।

ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार बैठकें आयोजित कर मौद्रिक नीति से जुड़े बड़े फैसले लेती है। इन फैसलों में यूरो क्षेत्र के सभी राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुख और ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य शामिल होते हैं।

आर्थिक संकेतकों और व्यापार संतुलन का प्रभाव

यूरो क्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के सामंजस्यपूर्ण पैमाने यानी एचआईसीपी के माध्यम से मापे जाने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़े यूरो की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो ईसीबी के लिए कीमतों को काबू में करने हेतु ब्याज दरें बढ़ाना अनिवार्य हो जाता है। अन्य देशों के मुकाबले ऊंची दरें वैश्विक निवेशकों को अपनी पूंजी लगाने के लिए आकर्षित करती हैं, जिससे यूरो में मांग बढ़ती है।

इसके अलावा सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के पीएमआई आंकड़े, रोजगार की स्थिति और उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण जैसे आंकड़े भी मुद्रा की सेहत दर्शाते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के साथ ही केंद्रीय बैंक को दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। यूरो क्षेत्र की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन हैं, जो मिलकर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का 75 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं। इसलिए इन देशों के आर्थिक आंकड़े अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं।

एक अन्य प्रमुख संकेतक व्यापार संतुलन है, जो किसी निर्धारित अवधि में निर्यात से होने वाली आय और आयात पर होने वाले खर्च के बीच के अंतर को दर्शाता है। यदि क्षेत्र के निर्यातों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा सामान खरीदने के लिए स्थानीय मुद्रा की मांग बढ़ने से यूरो की कीमत में सुधार आता है। यही कारण है कि सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को ताकत देता है, जबकि नकारात्मक संतुलन इसे कमजोर बनाता है।

अन्य मुद्राओं और जिंस बाजार का मिजाज

वैश्विक बाजार में डॉलर की तेजी का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर भी देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ हफ्ते की शुरुआत करते हुए शुक्रवार के निचले स्तर 0.7100 के मध्य दायरे में बना रहा। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई झड़पों ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को मजबूती प्रदान की। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से नीतिगत सख्ती की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बड़ी गिरावट को सीमित कर रही हैं।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर पिछले मंगलवार को छुए गए सात महीने के निचले स्तर के पास कंसोलिडेट कर रहा है। फेडरल रिजर्व की बैठक और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। वहीं सोने की कीमतों में भी शुक्रवार को 4,300 डॉलर से नीचे के स्तरों से आई मामूली तेजी टिक नहीं पाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित निवेश के रूप में समर्थन दिया है, जिससे बिना ब्याज वाली पीली धातु की तेजी पर ब्रेक लगा हुआ है।

सवाल-जवाब

सोमवार के शुरुआती सत्र में यूरो डॉलर के मुकाबले किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
सोमवार के शुरुआती एशियाई सत्र में यूरो डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 1.1585 के स्तर के आसपास पहुंच गया।
अगस्त में अमेरिका की वार्षिक उपभोक्ता महंगाई दर कितनी रही?
ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की 12 महीने की वार्षिक दर 3.4 प्रतिशत रही।
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कितनी आंकी जा रही है?
सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक वित्तीय बाजारों ने सितंबर की बैठक में 0.25 प्रतिशत दर वृद्धि की संभावना लगभग 91 प्रतिशत आंकी है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में क्या फैसला लिया था?
यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने पिछले सप्ताह अपनी जमा सुविधा दर को बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत कर दिया था, जो चालू वर्ष में उसकी दूसरी बढ़ोतरी है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार यूरो बनाम डॉलर जोड़ी के लिए मुख्य सपोर्ट स्तर क्या हैं?
इस जोड़ी के लिए तत्काल निचला सपोर्ट 1.1560 के बोलिंजर बैंड और 1.1555 के 100-दिवसीय एसएमए स्तर पर बना हुआ है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में यूरो और डॉलर जोड़ी की हिस्सेदारी कितनी है?
यूरो बनाम डॉलर दुनिया की सबसे सक्रिय मुद्रा जोड़ी है, जो कुल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय सौदों में लगभग 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है।
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