जापानी येन (JPY) के खिलाफ सट्टेबाजी करने वाले निवेशकों को एक कड़ा संदेश देते हुए अमेरिकी वित्त सचिव ने हाल ही में बैंक ऑफ जापान (BoJ) के आगामी कदमों के संबंध में "असममित जानकारी" (asymmetric information) होने का दावा किया है। वित्तीय विश्लेषण संस्थान कॉमर्जबैंक के विश्लेषक माइकल फिफ्स्टर के अनुसार, इस तरह की बयानबाजी का मुख्य उद्देश्य मुद्रा बाजार में येन की कमजोरी पर दांव लगाने वाले सट्टेबाजों को हतोत्साहित करना है। जापानी येन में लगातार आ रही गिरावट को रोकने के लिए अमेरिकी और जापानी वित्त विभागों द्वारा किए जाने वाले संभावित संयुक्त विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप की चेतावनी ने USD/JPY मुद्रा जोड़े में किसी भी बड़े उछाल पर अस्थाई रोक लगा दी है। इसके साथ ही, निवेशकों की नजर आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े नए संकेतों पर टिकी हुई है।
जापानी येन और कॉमर्जबैंक का विश्लेषण
कॉमर्जबैंक के वरिष्ठ विश्लेषक माइकल फिफ्स्टर ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि अमेरिकी वित्त सचिव द्वारा खुद को "हाउस" (कसीनो मालिक की भांति निर्णायक स्थिति) के रूप में पेश करना और बाजार सहभागियों को येन की कमजोरी पर दांव न लगाने की चेतावनी देना काफी असामान्य घटनाक्रम है। हाल के हफ्तों में जापान और अमेरिका के वित्त विभागों द्वारा मुद्रा बाजार में की गई संयुक्त वार्ताओं और संभावित हस्तक्षेपों की पृष्ठभूमि में यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्लेषण के अनुसार, इस कूटनीतिक और आर्थिक बयानबाजी का प्राथमिक लक्ष्य बाजार में अनिश्चितता पैदा करना है। यदि विदेशी मुद्रा व्यापारी इस बात से आश्वस्त नहीं हो सकते कि येन की कमजोरी बनी रहेगी, और मजबूत सरकारी हस्तक्षेप के कारण उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है, तो वे स्वाभाविक रूप से अपनी पोजीशन बनाने में सतर्कता बरतेंगे। यह अनिश्चितता कम से कम अल्पकालिक अवधि के लिए USD/JPY में किसी भी नए तेजी के रुझान को नियंत्रित करने में सफल रहेगी। हालांकि, माइकल फिफ्स्टर ने यह भी आगाह किया है कि बुनियादी आर्थिक कारकों का समर्थन मिले बिना येन में दीर्घकालिक मजबूती नहीं आ सकती। फिर भी, अमेरिकी वित्त सचिव के ये सख्त बयान यह सुनिश्चित करेंगे कि येन ने हाल ही में जो बढ़त हासिल की है, वह इतनी आसानी से खत्म न हो।
बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि और बाजार की अपेक्षाएं
बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना जताई जा रही है और वायदा बाजार में इसे पहले ही शामिल कर लिया गया है। जापानी केंद्रीय बैंक द्वारा मौद्रिक नीति को कड़ा करने की उम्मीदें लगातार बनी हुई हैं। हालांकि, फिफ्स्टर का मानना है कि बाजार में अत्यधिक अपेक्षाएं पहले से ही मौजूद होने के कारण जब तक BoJ के प्रत्यक्ष कदम जमीन पर दिखाई नहीं देते, तब तक येन में आगे की तेजी सीमित रह सकती है।
एशियाई कारोबार के दौरान USD/JPY दर 153.50 से ऊपर स्थिर बनी हुई है। हालांकि यह स्तर इस सप्ताह के शुरुआत में दर्ज किए गए सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब है। BoJ द्वारा दरों में आक्रामक वृद्धि की लगातार बनती उम्मीदों ने जापानी येन को मजबूत आधार प्रदान किया है। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने की अटकलों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को कुछ सहारा दिया है, जिससे डॉलर पर बना बिकवाली का दबाव कुछ कम हुआ है।
AUD/USD और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ों में, AUD/USD एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन (consolidation) की स्थिति में देखा जा रहा है। Reserve Bank of Australia (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की बढ़ती संभावनाओं के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है।
हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की इस बढ़त को अमेरिकी डॉलर से मिलने वाली चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों और मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को सुरक्षात्मक निवेश के रूप में समर्थन मिल रहा है। यह परस्पर विरोधी कारक AUD/USD को एक सीमित दायरे में रखे हुए हैं, जबकि विदेशी मुद्रा व्यापारी अमेरिकी मुद्रास्फीति संकेतकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सोने की कीमतें और अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े
कीमती धातुओं के बाजार में, सोने की कीमतों में $4,400 से नीचे के इंट्राडे निचले स्तर को छूने के बाद सुधार देखा गया है। पिछले दिन के एक सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बावजूद, सोना $4,450 के महत्वपूर्ण बिंदु से नीचे बना हुआ है। आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले बुलियन खरीदार बड़े दांव लगाने से हिचकिचा रहे हैं।
बाजार की नजर अब जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों पर है। अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) की रिपोर्ट आज जारी होनी है, जबकि बहुप्रतीक्षित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े शुक्रवार को सामने आएंगे। ये दोनों आंकड़े अमेरिका में महंगाई की स्थिति और फेडरल रिजर्व के अगले कदम को तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व का रुख
हाल ही में जारी अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट ने फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीति को लेकर चल रही बहस को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है, बल्कि इसने नीति निर्माताओं को अधिक रणनीतिक लचीलापन प्रदान किया है। श्रम बाजार में कई महीनों तक सुस्ती के संकेतों के बाद, अगस्त के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत वापसी दर्शाते हैं।
रोजगार बाजार में इस अप्रत्याशित सुधार ने फेड नीति निर्माताओं को तुरंत फैसला लेने के बजाय अपने सभी विकल्प खुले रखने की अनुमति दी है। निवेशक अब PPI और CPI आंकड़ों के जरिए यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या फेड सितंबर में अपनी मौद्रिक नीति को सख्त रखेगा या राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।



















