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अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाई फेड ब्याज दर वृद्धि की आशंका, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में फिसलनबाज़ार
19 सित॰ 2026, 5:40 pm (52 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाई फेड ब्याज दर वृद्धि की आशंका, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में फिसलन

अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के मजबूत आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को 86.2 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में आ गया है।

AUD/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का बैंड दायरा 0.71–0.72 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड (0.72) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के सामने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में दिखाई दे रहा है। नए कारोबारी सत्र में एशियाई बाजारों के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7160 के करीब नरम पड़ गई, जो हालिया गिरावट के बाद का स्तर है। इसके पीछे सबसे प्रमुख कारण संयुक्त राज्य अमेरिका से आए नए मुद्रास्फीति के आंकड़े हैं, जिन्होंने फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को काफी मजबूत कर दिया है। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिल रहे सख्त मौद्रिक संकेतों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की गिरावट को सीमित करने का प्रयास किया है।

अमेरिकी मुद्रास्फीति के ताज़ा आंकड़े और फेड की नीतिगत संभावनाएं

ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में मासिक आधार पर 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही पिछले 12 महीनों की वार्षिक मुद्रास्फीति दर 3.4% पर पहुंच गई है। ये दोनों आंकड़े डाउ जोन्स के आम सहमति अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रहे हैं।

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वहीं दूसरी तरफ, अधिक अस्थिर माने जाने वाले खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को अलग करके देखे जाने वाले कोर CPI में मासिक आधार पर 0.3% की बढ़ोतरी हुई, जो बाजार के 0.2% के अनुमान से थोड़ी अधिक थी। वार्षिक स्तर पर कोर मुद्रास्फीति 2.4% रही, जो जुलाई के 2.5% के मुकाबले हल्की कम है। उपभोक्ता महंगाई से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को जारी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के कई प्रमुख घटकों में भी जोरदार बढ़त देखने को मिली थी। इन मजबूत आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को नई ऊर्जा दी और अगले सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की आशंकाओं को हवा दे दी।

सीएमई के फेडवॉच टूल के मुताबिक, वित्तीय बाजारों ने सीपीआई डेटा आने के तुरंत बाद फेड की सितंबर बैठक में 25 आधार अंकों (चौथाई प्रतिशत) की दर वृद्धि की संभावना को 86.2% तक पहुंचा दिया, जो आंकड़े जारी होने से पहले केवल 72% आंकी जा रही थी। इस तरह ब्याज दर बढ़ने के बढ़ते दांव ने सीधे तौर पर अमेरिकी ग्रीनबैक को सहारा दिया और अन्य वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बना दिया।

यूओबी ग्रुप के रणनीतिकारों का तकनीकी विश्लेषण

यूओबी ग्रुप के रणनीतिकारों का मानना है कि कीमतों में तेज गिरावट के बावजूद AUD/USD पर उनका मध्यम अवधि का नजरिया बरकरार है। रणनीतिकारों ने रेखांकित किया कि पिछले शुक्रवार को जब यह जोड़ी 0.7205 के स्तर पर थी, तब उनका दृष्टिकोण यह था कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ऊपर की ओर बढ़ सकता है, लेकिन किसी भी बढ़त के 0.7160 से 0.7240 के दायरे में सीमित रहने की संभावना है।

इसके बाद यह जोड़ी कई दिनों तक ऊपर की ओर बढ़ती रही और दो दिन पहले 0.7238 के उच्च स्तर तक पहुंची। हालांकि, इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अचानक तेज बिकवाली आई और यह बीते सत्र में 0.83% गिरकर 0.7157 पर बंद हुआ। रणनीतिकारों का कहना है कि नीचे की ओर गति में यह तेजी दर्शाती है कि ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा 0.7120 के स्तर की ओर फिसल सकती है, जो निकट अवधि में मंदी के रुझान की ओर बदलाव का संकेत देती है।

इसके साथ ही रणनीतिकारों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7210 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से ऊपर निकलने में कामयाब होता है, तो इसका अर्थ यह होगा कि यह आगे भी एक सीमित दायरे में कारोबार करना जारी रखेगा। ऐसी स्थिति में अगले एक से तीन सप्ताह के दौरान 0.7160 से 0.7240 का समेकन दायरा प्रभावी बना रह सकता है।

तकनीकी स्तर और बोलिंजर बैंड्स का दायरा

चार्ट पर तकनीकी संकेतकों को देखें तो ऊपर की दिशा में तत्काल प्रतिरोध 0.7170 पर मध्य बोलिंजर बैंड पर दिखाई दे रहा है। इसके बाद अगला प्रमुख प्रतिरोध ऊपरी बोलिंजर बैंड के पास 0.7235 के करीब है, जहां कीमतों में किसी भी रिकवरी की कोशिश पर दोबारा दबाव देखने को मिल सकता है।

नीचे की तरफ, पहला सहारा 0.7100 के आसपास निचले बोलिंजर बैंड पर स्थित है। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगला महत्वपूर्ण समर्थन 0.7080 पर 100-दिवसीय मूविंग एवरेज पर मौजूद है। 100-दिवसीय औसत से नीचे फिसलने से मौजूदा तेजी का रुझान कमजोर पड़ जाएगा और बाजार में अधिक गहरी गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

ताजा लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, AUD/USD की जोड़ी 0.7121 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.7115 के बंद स्तर से 0.08% ऊपर है। इसका 52-सप्ताह का ट्रेडिंग दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है और वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर सामान्य बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 48 पर तटस्थ स्तर पर है, जबकि एमएसीडी 0.00 के सिग्नल के साथ मंदी का रुख दर्शा रहा है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय ईएमए 0.7142, 50-दिवसीय ईएमए 0.7107 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6955 पर है, जिसमें ईएमए50 का ईएमए200 से ऊपर रहना दीर्घकालिक अपट्रेंड और गोल्डन क्रॉस को बनाए हुए है। बोलिंजर बैंड्स का दायरा 0.7092 से 0.7239 के बीच बना हुआ है, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स 19 पर कमजोरी व सीमित दायरे का संकेत दे रहा है। स्टोकैस्टिक में फास्ट लाइन 23 और सिग्नल लाइन 14 पर है, जबकि 20-दिवसीय सपोर्ट 0.7087 और रेजिस्टेंस 0.7239 पर आंका गया है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्रमुख बुनियादी कारक: ब्याज दरें और चीनी मांग

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्यांकन में रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरें सबसे निर्णायक कारक मानी जाती हैं। आरबीए वह ब्याज दर तय करता है जिस पर ऑस्ट्रेलियाई बैंक आपस में उधार लेते हैं, जिसका असर पूरी अर्थव्यवस्था की उधारी लागत पर पड़ता है। आरबीए का मुख्य उद्देश्य ब्याज दरों को आवश्यकतानुसार घटा-बढ़ाकर 2-3% के बीच स्थिर मुद्रास्फीति बनाए रखना है। दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती देती हैं, जबकि कम दरें इसे कमजोर बनाती हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय बैंक मात्रात्मक सहजता और कड़ाई के जरिए ऋण स्थितियों को प्रभावित कर सकता है, जहां सहजता मुद्रा के लिए नकारात्मक और कड़ाई सकारात्मक साबित होती है।

चूंकि ऑस्ट्रेलिया एक संसाधन संपन्न देश है, इसलिए इसका सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार चीन इसकी अर्थव्यवस्था को गहराई से प्रभावित करता है। जब चीनी अर्थव्यवस्था में मजबूती आती है, तो वह ऑस्ट्रेलिया से भारी मात्रा में कच्चे माल, वस्तुओं और सेवाओं का आयात करती है। इससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की मांग बढ़ती है और उसके मूल्य में इजाफा होता है। इसके विपरीत, यदि चीन की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से धीमी रहती है, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग घट जाती है। यही कारण है कि चीन के आर्थिक विकास के आंकड़े सीधे तौर पर मुद्रा बाजार को प्रभावित करते हैं।

लौह अयस्क का निर्यात और व्यापार संतुलन की भूमिका

ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद लौह अयस्क (आयरन ओर) है, जिसका वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार सालाना मूल्य 118 बिलियन डॉलर रहा है और इसका प्राथमिक गंतव्य चीन है। इसलिए वैश्विक बाजारों में लौह अयस्क की कीमतें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सामान्य तौर पर जब लौह अयस्क के दाम चढ़ते हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में भी मजबूती आती है क्योंकि विदेशी खरीदारों को इसे खरीदने के लिए ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की अधिक जरूरत होती है। इसके उलट कीमतें गिरने पर मुद्रा दबाव में आ जाती है। लौह अयस्क के ऊंचे दाम देश के व्यापार संतुलन को सकारात्मक बनाने में भी मदद करते हैं।

व्यापार संतुलन, जो किसी देश द्वारा अपने निर्यातों से अर्जित धन और आयातों पर खर्च की गई राशि का अंतर होता है, मुद्रा के मूल्य का एक अन्य प्रमुख निर्धारक है। यदि ऑस्ट्रेलिया के निर्यातों की अंतरराष्ट्रीय मांग अधिक रहती है, तो व्यापार अधिशेष बनता है जिससे विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ता है और स्थानीय मुद्रा मजबूत होती है। यदि व्यापार संतुलन नकारात्मक या घाटे में रहता है, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर होने लगता है। इसके अतिरिक्त समग्र बाजार धारणा भी महत्वपूर्ण है, जहां जोखिम लेने का माहौल (रिस्क-ऑन) ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी विकास-संवेदनशील मुद्राओं के लिए सकारात्मक होता है, जबकि सुरक्षित विकल्पों की ओर भागने का दौर (रिस्क-ऑफ) इसे कमजोर करता है।

अन्य मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति

विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के अन्य क्षेत्रों में भी हलचल देखने को मिल रही है। जापानी थोक मुद्रास्फीति (पीपीआई) के तेज आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती की संभावनाओं को बढ़ाया, जिससे जापानी येन को नई गति मिली और USD/JPY शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में 154.00 के निचले स्तर की तरफ बना रहा। हालांकि अमेरिकी मुद्रास्फीति से पहले डॉलर के लचीलेपन ने इस जोड़ी में गिरावट को सीमित रखा।

दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी सुधार देखा गया और कीमती धातु मजबूती के साथ 4,440 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने में सफल रही। इस प्रकार सोने ने गुरुवार की गिरावट को पलट दिया, क्योंकि सप्ताह के अंत में अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव बना रहा। बाजार प्रतिभागी अब केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।

सवाल-जवाब

अमेरिकी अगस्त सीपीआई रिपोर्ट में मुद्रास्फीति के क्या आंकड़े सामने आए?
अगस्त में अमेरिकी सीपीआई मासिक आधार पर 0.4% और वार्षिक आधार पर 3.4% बढ़ा, जबकि कोर सीपीआई मासिक 0.3% और वार्षिक 2.4% दर्ज किया गया।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद फेड दर वृद्धि की संभावना कितनी हो गई?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, सितंबर बैठक में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना 72% से बढ़कर 86.2% हो गई।
यूओबी के रणनीतिकारों के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए क्या स्तर महत्वपूर्ण हैं?
यूओबी के अनुसार गिरावट में 0.7120 और 0.7100 का स्तर अहम है, जबकि ऊपर की ओर 0.7210 का स्तर मजबूत प्रतिरोध के रूप में काम कर रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्य को कौन से प्रमुख कारक प्रभावित करते हैं?
रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दरें, लौह अयस्क की कीमतें, चीन की आर्थिक वृद्धि और ऑस्ट्रेलिया का व्यापार संतुलन इसके मुख्य कारक हैं।
लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और मुद्रा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, जिससे 2021 में 118 बिलियन डॉलर की कमाई हुई थी और इसकी ऊंची कीमतें मुद्रा को मजबूत करती हैं।
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