जापान की राजधानी टोक्यो में अगस्त महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़े उम्मीदों के अनुरूप दर्ज किए गए हैं, जिससे बैंक ऑफ जापान (BoJ) के ब्याज दरों में बढ़ोतरी वाले सख्त नीतिगत रुख को मजबूत आधार मिला है। हालांकि, सरकारी ऊर्जा सब्सिडी के फिर से लागू होने से मुद्रास्फीति की रफ्तार पर कुछ लगाम लगी है, लेकिन सेवाओं की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। दूसरी ओर, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त वापसी के चलते पाउंड, यूरो, सोना और प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों में गिरावट दर्ज की जा रही है। फेडरल रिजर्व के रुख और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के संशोधनों के बाद निवेशकों ने अपनी रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया है।
टोक्यो में मुद्रास्फीति और बैंक ऑफ जापान का भावी रुख
सोसाइट जनरल के अर्थशास्त्रियों लियो साकिदा और जिन केनज़ाकी के विश्लेषण के अनुसार, अगस्त महीने का टोक्यो CPI आंकड़ा बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल अनुकूल रहा है। जापान सरकार द्वारा बिजली और गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी को पुनः शुरू करने के निर्णय ने मुद्रास्फीति दर को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाई है। यह सब्सिडी आने वाले अक्टूबर महीने के आंकड़ों तक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को दबाने का काम करेगी।
गैर-ताजा खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में थोक लागत दबावों के बावजूद नरमी देखी गई है। विशेषज्ञों का अनुमान था कि अगस्त से खाद्य पदार्थों की कीमतों में पुनः तेजी का दौर शुरू होगा, लेकिन उत्पादक स्तर की ऊंची लागतों को खुदरा उपभोक्ता कीमतों तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। इसके विपरीत, सेवाओं की मुद्रास्फीति में मुख्य रूप से मकान के किराये और मेडिकल शुल्कों में हुई वृद्धि के कारण तेजी आई है। यद्यपि इसका राष्ट्रव्यापी CPI पर सीमित प्रभाव पड़ा है, फिर भी अंतर्निहित मूल्य दबाव बाजार में बने हुए हैं, जो बैंक ऑफ जापान के सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती से पाउंड और यूरो में भारी गिरावट
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेज मजबूती ने अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव बढ़ा दिया है। शुक्रवार के कारोबार में पाउंड स्टर्लिंग (GBP/USD) अपनी साप्ताहिक गिरावट को बढ़ाते हुए 1.3500 के मध्य स्तर पर आ गया है। जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉर्श द्वारा दिए गए सख्त भाषण और अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन में दर्ज 79,000 की कटौती (-79K) के बाद डॉलर इंडेक्स में नया उछाल देखा गया है।
इसी प्रकार, यूरो (EUR/USD) की विनिमय दर में गिरावट और तेज हो गई है। शुक्रवार को यूरो टूटकर कई दिनों के निचले स्तर 1.1600 के करीब पहुंच गया। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेतकों और जैक्सन होल से मिले नीतिगत संकेतों के कारण वैश्विक निवेशक डॉलर परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे यूरो पर बिकवाली का दबाव गहरा गया है।
सोने में भारी गिरावट और डीजल क्रैक स्प्रेड का नया रिकॉर्ड
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में जारी साप्ताहिक गिरावट और तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,600 डॉलर के प्रमुख समर्थन स्तर को तोड़ते हुए कई दिनों के निचले स्तर पर आ गया है। सोने में आई इस कमजोरी का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर में चौतरफा मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में दर्ज की गई बढ़त है। वित्तीय बाजार के प्रतिभागी अब सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को नए सिरे से आंक रहे हैं।
दूसरी ओर, ऊर्जा बाजार में यद्यपि कच्चे तेल की कीमतें पिछले महीनों की तुलना में शांत नजर आ रही हैं, लेकिन डीजल बाजार से बिल्कुल अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। दिन के कारोबार के दौरान यह रिकॉर्ड 102.00 डॉलर प्रति बैरल से ठीक ऊपर पहुंच गया, जो रिफाइनिंग क्षमता पर दबाव और आपूर्ति चिंताओं को उजागर करता है।
डिजिटल परिसंपत्तियों पर दबाव, बिटकॉइन 80,000 डॉलर से नीचे फिसला
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी शुक्रवार को सुस्ती का माहौल देखा गया। बिटकॉइन (BTC) 81,000 डॉलर से 82,000 डॉलर के बीच बने कड़े प्रतिरोध स्तर को पार करने के दूसरे प्रयास में विफल रहने के बाद वापस 80,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया है। शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में आई इस गिरावट का असर पूरे डिजिटल एसेट स्पेस पर पड़ा है।
एथेरियम (ETH) और रिपल (XRP) ने भी बिटकॉइन के इस रुझान का अनुसरण किया। कारोबार के दौरान एथेरियम गिरकर 2,500 डॉलर के स्तर पर आ गया, जबकि रिपल 1.40 डॉलर के समर्थन स्तर की ओर नीचे की ओर फिसलता नजर आया। निवेशकों द्वारा जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पूंजी निकालने के कारण क्रिप्टो बाजार में यह नरमी देखी जा रही है।
केंद्रीय बैंकों के आगामी कदम और आर्थिक आंकड़ों पर बाजार की नजर
आगामी दिनों में वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने के लिए निवेशक अमेरिकी ISM निर्माता क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) और नए NFP आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति और फेडरल रिजर्व के भावी कदमों का संकेत मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य केंद्रीय बैंक भी नीतिगत फैसलों की तैयारी में हैं। रिजर्व बैंक ऑफ न्यू जीलैंड (RBNZ) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की व्यापक उम्मीद है, जहां बाजार की मुख्य नजर बैंक के आगे के नीतिगत मार्गदर्शन पर रहेगी। वहीं, बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा अपनी नीतिगत दरों को स्थिर बनाए रखने का अनुमान है, यद्यपि विश्लेषकों के बीच यह चर्चा गर्म है कि क्या कनाडा 2027 में दरों में वृद्धि करेगा।



















