मुंबई की फिनटेक कंपनी टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस का IPO आज 23 जून को बंद हो रहा है। निवेशकों के पास शाम 5:30 बजे तक ही बोली लगाने का मौका है। पहले दो दिनों में इस इश्यू को काफी सुस्त प्रतिक्रिया मिली है, और दूसरे दिन के अंत तक कुल ऑफर का सिर्फ 52% ही सब्सक्राइब हुआ था। ग्रे मार्केट के संकेत भी लिस्टिंग पर महज मामूली प्रीमियम की ओर इशारा कर रहे हैं।
सब्सक्रिप्शन की मौजूदा स्थिति
NSE के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1,70,88,162 इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां दर्ज हुई हैं, जबकि कुल IPO साइज़ 3,29,01,878 इक्विटी शेयर है। इस तरह यह इश्यू अपने कुल ऑफर का 52% सब्सक्राइब हुआ है।
IPO की पूरी संरचना
टर्टलमिंट ने 19 जून को अपना ₹882.67 करोड़ का IPO खोला था। इसमें ₹660.72 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹221.95 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल शामिल है। प्राइस बैंड ₹144 से ₹152 प्रति शेयर तय किया गया है और न्यूनतम बोली लॉट 98 इक्विटी शेयर है। IPO से पहले कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹4,476.08 करोड़ आंकी गई थी।
GMP क्या बता रहा है
इन्वेस्टर ग्रेन के मुताबिक 23 जून 2026 को सुबह 8:58 बजे तक टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹2 दर्ज किया गया। ₹152 के अपर प्राइस बैंड में यह GMP जोड़ने पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹154 बनती है, यानी प्रति शेयर केवल 1.32% का मामूली फायदा। यह BSE और NSE दोनों पर एक साधारण प्रीमियम लिस्टिंग का संकेत देता है।
कंपनी का कारोबार
टर्टलमिंट एक टेक-आधारित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों, बीमा सलाहकारों और बीमा कंपनियों को एक साथ जोड़ता है। यह मुख्य रूप से B30+ मार्केट्स पर फोकस करता है, यानी देश के शीर्ष 30 शहरों के बाहर के वे इलाके जहां बीमा की पहुंच अपेक्षाकृत कम है और खरीद के वक्त ग्राहकों को मार्गदर्शन की जरूरत होती है।
विश्लेषकों की बंटी राय
HEMS सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने इस IPO को लॉन्ग टर्म सब्सक्राइब रेटिंग दी है। उनके अनुसार कंपनी की PoSP लैंडस्केप में मजबूत पकड़ है और टेक-ड्रिवन ट्रेनिंग से संचालित एक विविध और ग्रैन्युलर डिजिटल पार्टनर नेटवर्क के जरिए पूरे भारत में स्केलेबल डिस्ट्रीब्यूशन किया जा रहा है। कई इंश्योरर पार्टनर्स के साथ दीर्घकालिक साझेदारियां हैं, कमाई लगातार मजबूत रही है और डिजिटल पार्टनर रिटेंशन भी ऊंचा है। इससे अनुकूल यूनिट इकोनॉमिक्स और ऑपरेटिंग लीवरेज बनते हैं, साथ ही मजबूत नेटवर्क और लर्निंग इफेक्ट्स के सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग फ्लाईव्हील भी काम करते रहते हैं।
बजाज ब्रोकिंग ने थोड़ा सतर्क नजरिया अपनाया है। उनके मुताबिक अपर प्राइस बैंड पर टर्टलमिंट की वैल्यूएशन ₹44.76 बिलियन है, जो FY25 रेवेन्यू का 6.5 गुना और बुक वैल्यू का 10.9 गुना बनती है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह वैल्यूएशन उचित तो कही जा सकती है लेकिन सस्ती नहीं, खासकर तब जब कंपनी अभी तक प्रॉफिटेबल नहीं हुई है। उनका सुझाव है कि यह IPO उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो 3-5 साल की लंबी अवधि तक निवेश बनाए रख सकते हैं। रिटर्न इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपने बड़े पैमाने को टिकाऊ मुनाफे में बदल पाती है या नहीं, नजदीकी लिस्टिंग गेन पर नहीं।
SBI सिक्योरिटीज ने न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखी है। उनके विश्लेषकों का कहना है कि टर्टलमिंट अपने डिजिटल पार्टनर्स और इंश्योरर पार्टनर्स के जरिए बीमा व अन्य वित्तीय उत्पादों का वितरण करता है। कंपनी अभी प्रॉफिट में नहीं आई है और ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी नेगेटिव है। इंडस्ट्री में स्थापित ऑफलाइन खिलाड़ियों और उभरते ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दोनों से तगड़ा मुकाबला है, और कमीशन स्ट्रक्चर बेहद रेगुलेटेड होने से बिज़नेस मॉडल पर असर पड़ सकता है। ₹152 के अपर प्राइस बैंड पर यह IPO पोस्ट इश्यू कैपिटल पर 9MFY26 एन्युअलाइज़्ड P/S के 4.5x पर वैल्यू है। SBI सिक्योरिटीज ने बताया कि वे लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाहियों तक कंपनी के प्रदर्शन को ट्रैक करना पसंद करेंगे।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीखें
IPO बंद होने के अगले दिन 24 जून 2026 को अलॉटमेंट होगा। निवेशक अपने आवेदन का स्टेटस BSE, NSE और IPO के रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजीज पर चेक कर सकते हैं। अलॉटमेंट के बाद पात्र और अपात्र निवेशकों की पहचान होगी, और 25 जून को रिफंड जारी किए जाएंगे या शेयर क्रेडिट किए जाएंगे।
लिस्टिंग की बात करें तो 26 जून को मुहर्रम की वजह से शेयर बाजार बंद रहेगा, इसलिए टर्टलमिंट BSE और NSE पर 29 जून 2026 को अपनी बाजार पारी शुरू करेगा।













