वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है, क्योंकि मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ते सुरक्षा संकट और ऊर्जा कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे 99.96 के आसपास स्थिर बना हुआ है। हाल के सत्रों में 99.80 के निचले स्तर तक गिरने के बाद डॉलर ने मामूली वापसी की थी, जिसे अब 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 99.74 पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, व्यापारी आज जारी होने वाले अमेरिका के महत्वपूर्ण नॉन-फॉर्म पेरोल (NFP) आंकड़ों से पहले बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक संकट और ऊर्जा बाजारों पर असर
सुरक्षित पनाहगाह के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने की मुख्य वजह खाड़ी क्षेत्र में गहराता भू-राजनीतिक तनाव है। सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दी गई चेतावनी के अनुसार, इराक के कुछ सशस्त्र गुट यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों के साथ मिलकर सऊदी राज्य पर निकट भविष्य में बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। इस खबर ने पूरे मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं को अत्यधिक बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में रिस्क प्रीमियम फिर से शामिल हो गया है।
इसके अलावा, हूथी विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है। साथ ही ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि ईरान एक ऐसे प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है जिसके तहत हॉर्मुज की जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अमेरिकी और इजराइली जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है। यह जलमार्ग दुनिया के कच्चे तेल परिवहन के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है। इन घटनाक्रमों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज रातभर उछाल देखने को मिला है। तेल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ने की नई चिंता पैदा हो गई है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी या लंबे समय तक ऊंची दरें बनाए रखने की संभावनाओं को बल मिला है।
यूएस डॉलर इंडेक्स का तकनीकी ढांचा और लाइव आंकड़े
तकनीकी नजरिए से देखें तो DXY 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज 99.74 से ऊपर बना हुआ है, जो इसके लिए एक गतिशील धरातल का काम कर रहा है। यदि सूचकांक इस मूविंग एवरेज के ऊपर बंद होने में सफल रहता है, तो आगे और सुधार का रास्ता खुला रहेगा। वहीं अगर 99.74 का स्तर नीचे की तरफ टूटता है, तो बाजार में गहरा करेक्शन देखने को मिल सकता है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यूएस डॉलर इंडेक्स का मौजूदा भाव 99.96 है, जो पिछले बंद भाव 99.97 के मुकाबले 0.01% की मामूली गिरावट दर्शाता है। सूचकांक की 52-सप्ताह की सीमा 95.55 से 101.80 के बीच रही है। वर्तमान में 14-दिवसीय RSI 40 पर है, जो तटस्थ से थोड़ा कमजोर सेंटिमेंट का संकेत देता है। MACD -0.21 पर है जो -0.05 के सिग्नल लाइन से नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि, दीर्घकालिक रुझान में 50-दिवसीय EMA (100.34) और 200-दिवसीय EMA (99.34) के बीच 'गोल्डन क्रॉस' बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक तेजी का रुझान अभी बरकरार है। निकट अवधि के प्रमुख स्तरों में पिवट प्वाइंट 99.96 पर है, जबकि रेजिस्टेंस स्तर R1 100.00 और R2 100.04 पर हैं। नीचे की ओर सपोर्ट स्तर S1 99.92 और S2 99.88 पर स्थित हैं, जबकि 20-दिवसीय मुख्य सपोर्ट 99.42 के करीब है।
अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल (NFP) का महत्व और फेड की नीति
नॉन-फॉर्म पेरोल डेटा अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स (BLS) द्वारा जारी की जाने वाली मासिक रोजगार रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा है। यह आंकड़ा कृषि क्षेत्र को छोड़कर पिछले महीने के दौरान अमेरिका में रोजगार में आए शुद्ध बदलाव को मापता है। यह डेटा फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से सीधा जुड़ा हुआ है, क्योंकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के पास दो मुख्य जिम्मेदारियां हैं: पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना और मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर बनाए रखना।
जब NFP के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो इसका मतलब होता है कि अर्थव्यवस्था में अधिक लोग काम कर रहे हैं और उनकी आय बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होती है। इस स्थिति से महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है, और इसे नियंत्रित करने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। इसके विपरीत, यदि NFP का आंकड़ा कमजोर रहता है, तो यह सुस्त श्रम बाजार और आर्थिक मंदी की ओर इशारा करता है, जिससे फेड ब्याज दरें घटाने के लिए प्रेरित होता है।
डॉलर और सोने पर पेरोल रिपोर्ट का प्रभाव
ऐतिहासिक रूप से, नॉन-फॉर्म पेरोल आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर के बीच सीधा सकारात्मक संबंध देखा जाता है। जब पेरोल संख्या अनुमान से बेहतर आती है, तो डॉलर में तेज उछाल आता है। इसके विपरीत, कमजोर आंकड़े डॉलर में बिकवाली का कारण बनते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मजबूत रोजगार आंकड़े फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की संभावना को बढ़ाते हैं।
दूसरी ओर, NFP आंकड़ों का सोने (Gold) की कीमतों के साथ नकारात्मक संबंध होता है। मजबूत पेरोल रिपोर्ट आमतौर पर सोने के दामों पर दबाव डालती है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है, इसलिए जब डॉलर मजबूत होता है तो एक औंस सोना खरीदने के लिए कम डॉलर की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, मजबूत रोजगार डेटा से ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद बनती है, जिससे बिना ब्याज देने वाले सोने में निवेश की तुलना में नकदी या सरकारी बॉन्ड में पैसा रखना अधिक आकर्षक हो जाता है।
पेरोल रिपोर्ट के अन्य प्रमुख घटक
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि NFP पूरी जॉब्स रिपोर्ट का केवल एक हिस्सा है। कई बार मुख्य पेरोल आंकड़ा मजबूत आने के बावजूद बाजार में विपरीत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है, अगर रिपोर्ट के अन्य घटक कमजोर हों। उदाहरण के लिए, यदि NFP का आंकड़ा अनुमान से अधिक रहे लेकिन औसत साप्ताहिक कमाई (Average Weekly Earnings) का आंकड़ा गिर जाए, तो बाजार इसे मुद्रास्फीति में कमी के रूप में देखता है और डॉलर पर दबाव बन जाता है। इसके अतिरिक्त, श्रम बल भागीदारी दर (Participation Rate) और औसत साप्ताहिक कार्य घंटे भी बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रमुख मुद्रा जोड़ों (GBP/USD और EUR/USD) की स्थिति
डॉलर में आई मजबूती का असर अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) दो दिनों की बढ़त के बाद फिर से बिकवाली के दबाव में आ गया है और गुरुवार को 1.3450 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। मध्य पूर्व में तनाव और डॉलर की मांग में सुधार ने पाउंड की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है।
इसी तरह, यूरो (EUR/USD) भी दबाव में है और उत्तर अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र के उत्तरार्ध में 1.1500 के निचले स्तर का परीक्षण कर रहा है। दो दिनों की लगातार बढ़त के बाद यूरो में यह गिरावट डॉलर में लौटी खरीदारी के कारण हुई है। दोनों ही मुद्रा जोड़ों के व्यापारी अब शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी NFP डेटा का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं, जो आगामी हफ्तों के लिए मुद्रा बाजार की दिशा तय करेगा।



















