डिजिटल बीमा क्षेत्र में कार्यरत टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस के शेयरों ने घरेलू शेयर बाजार में बेहद कमजोर शुरुआत की है। अपने सार्वजनिक निर्गम में बोली लगाने वाले निवेशकों को पहले ही कारोबारी सत्र में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। कंपनी के शेयर सोमवार को अपने 152 रुपये के निर्गम मूल्य की तुलना में 11 प्रतिशत से भी अधिक टूटकर बाजार में सूचीबद्ध हुए। शुरुआती सौदों से ही बिकवाली का दबाव साफ नजर आया, जिससे लिस्टिंग गेन की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
एक्सचेंजों पर लिस्टिंग के बाद और गहराया बिकवाली का दबाव
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस के शेयर 136.20 रुपये के भाव पर खुले। यह स्तर इसके 152 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 10.39 प्रतिशत कम था। हालांकि सुस्ती केवल शुरुआती घंटी तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि कारोबार आगे बढ़ने के साथ शेयर का भाव 13 प्रतिशत तक फिसलकर 132.15 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर भी हालात अलग नहीं रहे। वहां यह शेयर 11.25 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज करते हुए 134.90 रुपये पर लिस्ट हुआ। कमजोर लिस्टिंग के समय कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन 4,069.70 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
जून में खुला था 883 करोड़ रुपये का यह सार्वजनिक निर्गम
कंपनी का यह सार्वजनिक निर्गम 19 जून को खुला था और इसमें 23 जून तक बोलियां स्वीकार की गई थीं। कंपनी प्रबंधन ने इस निर्गम के लिए 1 रुपये के अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर का मूल्य दायरा 144 रुपये से 152 रुपये तय किया था। अंतिम तौर पर शेयरों का आवंटन 152 रुपये के ऊपरी स्तर पर किया गया था। इस पूरे सार्वजनिक निर्गम के जरिए टर्टलमिंट फिनटेक ने बाजार से कुल 883 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई थी।
सुस्त मांग और सीमित सब्सक्रिप्शन का दिखा असर
इस सार्वजनिक निर्गम के तहत कुल 5,80,70,398 इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें 661 करोड़ रुपये मूल्य के 4,34,68,552 नए शेयर शामिल थे, जबकि प्रवर्तकों ने बिक्री पेशकश यानी ओएफएस के जरिए 222 करोड़ रुपये मूल्य के 1,46,01,846 शेयर बेचे थे। बोली प्रक्रिया के दौरान निवेशकों की तरफ से बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली थी, जिसका सीधा असर पहले दिन के प्रदर्शन पर दिखा। आंकड़ों के अनुसार, पूरी बोली अवधि के दौरान यह निर्गम कुल मिलाकर महज 1.20 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। पर्याप्त मांग की कमी और सीमित सब्सक्रिप्शन के चलते लिस्टिंग के दिन बिकवाली हावी रही।

















