झारखंड के वायुमंडल में मौसमी गतिविधियों ने अचानक करवट ली है, जिसके चलते राजधानी सहित राज्य के विस्तृत भूभाग पर घने बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से साझा किए गए ताजा विश्लेषण के मुताबिक, सूबे के कई हिस्सों में गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है. रांची मौसम केंद्र ने मौजूदा वायुमंडलीय दबाव को देखते हुए भारी वर्षा के साथ-साथ तेज झक्कड़ चलने तथा आकाशीय बिजली गिरने की स्पष्ट चेतावनी जारी की है. इस मौसमी बदलाव के केंद्र में रांची, गुमला, सिमडेगा और खूंटी समेत कुल 13 प्रमुख जिले शामिल हैं, जहां दिनभर बादलों की गर्जना सुनाई दे सकती है.
इन 13 जिलों में जारी हुआ तेज हवा और वर्षा का अलर्ट
मौसम विज्ञानियों ने राज्य के जिन तेरह संवेदनशील इलाकों को सतर्क रहने को कहा है, उनमें गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी, धनबाद, रांची, जमशेदपुर, देवघर, गिरिडीह, रामगढ़, लोहरदगा तथा बोकारो शामिल हैं. इन सभी जनपदों में मूसलाधार बौछारों के साथ 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है. हालांकि राहत की बात यह है कि बाकी बचे 11 जिलों में किसी तरह का कठोर अलर्ट लागू नहीं किया गया है. मौसम केंद्र रांची के अनुसार, वायुमंडल में मौजूद नमी के कारण दिनभर रुक-रुक कर गर्जन और बारिश का यह सिलसिला सक्रिय बना रह सकता है.
विशेष रूप से 22 सितंबर को बिजली गिरने और आंधी चलने का जोखिम सबसे अधिक उन्हीं इलाकों में बना रहेगा जहां सघन वर्षा का पूर्वानुमान दर्ज है. राजधानी रांची के लिए तैयार किए गए विशिष्ट नगर पूर्वानुमान के अनुसार, 22 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से हवाएं बहने के साथ कड़कड़ाती बिजली कौंधने का खतरा है. इसके उपरांत 23 और 24 सितंबर को हवा के झोंकों की गति बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर तक पहुंच सकती है, इसलिए आम नागरिकों को खुले स्थानों में निकलने से पहले मौसम की स्थिति भांपने की सलाह दी गई है.
24 सितंबर को चरम पर पहुंचेगी मानसूनी वर्षा
आगामी सप्ताह के भीतर 24 सितंबर की तारीख मौसमी दृष्टिकोण से सर्वाधिक उथल-पुथल भरी साबित होने वाली है. मौसम विज्ञानियों के आंकलन के अनुसार, 24 सितंबर को सूबे के विस्तृत क्षेत्र में भीषण जलवृष्टि होने की चेतावनी प्रभावी की गई है, जबकि इसके आगे-पीछे यानी 23, 25 और 26 सितंबर को भी मूसलाधार बौछारों का दौर देखने को मिलेगा. संताल परगना और कोयलांचल की बात करें तो 24 सितंबर के दिन देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और धनबाद के कई हिस्सों में अत्यधिक तीव्र गति से बादलों के बरसने की प्रबल संभावना रेखांकित की गई है.
22 से 27 सितंबर तक का दैनिक मौसमी घटनाक्रम
पूरे सप्ताह के मौसम का खाका देखें तो 22 सितंबर को आसमान में लगातार बादलों का पहरा छाया रहेगा, जहां बीच-बीच में तेज रफ्तार हवाओं के थपेड़े और गरज-चमक के साथ पानी बरसेगा. इस दौरान रांची शहर का उच्च स्तर का पारा लगभग 29 डिग्री सेल्सियस तथा निचला स्तर 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की उम्मीद है. इसके बाद 23 सितंबर को बादलों का दायरा और विस्तृत हो जाएगा, जिसके असर से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो और धनबाद के छिटपुट इलाकों में जोरदार पानी गिरने के आसार हैं.
वहीं 24 सितंबर को चालू सप्ताह का सबसे आक्रामक मौसमी मिजाज देखने को मिलेगा, जिसके लिए मौसम विभाग ने सचेत रहने की आधिकारिक सूचना दी है. 25 सितंबर को भी भारी बारिश की आशंका बरकरार रहेगी और विभिन्न अंचलों में गरज के साथ पानी बरसता रहेगा. 26 सितंबर को वातावरण में आंधी और बिजली गिरने का संकट बदस्तूर जारी रहने का पूर्वानुमान है. अंततः 27 सितंबर को समूचे राज्य में कोई भी प्रतिकूल चेतावनी नहीं रखी गई है. इसका तात्पर्य यह कतई नहीं है कि वातावरण पूर्णतः सूखा हो जाएगा, बल्कि इसका अर्थ केवल इतना है कि जान-माल को प्रभावित करने वाले किसी अप्रत्याशित मौसमी खतरे का संकेत फिलहाल नहीं है.
तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की संभावित गिरावट
लगातार छाए बादलों और फुहारों के कारण आने वाले तीन-चार दिनों के दौरान सूबे के अधिकतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की स्पष्ट कमी दर्ज की जा सकती है. रांची में 22 सितंबर को जहां अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का आकलन है, वहीं 23 सितंबर को शहर का उच्च तापमान घटकर 28 डिग्री सेल्सियस और 24 सितंबर को गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने का अनुमान है.
बीते दिन यानी 21 सितंबर के आंकड़ों पर नजर डालें तो जमशेदपुर केंद्र में 2.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि राजधानी रांची में सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए चौबीस घंटों की अवधि में वर्षा का आंकड़ा शून्य रहा था, यद्यपि दिन के घंटों में राज्य के कई हिस्सों में स्थानीय मेघगर्जन और फुहारों की स्थिति बनी हुई थी. निष्कर्ष रूप में 22 सितंबर से शुरू हो रहा यह नया दौर 24 सितंबर को अपने चरम पर होगा, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने आमजन को आंधी-तूफान के समय खुले मैदानों, लंबे वृक्षों और विद्युत तारों के खंभों के नीचे शरण न लेने की कड़ी हिदायत दी है, क्योंकि 23 से 26 सितंबर के मध्य मानसूनी हलचल सर्वाधिक प्रचंड रूप में रहने वाली है.



















