अगस्त के शुरुआती दिनों में अमेरिका में निजी नियोक्ताओं द्वारा नई नौकरियां जोड़े जाने की रफ्तार में तेजी दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनियों ने हर हफ्ते औसतन 11.750K नौकरियां जोड़ी हैं, जो पिछले आंकड़ों के मुकाबले एक सकारात्मक सुधार को दर्शाता है।
साप्ताहिक रोजगार के आंकड़ों में सुधार
आठ अगस्त को समाप्त हुए चार हफ्तों के दौरान निजी क्षेत्र के भीतर नियुक्तियों की गति तेज हुई है। यह आंकड़ा पिछले हफ्ते के 9.5K के स्तर से बेहतर है, जिससे यह साफ होता है कि रोजगार बाजार में सुस्ती के बाद अब कुछ रिकवरी आ रही है। इस साप्ताहिक रिपोर्ट से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की श्रम स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है।
मुद्रा बाजार और अमेरिकी डॉलर पर असर
इस रोजगार रिपोर्ट के सामने आने के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.00 के आसपास उतार-चढ़ाव दिखा रहा है। वैश्विक बाजारों में व्यापक स्तर पर कम उतार-चढ़ाव के बीच ग्रीनबैक में बढ़त और गिरावट दोनों का सिलसिला जारी है। इसके साथ ही अन्य प्रमुख मुद्राओं के प्रदर्शन पर भी इसका असर देखा जा रहा है।
व्यापक आर्थिक और मुद्रास्फीति के मायने
श्रम बाजार की स्थिति किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को मापने का एक मुख्य पैमाना होती है। उच्च रोजगार और कम बेरोजगारी स्तर उपभोक्ताओं के खर्च को बढ़ावा देते हैं, जिससे आर्थिक वृद्धि को गति मिलती है। इसके अलावा, जब श्रमिकों की भारी कमी होती है और रिक्त पदों को भरने के लिए पर्याप्त लोग नहीं मिलते हैं, तो मजदूरी बढ़ती है। वेतन में होने वाली यह वृद्धि अंततः महंगाई और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों को भी प्रभावित करती है।
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां और मजदूरी वृद्धि
अर्थव्यवस्था में वेतन किस रफ्तार से बढ़ रहा है, यह नीति निर्माताओं के लिए बेहद मायने रखता है। अधिक वेतन का अर्थ है कि परिवारों के पास खर्च करने के लिए अधिक पूंजी है, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना रहती है। ऊर्जा की कीमतों जैसी अस्थिर मुद्रास्फीति के विपरीत, वेतन वृद्धि को दीर्घकालिक और लगातार बनी रहने वाली महंगाई का मुख्य हिस्सा माना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति तय करते समय मजदूरी के इन आंकड़ों पर विशेष नजर रखते हैं।
फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों के जनादेश
अलग-अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा श्रम बाजार की स्थितियों को दिए जाने वाले महत्व का आधार उनके अपने लक्ष्य होते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के पास अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देने और कीमतों को स्थिर रखने का दोहरा जनादेश है। इसके विपरीत, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) का एकमात्र उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना है। इसके बावजूद, केंद्रीय बैंकों की प्राथमिकताओं में अंतर होने के बावजूद श्रम बाजार का डेटा अर्थव्यवस्था की सेहत को समझने के लिए सबसे अहम संकेतकों में शुमार रहता है।
विदेशी मुद्रा बाजार और अन्य वैश्विक संपत्तियां
व्यापक वित्तीय बाजारों में विभिन्न मुद्रा जोड़े और संपत्तियां अलग-अलग रुख दिखा रही हैं। GBP/USD मुद्रा जोड़ी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एक सीमित दायरे में 1.3600 से ऊपर बनी हुई है, जबकि निवेशक ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का आकलन कर रहे हैं। इस बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, और खबरें हैं कि पाकिस्तान ईरान को घेराबंदी रोकने और समझौता ज्ञापन के तहत प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव ले कर गया है। दूसरी ओर, EUR/USD मुद्रा जोड़ी मंगलवार को 1.1700 के नीचे कारोबार कर रही है और रिकवरी के लिए संघर्ष कर रही है, क्योंकि मध्य पूर्व के घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी डॉलर को सतर्क रुख का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी आर्थिक कैलेंडर में मंगलवार को अगस्त के उपभोक्ता विश्वास आंकड़े भी शामिल रहे।
कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी का हाल
सोने की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियाई सत्र के शुरुआती घंटों में यह 4,697 डॉलर के तीन महीने के नए उच्च स्तर को छू चुकी थी। हालिया तेजी के बाद व्यापारी मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंच गया था। इसके विपरीत, बिटकॉइन ने अपनी बढ़त जारी रखी और मंगलवार को लिखने के समय 80,000 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा था, जो पिछले तीन वर्षों में इसकी सबसे मजबूत साप्ताहिक तेजी को दर्शाता है। इस रैली को संस्थागत मांग का लगातार समर्थन मिल रहा है, क्योंकि सोमवार को स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में पॉजिटिव इनफ्लो दर्ज किया गया था।
एशियाई बाजार अपडेट और ट्रेजरी के कदम
एशियाई बाजारों में लगातार दूसरे सत्र में भी दिशाहीन कारोबार का दौर जारी रहा। बेसेंट की टिप्पणियों और जैक्सन होल से पहले ईरान और फेड के दृष्टिकोण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जबकि ओमान के विदेश मंत्री मंगलवार को तेहरान का दौरा करने वाले हैं और पाकिस्तान ने एमओयू पर अपनी बात रखी है। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को घोषणा की कि वह 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक संचालन के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा।



















